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गर्भवती महिलाओं में 10 और 12 ग्राम प्रतिशत बीच हीमोग्लोबिन होना जरूरी
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sat, 08 Oct 2016 03:32 PM IST
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सीएचसी में मातृत्व सप्ताह के अंतर्गत आशाओं की बैठक हुई। जिसमें हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की जानकारी दी। अवगत कराया कि इस तरह की महिलाओं की घर-घर में जाकर चिह्नित करने के बाद 24 और 25 अक्तूबर को सीएचसी में जांच के लिए जाया जाएगा।
मातृत्व सप्ताह 14 से 25 अक्तूबर तक चलेगा। जिसमें स्वास्थ्य विभाग की टीम गर्भवती महिलाओं की जांच और उनके खानपान की जानकारी देगी। शुक्रवार को इस संबंध में सीएचसी के डॉक्टरों ने आशाओं की बैठक ली। उन्हें गर्भवती महिलाओं को होने वाली विभिन्न परेशानियों की जानकारी दी।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. प्रमोद कुमार ने आशाओं को अवगत कराया कि मातृत्व सप्ताह के दौरान गर्भवती महिलाओं को चिह्नित कर इसकी जानकारी अपने रजिस्टर में दर्ज करें।
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हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाले महिलाओं को समय सीमा के अंदर सीएचसी में जांच पड़ताल के लाना होगा। दूसरी ओर खानपान की भी जानकारी दें। मुजीबर्रहमान, बेबी, सुनीता, बबीता, मनोज, चंदवती, राखी, मधु, लक्ष्मी, पूनम, सीमा, कोमल, मीनाक्षी, गीता, शर्मिष्ठा, सुमन, बिमलेश रही।
इस संबंध में डॉ. विजय कुमार ने बताया कि जिस गर्भवती महिलाओं में सात ग्राम प्रतिशत हीमोग्लोबिन या उससे कम होता है तो यह गर्भवती महिलाओं के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। गर्भ धारण के समय ही महिलाओं को अधिक से अधिक मात्रा में पोषणयुक्त भोजन खाना चाहिए। गर्भवती महिलाओं में 10 और 12 ग्राम प्रतिशत बीच हीमोग्लोबिन होना चाहिए।
ये है लक्षण
हाईरिस्क प्रेग्नेंसी में बीपी हाई या लो होना, शुगर बढ़ना, पहला बच्चा बड़े ऑपरेशन से होना, पैरों में सूजन, खून की कमी ये गंभीर लक्षण है। इन लक्षणों से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को 24 और 25 अक्तूबर को सीएचसी में भर्ती कराया जाएगा।
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मातृत्व सप्ताह 14 से 25 अक्तूबर तक चलेगा। जिसमें स्वास्थ्य विभाग की टीम गर्भवती महिलाओं की जांच और उनके खानपान की जानकारी देगी। शुक्रवार को इस संबंध में सीएचसी के डॉक्टरों ने आशाओं की बैठक ली। उन्हें गर्भवती महिलाओं को होने वाली विभिन्न परेशानियों की जानकारी दी।
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सीएचसी अधीक्षक डॉ. प्रमोद कुमार ने आशाओं को अवगत कराया कि मातृत्व सप्ताह के दौरान गर्भवती महिलाओं को चिह्नित कर इसकी जानकारी अपने रजिस्टर में दर्ज करें।
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हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाले महिलाओं को समय सीमा के अंदर सीएचसी में जांच पड़ताल के लाना होगा। दूसरी ओर खानपान की भी जानकारी दें। मुजीबर्रहमान, बेबी, सुनीता, बबीता, मनोज, चंदवती, राखी, मधु, लक्ष्मी, पूनम, सीमा, कोमल, मीनाक्षी, गीता, शर्मिष्ठा, सुमन, बिमलेश रही।
इस संबंध में डॉ. विजय कुमार ने बताया कि जिस गर्भवती महिलाओं में सात ग्राम प्रतिशत हीमोग्लोबिन या उससे कम होता है तो यह गर्भवती महिलाओं के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। गर्भ धारण के समय ही महिलाओं को अधिक से अधिक मात्रा में पोषणयुक्त भोजन खाना चाहिए। गर्भवती महिलाओं में 10 और 12 ग्राम प्रतिशत बीच हीमोग्लोबिन होना चाहिए।
ये है लक्षण
हाईरिस्क प्रेग्नेंसी में बीपी हाई या लो होना, शुगर बढ़ना, पहला बच्चा बड़े ऑपरेशन से होना, पैरों में सूजन, खून की कमी ये गंभीर लक्षण है। इन लक्षणों से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को 24 और 25 अक्तूबर को सीएचसी में भर्ती कराया जाएगा।