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बाजार तो खुल गए, सरकार कुछ रियायत भी दे तो बात बने

Wed, 09 Jun 2021 11:16 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 09 Jun 2021 11:16 PM IST
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Markets have opened, even if the government gives some concessions, then it becomes a matter.
व्यापारियों की चिंता, लॉकडाउन और कोरोना कर्फ्यू में हुए नुकसान की कैसे होगी भरपाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कोरोना महामारी की पहली और दूसरी लहर ने व्यापारियों की कमर तोड़ दी। लॉकडाउन और कोरोना कर्फ्यू के दौरान कारोबार बंद होने से व्यापारियों को काफी नुकसान हुआ है। अब कोरोना संक्रमण कम होने पर जिले में एक जून से बाजार खुल गए। मगर, व्यापारी अपने नुकसान की कुछ भरपाई के लिए सरकार से आस लगाए हुए हैं। कोई बिजली बिल में तो कोई टैक्स में छूट चाहता है। उनका कहना है कि सरकारी मदद के बिना व्यापार को दोबारा पटरी पर लाना काफी मुश्किल होगा।
उप्र उघोग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अभिमन्यु गुप्ता का कहना है कि व्यापारियों की कमर कोरोना महामारी में टूट गई है। बाजार में फंसा पैसा नहीं आ रहा है। इससे ज्यादातर व्यापारी परेशान हैं। ऐसे में सरकार को सभी व्यापारियों के बिजली के बिल माफ कर देने चाहिए। बैंकों से लोन ले रखा है उनकी किश्तों का ब्याज माफ होना चाहिए। बिना ब्याज के व्यापारियों को ऋण मिलना चाहिए। जिससे पूंजी की कमी झेल रहे व्यापारी अपना कारोबार ठीक से कर सकें।
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सर्राफ मनोज वर्मा का कहना है सराफा व्यापारी लॉकडाउन और कोरोना कर्फ्यू में आर्थिक रूप से टूट गया है। सराफा कारोबारों को जीएसटी को लेकर रोज कागजी कार्रवाई करनी पड़ती है। सरकार जो हॉलमार्किंग ज्वैलरी की अनिवार्यता करने जा रही है, उससे पहले बागपत में सेंटर बनाया जाए। वरना यहां से कारोबारियों को मेरठ जाना पड़ेगा। जनपद में सेंटर खुलने से मेरठ नहीं जाना पड़ेगा। पिछले महीने का बिजली का बिल माफ हो। कोरोना कर्फ्यू हटने के बाद अपराध बढ़ने की आशंका है। सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त हों।
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पेंट के व्यापारी विनीत जैन का कहना है कि कोरोना कर्फ्यू हटने से व्यापारी खुश हैं। प्रशासन ने बाजार खुलने का समय प्रतिदिन सुबह 8 से शाम 7 तक किया हुआ। इसे सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक कर दिया जाए। इससे व्यापारी को आराम मिलेगा और वह स्वस्थ भी रहेंगे। इसके अलावा जितने समय दुकानें बंद रहीं, उतने समय का बिजली का बिल सरकार को माफ कर देना चाहिए। इससे व्यापारियों का थोड़ा पैसा तो बचेगा। इसके अलावा जीएसटी में भी छूट मिलनी चाहिए।
संयुक्त व्यापार वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष नंदलाल डोगरा का कहना है कि पहले लॉकडाउन और अब कोरोना कर्फ्यू से व्यापारियों को काफी नुकसान झेलना पड़ा है। दोबारा कारोबार पटरी पर आने में अभी काफी समय लग सकता है। जल्द ही बारिश का मौसम भी शुरू हो जाएगा। ऐसे में व्यापार फिर से कमजोर होगा। स्थानीय स्तर पर व्यापारियों का उत्पीड़न बंद होना चाहिए। प्रशासन को जो भी सहयोग चाहिए उसके लिए व्यापारी हमेशा तैयार हैं।

- हार्डवेयर व्यापारी श्रेयांस जैन का कहना है कि बाजार खुलते ही लोग लापरवाही करने लगे हैं। कुछ लोग तो बाजारों में बिना मास्क के घूमते हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण फिर से बढ़ सकता है। पुलिस को सभी बाजारों में अभियान चलाकर ऐसे लोगों के चालान काटने चाहिए। इसके अलावा कोरोना कर्फ्यू के दौरान के बिजली बिल और लोन के ब्याज में भी छूट मिले तो व्यापारियों को राहत मिलेगी।
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