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धरने पर कई शिक्षामित्रों की हालत बिगड़ी

Wed, 02 Aug 2017 01:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Wed, 02 Aug 2017 01:13 AM IST
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Many shikshamitra Condition worse
कलक्ट्रेट में धरने के दौरान बेहोश हुई शिक्षामित्र। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
समायोजन बहाल करने की मांग को लेकर शिक्षा मित्रों ने अपने परिवार के साथ मंगलवार को कलक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। इस दौरान कई महिला शिक्षा मित्रों की हालत बिगड़ गई। गर्मी के चलते बच्चों को मुसीबत झेलनी पड़ी। महिलाओं को प्राथमिक इलाज कराना पड़ा।
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आंदोलनकारी शिक्षा मित्रों के बच्चों ने आंदोलन के दौरान तिरंगा भी लहराया। शिक्षा मित्रों ने कहा मांगों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।  दूसरी तरफ शिक्षामित्र संघ के जिला उपाध्यक्ष कुशलता चौहान  ने बताया मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद संघ ने 15 दिन के लिए आंदोलन स्थगित कर दिया है।  
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षा मित्र आंदोलन की राह पर है। मंगलवार को शिक्षा मित्र अपने-अपने बच्चों को लेकर कलक्ट्रेट में धरना स्थल पर पहुंचे। कलक्ट्रेट में पहुंचे बच्चों ने तिरंगा लहराया और तख्तियों के जरिये अपनी मांग रखी।
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वक्ताओं ने कहा कहा सरकार को कानून में फेरबदल कर उनकी मांग पूरी करनी चाहिए। उनके परिवार में बेहद दुख का माहौल है। भाजपा सरकार ने उनकी सही पैरवी नहीं की है, इस कारण उनका समायोजन रद किया है। उनकी नौकरी पर जल्द विचार नहीं किया  तो आंदोलन उग्र होगा। जरूरत पड़ी तो बच्चों के साथ-साथ परिवार के लोगों को भी आंदोलन से जोड़ा जाएगा। 

सपा जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी और अर्जुन अवार्डी पहलवान शौकेंद्र तोमर कार्यकर्ताओं के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा  सपा सरकार ने उन्हें सहायक अध्यापक बनाया था, लेकिन भाजपा सरकार ने उन्हें सड़कों पर लाकर खड़ा कर दिया है, इसकी जिम्मेदार केंद्र और प्रदेश सरकार है। इसमें बिजेंद्र भाटी, कुशलता चौहान, राहुल भारत, सचिन शर्मा, भरत शर्मा, राजेश, राजेंद्र, पिंकी, सरला, ज्योति आदि शिक्षामित्र मौजूद रहे।

आत्महत्या से बढ़ती है निराशा 
शिक्षक नेता ने कहा शिक्षा मित्रों का प्रकरण को विधान परिषद में उठाया है। माध्यमिक शिक्षक संघ उनके साथ है। न्यायालय ने जो आदेश दिया, लेकिन विधायिका से कानून बनाकर शिक्षकों के हित में फैसला करना चाहिए।


उन्होंने कहा शिक्षकों को आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठाना चाहिए, इससे निराशा होती है और बच्चों को भी तख्तियां देना गलत है। एकता ही आपकी ताकत है, इसलिए एकजुट रहे। शिक्षक नेता ने कहा न्यायालय ने आदेश दिया तो सरकार को सार्थक पहल करनी चाहिए थी। उनके साथ कोई विकल्प प्रस्तुत नहीं किया है। उनके साथ जिलाध्यक्ष बल्लभ सिंह शर्मा, वीरेंद्र सिंह, रमेश त्यागी और राधेश्याम मौजूद रहे।  
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