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मालवीय डिग्री कॉलेज को बनाया अस्थाई जेल
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खेकड़ा (बागपत)। गांव अब्दुलपुर स्थित जिला जेल के बंदियों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए खेकड़ा स्थित महामना मालवीय डिग्री कॉलेज में अस्थाई जेल बनाई जा रही है। सभी नए बंदियों को इस जेल में ही रखा जाएगा। जेल अधीक्षक और तहसीलदार ने कॉलेज में पहुंचकर भवन को देखा और अध्यक्ष को साफ सफाई, पेयजल आपूर्ति, सीसीटीवी कैमरे आदि व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
बागपत जिला जेल की क्षमता 660 बंदियों की है। मगर, जेल में 800 से अधिक बंदी थे। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मार्च माह में इन बंदियों में से 150 से अधिक बंदियों को पैरोल आदि पर छोड़ा जा चुका है। अभी भी करीब 700 बंदी है। जेल में सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन कराने में तो दिक्कत आ ही रही है, साथ ही नए बंदियों से जेल में कोरोना संक्रमण के फैलने का भी खतरा बना हुआ है। इसके चलते शासन ने अस्थाई जेल शुरू कराने का निर्णय लिया है। प्रशासन ने इस अस्थाई जेल के लिए शहर स्थित महामना मालवीय डिग्री कॉलेज को उपयुक्त माना है। मंगलवार की दोपहर जेल अधीक्षक सुरेश कुमार सिंह और तहसीलदार यदुवंश कुमार ने कॉलेज में पहुंचकर निरीक्षण कर बंदियों के लिए परिसर में बनाए गए बृहस्पति भवन का चयन किया। प्राचार्य डॉ जगदीश कुमार और प्रबंध समिति अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा को हाल की साफ सफाई कराने, बिजली, पेयजल व सीसीटीवी कैमरे आदि सभी व्यवस्थाए दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। जेल अधीक्षक सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि जेल में जो बंदी बंद है। उन्हें कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए शासन ने यह निर्णय लिया है।
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बागपत जिला जेल की क्षमता 660 बंदियों की है। मगर, जेल में 800 से अधिक बंदी थे। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मार्च माह में इन बंदियों में से 150 से अधिक बंदियों को पैरोल आदि पर छोड़ा जा चुका है। अभी भी करीब 700 बंदी है। जेल में सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन कराने में तो दिक्कत आ ही रही है, साथ ही नए बंदियों से जेल में कोरोना संक्रमण के फैलने का भी खतरा बना हुआ है। इसके चलते शासन ने अस्थाई जेल शुरू कराने का निर्णय लिया है। प्रशासन ने इस अस्थाई जेल के लिए शहर स्थित महामना मालवीय डिग्री कॉलेज को उपयुक्त माना है। मंगलवार की दोपहर जेल अधीक्षक सुरेश कुमार सिंह और तहसीलदार यदुवंश कुमार ने कॉलेज में पहुंचकर निरीक्षण कर बंदियों के लिए परिसर में बनाए गए बृहस्पति भवन का चयन किया। प्राचार्य डॉ जगदीश कुमार और प्रबंध समिति अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा को हाल की साफ सफाई कराने, बिजली, पेयजल व सीसीटीवी कैमरे आदि सभी व्यवस्थाए दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। जेल अधीक्षक सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि जेल में जो बंदी बंद है। उन्हें कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए शासन ने यह निर्णय लिया है।
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