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Baghpat News: धूमधाम से निकाली गई भगवान श्रीकृष्ण की बरात
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खेकड़ा में निकाली गई भगवान कृष्ण की बरात में शामिल श्रद्वालु
- फोटो : KAHKRA
खेकड़ा। मोहल्ला रामपुर स्थित सदाशिव शक्ति मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण के विवाह की लीला प्रसंग का वर्णन किया। श्रद्धालुओं ने नगर में बैंडबाजों के साथ धूमधाम से भगवान श्रीकृष्ण की बरात निकाली। श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की जयजयकार कर झूूमते रहे।
भागवत कथा में शुक्रवार को भगवान कृष्ण और रुक्मणी के विवाह का वृतांत सुनाया गया। पूजा-अर्चना के साथ नगर में भगवान श्रीकृष्ण की बरात निकाली गई। भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित मनमोहक भजनों की धुनो पर श्रद्धालु भाव विभोर होकर झूम उठे। बरात शाह गार्डन मोहल्ला रामपुर, वाल्मीकि चौक, अहिरान चौक, पांडव चौक, तांगा स्टेंड, पाठशाला रोड से होते हुए वापस कथा स्थल में पहुंची।
कथा व्यास कृष्ण भक्त जयदेव महाराज ने भगवान कृष्ण के विवाह की लीला का विस्तार से वर्णन किया। कहा कि भगवान भाव के भूखे होते हैं। मानव जन्म सांसारिक सुखों के उपभोग के लिए नहीं बल्कि ईश्वर प्राप्ति के लिए लगाएं। ईश्वर के स्मरण मात्र से ही दुखों का अंत हो जाता है। भगवान की प्राप्ति के लिए भक्ति जरूरी है। भक्ति भाव की व्याख्या करते हुए कहा कि गोपियां कृष्ण के साथ वन में नहीं गई और न ही घर का त्याग किया। फिर भी स्वधर्म का पालन करते हुए भगवान श्रीकृष्ण को पा लिया।
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भागवत कथा में शुक्रवार को भगवान कृष्ण और रुक्मणी के विवाह का वृतांत सुनाया गया। पूजा-अर्चना के साथ नगर में भगवान श्रीकृष्ण की बरात निकाली गई। भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित मनमोहक भजनों की धुनो पर श्रद्धालु भाव विभोर होकर झूम उठे। बरात शाह गार्डन मोहल्ला रामपुर, वाल्मीकि चौक, अहिरान चौक, पांडव चौक, तांगा स्टेंड, पाठशाला रोड से होते हुए वापस कथा स्थल में पहुंची।
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कथा व्यास कृष्ण भक्त जयदेव महाराज ने भगवान कृष्ण के विवाह की लीला का विस्तार से वर्णन किया। कहा कि भगवान भाव के भूखे होते हैं। मानव जन्म सांसारिक सुखों के उपभोग के लिए नहीं बल्कि ईश्वर प्राप्ति के लिए लगाएं। ईश्वर के स्मरण मात्र से ही दुखों का अंत हो जाता है। भगवान की प्राप्ति के लिए भक्ति जरूरी है। भक्ति भाव की व्याख्या करते हुए कहा कि गोपियां कृष्ण के साथ वन में नहीं गई और न ही घर का त्याग किया। फिर भी स्वधर्म का पालन करते हुए भगवान श्रीकृष्ण को पा लिया।
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