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नम आंखों से शहीद को दी अंतिम विदाई
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जम्मू कश्मीर के शोपियां जिले में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए बागपत के लुहारी गांव निवासी जवान पिं
- फोटो : BARAUT
नम आंखों से शहीद को दी अंतिम विदाई
मेरठ से सेना के वाहन में लाया गया पार्थिव शरीर, हजारों लोगों ने दी श्रद्धांजलि, सैन्य सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार
शनिवार को जम्मू कश्मीर के शोपियां में शहीद हो गए थे लुहारी गांव के पिंकू कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत(बागपत)। लुहारी गांव के शहीद जवान पिंकू कुमार का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर सेना के वाहन में सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे पैतृक गांव लाया गया। उनके अंतिम दर्शन के लिए हजारों क्षेत्रवासियों की भीड़ उमड़ पड़ी। गांव से करीब चार किलोमीटर लंबा सफर तय करके अंतिम यात्रा यमुना किनारे पहुंची। मेरठ से आए थर्ड जाट बटालियन के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। शहीद के 15 वर्षीय भतीजे अर्जुन ने पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी।
लुहारी गांव के पिंकू कुमार (38) वर्ष 2001 में मेरठ से सेना में भर्ती हुए थे। वर्तमान में वह जम्मू कश्मीर में हवलदार पद पर 6 जाट बटालियन में तैनात थे। 27 मार्च की रात लगभग सवा आठ बजे वह जम्मू कश्मीर के शोपियां में एक ऑपरेशन को अंजाम दे रहे थे। इसी दौरान आतंकवादियों की गोली से वह शहीद हो गए। सोमवार को मेरठ से सेना के वाहन में तिरंगे में लपेटकर उनके पार्थिव शरीर को लुहारी गांव लाया गया।
सैकड़ों वाहनों में साथ चले लोग
बड़ौत पहुंचने पर सैकड़ों ट्रैक्टर और बाइकों के काफिले ने सेना के वाहन की अगवानी की। लुहारी गांव तक विशाल जुलूस देश भक्ति के नारे लगाते हुए पहुंचा। सेना के जवानों के साथ डीएम राजकमल यादव, एसपी अभिषेक सिंह समेत पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों का अमला भी जुलूस के साथ चला। गांव पहुंचने पर हवलदार पिंकू कुमार का पार्थिव शरीर उनके घर के आंगन मेें उतारा गया। जहां अंतिम दर्शन के लिए भीड़ उमड़ पड़ी।
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परिजनों का हुआ बुरा हाल
शहीद की पत्नी कविता, बेटी शैली और अंजलि, पिता जबर सिंह, माता कमलेश देवी, भाई मनोज फफक कर रो पड़े। परिजनों व रिश्तेदारों ने किसी तरह उन्हें संभाला। पत्नी और बेटियों ने भारत माता की जय के उद्घोष के साथ पिंकू कुमार को नम आंखों से विदाई दी।
पिता को सौंपा तिरंगा
सेना के मेरठ हेड क्वार्टर के कमांडर अर्जुन सिंह राठौर, बागपत सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह, डीएम व एसपी सिंह सहित हजारों लोगों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। जवानों ने शहीद के पिता जबर सिंह को तिरंगा सौंपा। दो मिनट का मौन धारण कर शहीद को श्रद्धांजलि दी।
अंतिम विदाई देते हुए नम हुई हजारों आंखें
लोगों ने भारत माता के जयकारे लगाकर शहीद को नमन किया और अंतिम दर्शन किए। अंतिम यात्रा उनके घर से शुरू हुई तो हजारों की भीड़ ‘जब तक सूरज चांद रहेगा पिंकू तेरा नाम रहेगा’ का उद्घोष करते हुए यमुना के घाट तक पहुंची। पूरे रास्ते गली-मोहल्लों की छतों से शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प वर्षा की गई। यमुना के घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
परिवार को 15 लाख का चेक सौंपा
डीएम राजकमल यादव ने शहीद पिंकू के पिता जबर सिंह को सीएम द्वारा घोषित 50 लाख की आर्थिक सहायता में से 15 लाख का चेक सौंपा। सीएम ने पिंकू कुमार के परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, जिले की एक सड़क का नामकरण शहीद के नाम करने की घोषणा की है।
शोक संवेदना देने वालों में ये रहे शामिल
सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह, केपी मलिक, सपा जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी, रालोद के जिलाध्यक्ष जगपाल सिंह, पूर्व विधायक वीरपाल राठी, प्रमेंद्र तोमर, पूर्व प्रमुख सतेंद्र मलिक, रालोद नेता विश्वास चौधरी, सतीश चौधरी, अरुण तोमर, अर्जुन अवार्डी शौकेंद्र पहलवान, ओमबीर ढाका, सुनील पंवार एडवोकेट, पूर्व प्रधान राजपाल, डॉ. संजीव आर्य, पूर्व प्रधान सुधीर, अनुज दांगी, सुबोध राणा, डॉ. योगेश जिंदल, मोहित मुखिया, राहुल जौनमाना आदि।
ये रहेे छह जाट बटालियन के जवान
नरेंद्र सिंह, सतेंद्र सिंह, शेखर राणा, प्रह्लाद, रिंकू, बिमेश कटुवाल श्रीचंद चाहर, राजेन्द्र सिंह, गनपत लाल, मुकेश, महिपाल, अतेंद्र, ललित, कर्मवीर सिंह, मकरदित्या शहीद पिंकू कुमार का पार्थिव शरीर लेकर लुहारी गांव पहुंचे। टीम को स्टेशन कमांडर अर्जुन सिंह राठौड़ लीड कर रहे थे और तीन जाट बटालियन के गार्डों ने सलामी दी।
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मेरठ से सेना के वाहन में लाया गया पार्थिव शरीर, हजारों लोगों ने दी श्रद्धांजलि, सैन्य सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार
शनिवार को जम्मू कश्मीर के शोपियां में शहीद हो गए थे लुहारी गांव के पिंकू कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत(बागपत)। लुहारी गांव के शहीद जवान पिंकू कुमार का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर सेना के वाहन में सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे पैतृक गांव लाया गया। उनके अंतिम दर्शन के लिए हजारों क्षेत्रवासियों की भीड़ उमड़ पड़ी। गांव से करीब चार किलोमीटर लंबा सफर तय करके अंतिम यात्रा यमुना किनारे पहुंची। मेरठ से आए थर्ड जाट बटालियन के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। शहीद के 15 वर्षीय भतीजे अर्जुन ने पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी।
लुहारी गांव के पिंकू कुमार (38) वर्ष 2001 में मेरठ से सेना में भर्ती हुए थे। वर्तमान में वह जम्मू कश्मीर में हवलदार पद पर 6 जाट बटालियन में तैनात थे। 27 मार्च की रात लगभग सवा आठ बजे वह जम्मू कश्मीर के शोपियां में एक ऑपरेशन को अंजाम दे रहे थे। इसी दौरान आतंकवादियों की गोली से वह शहीद हो गए। सोमवार को मेरठ से सेना के वाहन में तिरंगे में लपेटकर उनके पार्थिव शरीर को लुहारी गांव लाया गया।
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सैकड़ों वाहनों में साथ चले लोग
बड़ौत पहुंचने पर सैकड़ों ट्रैक्टर और बाइकों के काफिले ने सेना के वाहन की अगवानी की। लुहारी गांव तक विशाल जुलूस देश भक्ति के नारे लगाते हुए पहुंचा। सेना के जवानों के साथ डीएम राजकमल यादव, एसपी अभिषेक सिंह समेत पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों का अमला भी जुलूस के साथ चला। गांव पहुंचने पर हवलदार पिंकू कुमार का पार्थिव शरीर उनके घर के आंगन मेें उतारा गया। जहां अंतिम दर्शन के लिए भीड़ उमड़ पड़ी।
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परिजनों का हुआ बुरा हाल
शहीद की पत्नी कविता, बेटी शैली और अंजलि, पिता जबर सिंह, माता कमलेश देवी, भाई मनोज फफक कर रो पड़े। परिजनों व रिश्तेदारों ने किसी तरह उन्हें संभाला। पत्नी और बेटियों ने भारत माता की जय के उद्घोष के साथ पिंकू कुमार को नम आंखों से विदाई दी।
पिता को सौंपा तिरंगा
सेना के मेरठ हेड क्वार्टर के कमांडर अर्जुन सिंह राठौर, बागपत सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह, डीएम व एसपी सिंह सहित हजारों लोगों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। जवानों ने शहीद के पिता जबर सिंह को तिरंगा सौंपा। दो मिनट का मौन धारण कर शहीद को श्रद्धांजलि दी।
अंतिम विदाई देते हुए नम हुई हजारों आंखें
लोगों ने भारत माता के जयकारे लगाकर शहीद को नमन किया और अंतिम दर्शन किए। अंतिम यात्रा उनके घर से शुरू हुई तो हजारों की भीड़ ‘जब तक सूरज चांद रहेगा पिंकू तेरा नाम रहेगा’ का उद्घोष करते हुए यमुना के घाट तक पहुंची। पूरे रास्ते गली-मोहल्लों की छतों से शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प वर्षा की गई। यमुना के घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
परिवार को 15 लाख का चेक सौंपा
डीएम राजकमल यादव ने शहीद पिंकू के पिता जबर सिंह को सीएम द्वारा घोषित 50 लाख की आर्थिक सहायता में से 15 लाख का चेक सौंपा। सीएम ने पिंकू कुमार के परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, जिले की एक सड़क का नामकरण शहीद के नाम करने की घोषणा की है।
शोक संवेदना देने वालों में ये रहे शामिल
सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह, केपी मलिक, सपा जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी, रालोद के जिलाध्यक्ष जगपाल सिंह, पूर्व विधायक वीरपाल राठी, प्रमेंद्र तोमर, पूर्व प्रमुख सतेंद्र मलिक, रालोद नेता विश्वास चौधरी, सतीश चौधरी, अरुण तोमर, अर्जुन अवार्डी शौकेंद्र पहलवान, ओमबीर ढाका, सुनील पंवार एडवोकेट, पूर्व प्रधान राजपाल, डॉ. संजीव आर्य, पूर्व प्रधान सुधीर, अनुज दांगी, सुबोध राणा, डॉ. योगेश जिंदल, मोहित मुखिया, राहुल जौनमाना आदि।
ये रहेे छह जाट बटालियन के जवान
नरेंद्र सिंह, सतेंद्र सिंह, शेखर राणा, प्रह्लाद, रिंकू, बिमेश कटुवाल श्रीचंद चाहर, राजेन्द्र सिंह, गनपत लाल, मुकेश, महिपाल, अतेंद्र, ललित, कर्मवीर सिंह, मकरदित्या शहीद पिंकू कुमार का पार्थिव शरीर लेकर लुहारी गांव पहुंचे। टीम को स्टेशन कमांडर अर्जुन सिंह राठौड़ लीड कर रहे थे और तीन जाट बटालियन के गार्डों ने सलामी दी।