फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Kokab Hameed reached Rallod's meeting

रालोद की सभा में पहुंचे कोकब हमीद

Tue, 05 Sep 2017 01:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Tue, 05 Sep 2017 01:07 AM IST
विज्ञापन
Kokab Hameed reached Rallod's meeting
पुराना कस्बे में नवाब कोकब हमीद का स्वागत करते जयंत चौधरी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सियासत फिर रंग बदलने लगी है। पूर्व मंत्री नवाब कोकब हमीद एक बार फिर रालोद के खेमे में खड़े दिख रहे हैं। बसपा से चुनाव लड़ चुके उनके बेटे अहमद हमीद रालोद की सभा में शामिल हुए, इसके बाद पुराने कसबे में जयंत चौधरी और नवाब कोकब हमीद ने गुफ्तगू की। एलान नहीं हुआ, लेकिन अटकलें लगाई जा रही है कि भविष्य की राजनीति का तानाबाना बुना जा रहा है। पेंच यह है सपा के नेता भी गोपनीय तरीके से उन पर डोरे डाल रहे हैं।  
विज्ञापन


वेस्ट यूपी की राजनीति में पूर्व मंत्री नवाब कोकब हमीद का अपना रसूख है, लेकिन वर्ष 2012 के चुनाव में बसपा की हेमलता चौधरी से हार जाने के बाद वह सक्रिय राजनीति से दूर हो गए। फिर ऐसे बीमार पड़े कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के राजनीतिक परिदृश्य से भी गायब रहे, लेकिन वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में  नवाब ने अपने बेटे अहमद हमीद को बसपा के टिकट पर बागपत सीट से चुनाव लड़ाया, लेकिन हार गए।
विज्ञापन


यहीं से फिर से भविष्य की राजनीति बदलने लगे। नवाब कोकब हमीद अपने बेटे के लिए भविष्य की राजनीति का तानाबाना बुनने में लगे हैं। बागपत सीट का समीकरण देखें तो जाट-मुस्लिम गठबंधन होते ही वह सब पर भारी पड़ते दिखते हैं। रालोद भी चाहता है मुस्लिम फिर से उनके साथ जुड़ें। यही कारण है कि नजदीकियां बढ़ रही है। सोमवार को यह साबित भी हुआ। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अग्रवाल धर्मशाला में अहमद हमीद रालोद के मंच पर पहुंचे। इसके बाद जयंत चौधरी पुराने कसबे के एक मकान में पूर्व मंत्री नवाब कोकब हमीद से मिले। दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई। अहमद हमीद ने बसपा छोड़कर रालोद में शामिल होने का एलान नहीं किया है।

नवाब कोकब हमीद भी यह कहते रहे हैं  उन्होंने तो कभी रालोद ही नहीं छोड़ी, लेकिन इसके बावजूद सियासत में दूरियां बनी थी, अब उन्हें फिर से खत्म करने का सिलसिला शुरू हो गया है। एलान भले ही न हुआ हो, लेकिन तय माना जा रहा है  नवाब कोकब हमीद फिर से रालोद में शामिल हो सकते हैं। 


उधर, सियासी गलियारों में चर्चा है सपा नेता भी पूर्व मंत्री से संपर्क साध रहे हैं, लेकिन इसे पूरी तरह गोपनीय रखा जा रहा है। सामने सियासत की जो तस्वीरें हैं, उनमें नवाब अहमद और रालोद साथ खड़े हैं। नवाब कोकब अहमद के अगले कदम से सपा और रालोद की सियासत का गणित तो बदलेगी ही, उनके बेटे की राजनीति का भविष्य भी तय होगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed