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ई-गन्ना एप पर जानिए सर्वे, सट्टा और पर्चियों का हाल
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प्ले स्टोर में ई-गन्ना ऐप
- फोटो : BAGHPAT
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ई-गन्ना एप पर जानिए सर्वे, सट्टा और पर्चियों का हाल
बागपत। नए पेराई सत्र से पहले गन्ना विभाग ई-गन्ना प्रणाली को पूरी तरह लागू करने की कवायद में जुटा है। वेबसाइट के अलावा इस बार मोबाइल एप ई-गन्ना पर भी किसान अपने सर्वे, सट्टा और पर्चियों का हाल देख सकेंगे। विभाग की वेबसाइट पर एप के लिए लिंक दिया गया है। एप पर प्रदेश के सभी किसानों का डाटा उपलब्ध है। किसानों को समिति कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
गन्ना विभाग इस बार ई-गन्ना प्रणाली सिस्टम को पूरी तरह लागू करने में जुटा है। किसानों को इससे अधिक लाभ मिल सकेगा। जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती ने बताया कि प्ले स्टोर या विभाग की वेबसाइट पर ई-गन्ना एप का लिंक दिया गया है। किसान प्ले स्टोर से इसे डाउनलोड कर सकते हैं। इसके बाद गन्ना समिति में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या बैंक अकाउंट नंबर एप में फीड करना होगा। जिसके बाद एप चालू हो जाएगा। इस एप के माध्यम से किसान प्राइमरी कैलेंडर, फाइनल कैलेंडर, पर्चियों की स्थिति, सट्टा, मिल में गन्ना तुलने के बाद मिलने वाली पर्ची की स्थिति जान सकेंगे। एप से सुविधा यह होगी कि इस बार किसानों को अब गन्ना समिति कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। किसानों को घर बैठे सारी जानकारी मिल जाएगी।
क्या है ई-गन्ना प्रणाली
डीसीओ ने बताया कि ई-गन्ना प्रणाली को विकसित किया गया है। किसानों की सुविधा के लिए पूरा डाटा विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। किसानों की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर 18001213203 जारी किया गया है। गन्ना पर्ची के लिए टोल फ्री 18001035823 पर जानकारी मिलेगी। ई-गन्ना एप पर किसानों का पूरा डाटा उपलब्ध रहेगा।
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भुगतान की नहीं मिलेगी जानकारी
डीसीओ ने बताया कि इस एप पर गन्ना भुगतान की जानकारी किसानों को नहीं मिलेगी। क्योंकि यह एप मिल से जुड़ा हुआ नहीं है। पहले यह मोबाइल एप पहले प्ले स्टोर पर नहीं था। गन्ना विभाग की वेबसाइट से एप को डाउनलोड करना पड़ता था। जिससेे किसानों को परेशानी हो रही थी, अब प्ले स्टोर पर भी एप मौजूद है।
एसएमएस से किसान करवा सकते हैं तौल
पर्ची जारी होते ही किसानों के मोबाइल पर मेसेज मिलेगा। इसका नंबर तौल लिपिक को बताकर किसान अपनी गन्ने की तौल करवा सकते हैं।
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बागपत। नए पेराई सत्र से पहले गन्ना विभाग ई-गन्ना प्रणाली को पूरी तरह लागू करने की कवायद में जुटा है। वेबसाइट के अलावा इस बार मोबाइल एप ई-गन्ना पर भी किसान अपने सर्वे, सट्टा और पर्चियों का हाल देख सकेंगे। विभाग की वेबसाइट पर एप के लिए लिंक दिया गया है। एप पर प्रदेश के सभी किसानों का डाटा उपलब्ध है। किसानों को समिति कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
गन्ना विभाग इस बार ई-गन्ना प्रणाली सिस्टम को पूरी तरह लागू करने में जुटा है। किसानों को इससे अधिक लाभ मिल सकेगा। जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती ने बताया कि प्ले स्टोर या विभाग की वेबसाइट पर ई-गन्ना एप का लिंक दिया गया है। किसान प्ले स्टोर से इसे डाउनलोड कर सकते हैं। इसके बाद गन्ना समिति में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या बैंक अकाउंट नंबर एप में फीड करना होगा। जिसके बाद एप चालू हो जाएगा। इस एप के माध्यम से किसान प्राइमरी कैलेंडर, फाइनल कैलेंडर, पर्चियों की स्थिति, सट्टा, मिल में गन्ना तुलने के बाद मिलने वाली पर्ची की स्थिति जान सकेंगे। एप से सुविधा यह होगी कि इस बार किसानों को अब गन्ना समिति कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। किसानों को घर बैठे सारी जानकारी मिल जाएगी।
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क्या है ई-गन्ना प्रणाली
डीसीओ ने बताया कि ई-गन्ना प्रणाली को विकसित किया गया है। किसानों की सुविधा के लिए पूरा डाटा विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। किसानों की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर 18001213203 जारी किया गया है। गन्ना पर्ची के लिए टोल फ्री 18001035823 पर जानकारी मिलेगी। ई-गन्ना एप पर किसानों का पूरा डाटा उपलब्ध रहेगा।
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भुगतान की नहीं मिलेगी जानकारी
डीसीओ ने बताया कि इस एप पर गन्ना भुगतान की जानकारी किसानों को नहीं मिलेगी। क्योंकि यह एप मिल से जुड़ा हुआ नहीं है। पहले यह मोबाइल एप पहले प्ले स्टोर पर नहीं था। गन्ना विभाग की वेबसाइट से एप को डाउनलोड करना पड़ता था। जिससेे किसानों को परेशानी हो रही थी, अब प्ले स्टोर पर भी एप मौजूद है।
एसएमएस से किसान करवा सकते हैं तौल
पर्ची जारी होते ही किसानों के मोबाइल पर मेसेज मिलेगा। इसका नंबर तौल लिपिक को बताकर किसान अपनी गन्ने की तौल करवा सकते हैं।