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सपने में खाकी वर्दी आती थी, पूरा हो गया सपना
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उप निरीक्षक के पद पर चयन होने पर रटौल की दिव्या को मिठाई खिलाते परिजन
- फोटो : BAGHPAT
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कस्बे की दिव्या का उपनिरीक्षक के पद पर चयन
संवाद न्यूज एजेंसी
चांदीनगर। कस्बे की दिव्या का उपनिरीक्षक के पद पर चयन हुआ है। उसके चयन पर परिवार में खुशी का माहौल है। कहना है कि स्कूल के दिनों में सपने में खाकी वर्दी आती थी, आज वर्दी पहनने का सपना पूरा हो गया।
दिव्या पुत्री वीरेंद्र सिंह का यूपीएसआई की परीक्षा पास करने पर उप निरीक्षक के पद पर चयन हुआ है। दिव्या ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता वीरेंद्र सिंह व मां सुमन के साथ परिजनों को दिया है। उसका कहना कि उसका बचपन से ही खाकी पहनने का सपना था। उसने अपना सपना पूरा करने के लिए कई वर्षों तक संघर्ष किया और यूपीएसआई की परीक्षा में उसकी मेहनत रंग लाई। उसका चयन उपनिरीक्षक के पद पर हो गया। उसने प्रारंभिक तैयारी अपने घर से शुरू की थी। उसने अखबार और इंटरनेट के माध्यम से टारगेट बनाकर पढ़ाई करने से इस मुकाम को हासिल किया है। उसका कहना है कि निरंतर अभ्यास, परिश्रम और अनुशासन से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चांदीनगर। कस्बे की दिव्या का उपनिरीक्षक के पद पर चयन हुआ है। उसके चयन पर परिवार में खुशी का माहौल है। कहना है कि स्कूल के दिनों में सपने में खाकी वर्दी आती थी, आज वर्दी पहनने का सपना पूरा हो गया।
दिव्या पुत्री वीरेंद्र सिंह का यूपीएसआई की परीक्षा पास करने पर उप निरीक्षक के पद पर चयन हुआ है। दिव्या ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता वीरेंद्र सिंह व मां सुमन के साथ परिजनों को दिया है। उसका कहना कि उसका बचपन से ही खाकी पहनने का सपना था। उसने अपना सपना पूरा करने के लिए कई वर्षों तक संघर्ष किया और यूपीएसआई की परीक्षा में उसकी मेहनत रंग लाई। उसका चयन उपनिरीक्षक के पद पर हो गया। उसने प्रारंभिक तैयारी अपने घर से शुरू की थी। उसने अखबार और इंटरनेट के माध्यम से टारगेट बनाकर पढ़ाई करने से इस मुकाम को हासिल किया है। उसका कहना है कि निरंतर अभ्यास, परिश्रम और अनुशासन से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है।
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