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Baghpat News: मजदूरी मांगने पर भूखा रखा, भागने पर पकड़कर पीटा
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बड़ौत। नेपाल, बिहार और झारखंड से मानव तस्करी कर लाए गए तीन किशोरों समेत छह श्रमिकों ने मुक्त होने के बाद पुलिस को आपबीती बताई। उन्होंने बताया कि बंधक बनाकर खेत में काम कराने वाले किसानों ने मजदूरी मांगने पर कई दिन तक उन्हें भूखा रखा और भागने का प्रयास करने पर पकड़कर लाठी-डंडों से पिटाई भी की। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।
ग्रामीण समाज विकास केंद्र के प्रोजेक्ट मैनेजर गजेंद्र सिंह ने 19 सितंबर को एएचटीयू थाने में शिकायत करते हुए बताया कि ट्योढ़ी गांव में कुछ बच्चों और श्रमिकों को बंधक बनाकर खेतों में काम कराया जा रहा है। इसमें श्रम विभाग, प्रोबेशन विभाग और पुलिस की टीम ने ट्योढ़ी गांव में छापा मारकर छह श्रमिकों को मुक्त कराया, जिनमें तीन किशोर भी शामिल हैं। किसानों ने गांव के ही हेड कांस्टेबल प्रवेश पर बीस-बीस हजार रुपये लेकर श्रमिकों को लाकर देने की जानकारी दी।
एएचटीयू टीम ने मुक्त कराए गए श्रमिकों से पूछताछ की तो नेपाल के काठमांडू के श्रमिक ने बताया कि नौ महीने पहले उसे ट्योढ़ी गांव लाया गया। वहां पर भरपेट खाना भी नहीं दिया गया और मजदूरी मांगने पर कई दिन तक भूखा रखकर मजदूरी कराई गई। अन्य मजदूरों ने बताया कि मजदूरी नहीं मिलने और उत्पीड़न से परेशान होकर उन्होंने भागने का भी प्रयास किया तो उन्हें पकड़कर पीटा भी गया। न्यायालय में बयान दर्ज होने के बाद बाल श्रमिकों को बाल संप्रेक्षण गृह मेरठ और बालिग श्रमिकों को अपना घर मेरठ भेज दिया गया।
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-- मानव तस्कर की तलाश में झारखंड जाएगी टीम
मानव तस्करी में प्रोजेक्ट मैनेजर गजेंद्र की शिकायत पर हेड कांस्टेबल प्रवेश के अलावा ठेकेदार नजरुल निवासी झारखंड, महेश शर्मा, नितिन, सुभाष, राममोहन, जगवीर निवासी ट्योढ़ी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। बताया गया कि मानव तस्करी में शामिल ठेकेदार नजरुल की तलाश में पुलिस की टीम झारखंड भी जाएगी।
-- वर्जन-मानव तस्करी के मुकदमे में जांच की जा रही है। इसमें जो भी शामिल है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल उनको लाने वाले दोनों तस्करों की तलाश में पुलिस लगी है। - सूरज कुमार राय, एसपी
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ग्रामीण समाज विकास केंद्र के प्रोजेक्ट मैनेजर गजेंद्र सिंह ने 19 सितंबर को एएचटीयू थाने में शिकायत करते हुए बताया कि ट्योढ़ी गांव में कुछ बच्चों और श्रमिकों को बंधक बनाकर खेतों में काम कराया जा रहा है। इसमें श्रम विभाग, प्रोबेशन विभाग और पुलिस की टीम ने ट्योढ़ी गांव में छापा मारकर छह श्रमिकों को मुक्त कराया, जिनमें तीन किशोर भी शामिल हैं। किसानों ने गांव के ही हेड कांस्टेबल प्रवेश पर बीस-बीस हजार रुपये लेकर श्रमिकों को लाकर देने की जानकारी दी।
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एएचटीयू टीम ने मुक्त कराए गए श्रमिकों से पूछताछ की तो नेपाल के काठमांडू के श्रमिक ने बताया कि नौ महीने पहले उसे ट्योढ़ी गांव लाया गया। वहां पर भरपेट खाना भी नहीं दिया गया और मजदूरी मांगने पर कई दिन तक भूखा रखकर मजदूरी कराई गई। अन्य मजदूरों ने बताया कि मजदूरी नहीं मिलने और उत्पीड़न से परेशान होकर उन्होंने भागने का भी प्रयास किया तो उन्हें पकड़कर पीटा भी गया। न्यायालय में बयान दर्ज होने के बाद बाल श्रमिकों को बाल संप्रेक्षण गृह मेरठ और बालिग श्रमिकों को अपना घर मेरठ भेज दिया गया।
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मानव तस्करी में प्रोजेक्ट मैनेजर गजेंद्र की शिकायत पर हेड कांस्टेबल प्रवेश के अलावा ठेकेदार नजरुल निवासी झारखंड, महेश शर्मा, नितिन, सुभाष, राममोहन, जगवीर निवासी ट्योढ़ी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। बताया गया कि मानव तस्करी में शामिल ठेकेदार नजरुल की तलाश में पुलिस की टीम झारखंड भी जाएगी।