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सुप्रीम कोर्ट के आदेश ताक पर, खूब हुआ धूम-धड़ाका
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। सुप्रीम कोर्ट की ओर से दीपावली पर्व पर दो घंटे के लिए पटाखे चलाने के आदेश जारी होने के बावजूद खुलेआम सोमवार देररात तक धूम-धड़ाका होता रहा। दीपावली की रात हर जगह जमकर आतिशबाजी की गई। जिससे धुंध छा गई। बाजार में खुलेआम पटाखों की दुकानें खुली रहीं। उन्हें बंद कराने में पुलिस-प्रशासन नाकाम साबित हुए।
छोटी दीपावली व बड़ी दीपावली पर्व पर नगर का ऐसा कोई स्थान नहीं था जहां पटाखों की छोटी-बड़ी दुकानें न सजी हों। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने जानकारी होने के बावजूद पटाखों की दुकान को बंद कराने का प्रयास तक नहीं किया गया। उधर, सुप्रीम कोर्ट के दो घंटे पटाखे छुड़ाने की अनुमति के बाद भी अर्द्धरात्रि तक लोग पटाखे व बम छुड़ाते नजर आए।
आसमान पर छाया रहा धुआं
दीपावली पर्व पर लोगों द्वारा छुड़ाए गए रॉकेट, अनार, रंगीन रोशनी वाले तेज आवाज के पटाखों से जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई संभव नहीं है। अनुमान के अनुसार एक करोड़ रुपये से अधिक के पटाखे लोगों ने धुएं में उड़ा दिए। बारूद का धुआं रातभर आसमान में छाया रहा। इस कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
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बड़ौत। सुप्रीम कोर्ट की ओर से दीपावली पर्व पर दो घंटे के लिए पटाखे चलाने के आदेश जारी होने के बावजूद खुलेआम सोमवार देररात तक धूम-धड़ाका होता रहा। दीपावली की रात हर जगह जमकर आतिशबाजी की गई। जिससे धुंध छा गई। बाजार में खुलेआम पटाखों की दुकानें खुली रहीं। उन्हें बंद कराने में पुलिस-प्रशासन नाकाम साबित हुए।
छोटी दीपावली व बड़ी दीपावली पर्व पर नगर का ऐसा कोई स्थान नहीं था जहां पटाखों की छोटी-बड़ी दुकानें न सजी हों। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने जानकारी होने के बावजूद पटाखों की दुकान को बंद कराने का प्रयास तक नहीं किया गया। उधर, सुप्रीम कोर्ट के दो घंटे पटाखे छुड़ाने की अनुमति के बाद भी अर्द्धरात्रि तक लोग पटाखे व बम छुड़ाते नजर आए।
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आसमान पर छाया रहा धुआं
दीपावली पर्व पर लोगों द्वारा छुड़ाए गए रॉकेट, अनार, रंगीन रोशनी वाले तेज आवाज के पटाखों से जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई संभव नहीं है। अनुमान के अनुसार एक करोड़ रुपये से अधिक के पटाखे लोगों ने धुएं में उड़ा दिए। बारूद का धुआं रातभर आसमान में छाया रहा। इस कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
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