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आंकड़ों में गुम नहीं होने देेंगे काठा का दर्द : जयंत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Fri, 22 Sep 2017 01:16 AM IST
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आंकड़ों में गुम नहीं होने देेंगे काठा का दर्द : जयंत
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद जयंत चौधरी ने कहा गोरखपुर कांड की तरह काठा नाव हादसे को आंकड़ों में नहीं गुम करने दिया जाएगा। काठा हादसा सरकार की बड़ी चूक है। इसके लिए जिला प्रशासन की जवाबदेही है।
ड़ितों पर पहले लाठीचार्ज किया और फिर मुकदमे दर्ज कर दिए। किसी भी निर्दोष को जेल नहीं जाने दिया जाएगा। पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेंगे। सत्ता में बैठे लोगों के लिए जान की कोई कीमत नहीं है। लाठीचार्ज का आदेश देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने नाव हादसे की सीबीआई जांच की मांग उठाई।
बृहस्पतिवार को रालोद ने कलक्ट्रेट में आहूत सभा में काठा नाव हादसे में पीड़ित परिवारों को इंसाफ दिलाने का एलान किया। सीबीआई जांच की मांग उठाई, पीड़ित परिवारों को 15-15 लाख रुपये का मुआवजा, मुकदमे वापस दर्ज करने, लाठीचार्ज कराने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और यूपी-हरियाणा के किसानों के बीच सीमा विवाद का मुद्दा हल करने की मांग रखी ।
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रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा सरकार के मंत्रियों में अहंकार पैदा हो गया है। जनता का दर्द समझे बगैर अनाप-शनाप बयान दिए जा रहे हैं। गोरखपुर कांड इसका उदाहरण है। ऐसे लोग सत्ता में बैठे हैं, जिनके लिए जान की कीमत नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब तक नोटबंदी में उलझे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं में भारत 154वें स्थान पर हैं। इसके बाद भी नीति आयोग स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण की सिफारिश कर देता है। देश के बड़े मसलों और गरीब लोगों के दर्द को आंकड़ों में उलझा दिया जाता है। काठा हादसे को गुम नहीं होने दिया जाएगा, इसके लिए आंदोलन करेंगे। लाशों को हाथ लगाने वाले अफसरों की जांच हो।
उन्होंने कहा गोरखपुर कांड, मोदीनगर प्रकरण और काठा नाव हादसे की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने लोगों से कहा जातिवाद से दूर रहे। आजादी के इतने सालों बाद भी जातिवाद की दीवारें खड़ी हैं, यह बेहद ही दुखद है।
विधायक सहेंद्र रमाला ने कहा काठा के पीड़ित परिवारों के साथ हैं। प्रशासन और पुलिस इस गलती फहमी में न रहे, यूपी में रालोद की सत्ता चलती है। अध्यक्षता डॉ. अनिल चौधरी ने की। संचालन जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रदीप सिंह ने किया।
सभा के दौरान एमएलसी मुश्ताक चौधरी, पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा, सुदेश शर्मा, अजय तोमर, अजय कुमार, त्रिलोक त्यागी, अश्वनी तोमर, वीरपाल राठी, प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक साहब सिंह, पूर्व मंत्री योगराज सिंह, धर्मवीर बालियान, सुनील रोहटा, सुधीर भारतीय, नगराध्यक्ष भूरू सभासद, बार संघ के पूर्व अध्यक्ष जयवीर तोमर, सुभाष गुर्जर, युवा रालोद के जिलाध्यक्ष प्रमेंद्र तोमर और इमरान, अरुण तोमर बॉबी, सुभाष नैन, राजू तोमर सिरसली, विनीत नैन, हाजी यूनुस, नौशाद, हाजी शानू, हाजी बाबू, हाजी सलीम आदि काफी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।
एडीएम न्यायिक को सौंपी जांच
डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने कहा काठा नाव हादसे के जांच अधिकारी बदल दिए गए हैं। एसडीएम के बजाए अब एडीएम न्यायिक को जांच सौंपी गई है। प्रशासन ने हादसे से सबक लिया और भविष्य में ऐसे हादसा न हो, इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है।
डीएम कलक्ट्रेट में आहूत रालोद की सभा में पहुंचे। यहां लोगों ने उनसे काठा प्रकरण में दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग रखी। डीएम ने अब तक की कार्रवाई के विषय में बताया। यह भी कहा कि जांच बदल दी गई है।
जिले में जितने भी नाव के प्वाइंट है, इनकी सुरक्षा का प्लान तैयार किया जा रहा है। प्रधानों से राज्य वित्त एवं 14वें वित्त से नाव खरीदने और इसके संचालन की व्यवस्था करने की प्रक्रिया की जा रही है। खनन की शिकायतें और अवैध शराब तस्करी की जो शिकायतें प्राप्त हुई है, उनमें प्रत्येक की जांच की जाएगी। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो, इसके लिए बचाव के कार्य किए जा रहे हैं।
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ड़ितों पर पहले लाठीचार्ज किया और फिर मुकदमे दर्ज कर दिए। किसी भी निर्दोष को जेल नहीं जाने दिया जाएगा। पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेंगे। सत्ता में बैठे लोगों के लिए जान की कोई कीमत नहीं है। लाठीचार्ज का आदेश देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने नाव हादसे की सीबीआई जांच की मांग उठाई।
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बृहस्पतिवार को रालोद ने कलक्ट्रेट में आहूत सभा में काठा नाव हादसे में पीड़ित परिवारों को इंसाफ दिलाने का एलान किया। सीबीआई जांच की मांग उठाई, पीड़ित परिवारों को 15-15 लाख रुपये का मुआवजा, मुकदमे वापस दर्ज करने, लाठीचार्ज कराने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और यूपी-हरियाणा के किसानों के बीच सीमा विवाद का मुद्दा हल करने की मांग रखी ।
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रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा सरकार के मंत्रियों में अहंकार पैदा हो गया है। जनता का दर्द समझे बगैर अनाप-शनाप बयान दिए जा रहे हैं। गोरखपुर कांड इसका उदाहरण है। ऐसे लोग सत्ता में बैठे हैं, जिनके लिए जान की कीमत नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब तक नोटबंदी में उलझे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं में भारत 154वें स्थान पर हैं। इसके बाद भी नीति आयोग स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण की सिफारिश कर देता है। देश के बड़े मसलों और गरीब लोगों के दर्द को आंकड़ों में उलझा दिया जाता है। काठा हादसे को गुम नहीं होने दिया जाएगा, इसके लिए आंदोलन करेंगे। लाशों को हाथ लगाने वाले अफसरों की जांच हो।
उन्होंने कहा गोरखपुर कांड, मोदीनगर प्रकरण और काठा नाव हादसे की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने लोगों से कहा जातिवाद से दूर रहे। आजादी के इतने सालों बाद भी जातिवाद की दीवारें खड़ी हैं, यह बेहद ही दुखद है।
विधायक सहेंद्र रमाला ने कहा काठा के पीड़ित परिवारों के साथ हैं। प्रशासन और पुलिस इस गलती फहमी में न रहे, यूपी में रालोद की सत्ता चलती है। अध्यक्षता डॉ. अनिल चौधरी ने की। संचालन जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रदीप सिंह ने किया।
सभा के दौरान एमएलसी मुश्ताक चौधरी, पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा, सुदेश शर्मा, अजय तोमर, अजय कुमार, त्रिलोक त्यागी, अश्वनी तोमर, वीरपाल राठी, प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक साहब सिंह, पूर्व मंत्री योगराज सिंह, धर्मवीर बालियान, सुनील रोहटा, सुधीर भारतीय, नगराध्यक्ष भूरू सभासद, बार संघ के पूर्व अध्यक्ष जयवीर तोमर, सुभाष गुर्जर, युवा रालोद के जिलाध्यक्ष प्रमेंद्र तोमर और इमरान, अरुण तोमर बॉबी, सुभाष नैन, राजू तोमर सिरसली, विनीत नैन, हाजी यूनुस, नौशाद, हाजी शानू, हाजी बाबू, हाजी सलीम आदि काफी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।
एडीएम न्यायिक को सौंपी जांच
डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने कहा काठा नाव हादसे के जांच अधिकारी बदल दिए गए हैं। एसडीएम के बजाए अब एडीएम न्यायिक को जांच सौंपी गई है। प्रशासन ने हादसे से सबक लिया और भविष्य में ऐसे हादसा न हो, इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है।
डीएम कलक्ट्रेट में आहूत रालोद की सभा में पहुंचे। यहां लोगों ने उनसे काठा प्रकरण में दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग रखी। डीएम ने अब तक की कार्रवाई के विषय में बताया। यह भी कहा कि जांच बदल दी गई है।
जिले में जितने भी नाव के प्वाइंट है, इनकी सुरक्षा का प्लान तैयार किया जा रहा है। प्रधानों से राज्य वित्त एवं 14वें वित्त से नाव खरीदने और इसके संचालन की व्यवस्था करने की प्रक्रिया की जा रही है। खनन की शिकायतें और अवैध शराब तस्करी की जो शिकायतें प्राप्त हुई है, उनमें प्रत्येक की जांच की जाएगी। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो, इसके लिए बचाव के कार्य किए जा रहे हैं।