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हाथी दांत, तिब्बती हिरन के सींगों का बुरादा और सेह के अंग बरामद
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बड़ौत कोतवाली में पकडे गए आरोपियों के साथ मौजूद वन विभाग की टीम व कोतवाली पुलिस
- फोटो : BARAUT
हाथी दांत, तिब्बती हिरन के सींगों का बुरादा और सेह के अंग बरामद
बड़ौत में वर्ल्ड आई इंडिया, वन विभाग और पुलिस का छापा, तीन आरोपी गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत (बागपत)। शामली के बाद बड़ौत में भी वन्य जीवों के अवशेष बरामद हुए हैं। वर्ल्ड आई इंडिया दिल्ली और वन विभाग के कर्मचारियों ने शहर में छापा मारकर वन्य जीवों के प्रतिबंधित अंगों को बरामद किया है। इनमें हाथी दांत, हाथी के दांतों का बुरादा, तिब्बती हिरन के सींगों का बुरादा, सेह के अंग, जंगली छिपकली (गोह) के जननांग, संरक्षित पौधे की जड़ आदि लाखों के अवशेष शामिल हैं। तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।
वर्ल्ड आई इंडिया दिल्ली संस्था के सदस्य दीपक शर्मा को बीती रात सूचना मिली कि नगर में कई दुकानों पर प्रतिबंधित वन्य जीवों के अवशेष खुलेआम बेचे जा रहे हैं। वे वन विभाग कार्यालय पहुंचे और वन क्षेत्राधिकारी राजपाल सिंह, वन दरोगा रविकांत चौधरी, वन रक्षक संजय, मोहित व दिल्ली बस स्टैंड चौकी पुलिस के साथ कोताना रोड नया बाजार स्थित नवीन पुत्र खैराती लाल की दुकान पर छापा मारा। नवीन के बेटे तुषार के पास प्रतिबंधित वन्य जीवों के अवशेष प्राप्त हुए, जिनमें गोह के जननांग, सेह के कांटे व अंग, संरक्षित पौधे पूठ की जड़ बरामद की। पूछताछ के बाद नवीन और तुषार की निशानदेही पर वीरेन्द्र पुत्र सुखपाल सिंह की दुकान वीके ट्रेडिंग कंपनी निकट बावली रोड पर छापेमारी की। वीरेन्द्र के यहां से तिब्बती मृग के सींगों से बनी भस्म, हाथी के दांतों का बुरादा, हाथी के दांतों के टुकडे़, पूठ संरक्षित पौधे की जड़ बरामद की गई। इस दौरान दो दुकानें भी सील की गईं।
मामले की तह तक पहुंचने में जुटी वन विभाग की टीम
बड़ौत। वन्य जीवों के अंग बरामद करने के बाद अब वन विभाग इस गोरखधंधे की तह तक पहुंचने में जुट गया है। नगर में दर्जनों ऐसी आयुर्वेदिक दुकानें है, जिनमें आसानी से ये प्रतिबंधित सामान उपलब्ध हो जाते हैं।
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वहीं, तीनों आरोपियों को पकड़कर वन विभाग कार्यालय पर लाया गया, जहां पर सूचना पर पहुंचे वन विभाग के एसडीओ कल्याण सिंह ने उनसे करीब तीन घंटे पूछताछ की। शनिवार दोपहर तीनों आरोपियों को कोतवाली लाया गया। यहां पर वन रक्षक संजय कुमार ने तीनों आरोपियों के खिलाफ वन्य जीवन संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39, 39डी, 42, 44, 49, 49बी, 50 व 51 के अंतर्गत गैर जमानती अपराध की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई। कोतवाल अजय शर्मा का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
बरामद किए गए अवशेष
जीव का नाम अंगों की संख्या
पटड़ा गोह जननांग केे 4 नग
सेह के कांटे 31 नग
पूठ संरक्षित पौधे की जड़ 2.880 किग्रा
तिब्बती मृग के सींगों की भस्म 500 ग्राम
हाथी के दांत का बुरादा 21.100 किग्रा
हाथी के दांत के टुकड़े 6 छोटे टुकडे़
मर्दानी ताकत और तंत्र-मंत्र में होता है इस्तेमाल
बड़ौत। एसडीओ कल्याण सिंह ने बताया कि बरामद अवशेषों का इस्तेमाल तंत्र-मंत्र में किया जाता है। इसके अलावा मर्दाना ताकत बढ़ाने की दवा बनाने के नाम पर भी इनका प्रयोग किया जाता है। वन क्षेत्राधिकारी राजपाल और वन दरोगा रविकांत चौधरी ने बताया कि बरामद अवशेषों की कीमत का अभी आंकलन नहीं किया गया है। इसकी कीमत 15-20 लाख या उसे अधिक हो सकती है।
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बड़ौत में वर्ल्ड आई इंडिया, वन विभाग और पुलिस का छापा, तीन आरोपी गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत (बागपत)। शामली के बाद बड़ौत में भी वन्य जीवों के अवशेष बरामद हुए हैं। वर्ल्ड आई इंडिया दिल्ली और वन विभाग के कर्मचारियों ने शहर में छापा मारकर वन्य जीवों के प्रतिबंधित अंगों को बरामद किया है। इनमें हाथी दांत, हाथी के दांतों का बुरादा, तिब्बती हिरन के सींगों का बुरादा, सेह के अंग, जंगली छिपकली (गोह) के जननांग, संरक्षित पौधे की जड़ आदि लाखों के अवशेष शामिल हैं। तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।
वर्ल्ड आई इंडिया दिल्ली संस्था के सदस्य दीपक शर्मा को बीती रात सूचना मिली कि नगर में कई दुकानों पर प्रतिबंधित वन्य जीवों के अवशेष खुलेआम बेचे जा रहे हैं। वे वन विभाग कार्यालय पहुंचे और वन क्षेत्राधिकारी राजपाल सिंह, वन दरोगा रविकांत चौधरी, वन रक्षक संजय, मोहित व दिल्ली बस स्टैंड चौकी पुलिस के साथ कोताना रोड नया बाजार स्थित नवीन पुत्र खैराती लाल की दुकान पर छापा मारा। नवीन के बेटे तुषार के पास प्रतिबंधित वन्य जीवों के अवशेष प्राप्त हुए, जिनमें गोह के जननांग, सेह के कांटे व अंग, संरक्षित पौधे पूठ की जड़ बरामद की। पूछताछ के बाद नवीन और तुषार की निशानदेही पर वीरेन्द्र पुत्र सुखपाल सिंह की दुकान वीके ट्रेडिंग कंपनी निकट बावली रोड पर छापेमारी की। वीरेन्द्र के यहां से तिब्बती मृग के सींगों से बनी भस्म, हाथी के दांतों का बुरादा, हाथी के दांतों के टुकडे़, पूठ संरक्षित पौधे की जड़ बरामद की गई। इस दौरान दो दुकानें भी सील की गईं।
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मामले की तह तक पहुंचने में जुटी वन विभाग की टीम
बड़ौत। वन्य जीवों के अंग बरामद करने के बाद अब वन विभाग इस गोरखधंधे की तह तक पहुंचने में जुट गया है। नगर में दर्जनों ऐसी आयुर्वेदिक दुकानें है, जिनमें आसानी से ये प्रतिबंधित सामान उपलब्ध हो जाते हैं।
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वहीं, तीनों आरोपियों को पकड़कर वन विभाग कार्यालय पर लाया गया, जहां पर सूचना पर पहुंचे वन विभाग के एसडीओ कल्याण सिंह ने उनसे करीब तीन घंटे पूछताछ की। शनिवार दोपहर तीनों आरोपियों को कोतवाली लाया गया। यहां पर वन रक्षक संजय कुमार ने तीनों आरोपियों के खिलाफ वन्य जीवन संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39, 39डी, 42, 44, 49, 49बी, 50 व 51 के अंतर्गत गैर जमानती अपराध की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई। कोतवाल अजय शर्मा का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
बरामद किए गए अवशेष
जीव का नाम अंगों की संख्या
पटड़ा गोह जननांग केे 4 नग
सेह के कांटे 31 नग
पूठ संरक्षित पौधे की जड़ 2.880 किग्रा
तिब्बती मृग के सींगों की भस्म 500 ग्राम
हाथी के दांत का बुरादा 21.100 किग्रा
हाथी के दांत के टुकड़े 6 छोटे टुकडे़
मर्दानी ताकत और तंत्र-मंत्र में होता है इस्तेमाल
बड़ौत। एसडीओ कल्याण सिंह ने बताया कि बरामद अवशेषों का इस्तेमाल तंत्र-मंत्र में किया जाता है। इसके अलावा मर्दाना ताकत बढ़ाने की दवा बनाने के नाम पर भी इनका प्रयोग किया जाता है। वन क्षेत्राधिकारी राजपाल और वन दरोगा रविकांत चौधरी ने बताया कि बरामद अवशेषों की कीमत का अभी आंकलन नहीं किया गया है। इसकी कीमत 15-20 लाख या उसे अधिक हो सकती है।