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व्हाइट फंगस का इलाज घर पर रहकर भी कराना संभव
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बड़ौत। ब्लैक फंगस के बाद व्हाइट फंगस ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी है। छपरौली सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजकमल के मुताबिक सफेद फंगस का घर में रहकर भी इलाज कराया जा सकता है। ऐसे बहुत कम मामले हैं जिनमें अस्पताल जाने की जरूरत पड़ती है। ब्लैक फंगस में सर्जरी आदि की जरूरत पड़ती है जबकि व्हाइट फंगस का चिकित्सक से उपचार कराया जा सकता है।
सवाल- सफेद फंगस क्या है और यह कितना खतरनाक है?
जवाब - सफेद फंगस मुख्य रूप से ऐसे लोगों को प्रभावित कर रहा है जिनकी प्रतिरोधक क्षमता घट गई है। इससे डरने के बजाए एहतियात बरतने की जरूरत है। व्हाइट फंगस (एस्पर गिलोसिस) ब्लैक फंगस जितना खतरनाक नहीं है।
सवाल-व्हाइट फंगस से क्या मौत हो सकती है?
जवाब -व्हाइट फंगस में मृत्यु का खतरा बहुत कम होता है जबकि ब्लैक फंगस में 80 प्रतिशत तक होता है। संक्रमित व्यक्ति को पहले से घातक बीमारी हो या वेंटिलेटर पर हो, ज्यादा स्टेराइड लेने वालों के लिए भी यह घातक हो सकता है।
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सवाल-किन लोगों को इससे सबसे ज्यादा खतरा बना रहता है?
जवाब -नवजात में इसके होने का जोखिम ज्यादा है। यह आइसोलेशन के कारण बुजुर्गों में भी देखा गया है। यह नियमित सफाई नहीं रखने तथा कपड़े आदि नहीं बदलने पर भी प्रभावित कर सकता है। डायबिटीज और कैंसर के मरीजों को भी जल्द गिरफ्त में ले लेता है।
सवाल-किस तरह के लक्षणों में गौर करना चाहिए?
जवाब - व्हाइट फंगस के संक्रमण में शरीर, जीभ या मुंह में सफेद चकत्ते पड़ जाते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई दे तो बिना देर किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करानी चाहिए। ध्यान रहे अपनी मर्जी से दवा नहीं लेनी चाहिए।
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सवाल- सफेद फंगस क्या है और यह कितना खतरनाक है?
जवाब - सफेद फंगस मुख्य रूप से ऐसे लोगों को प्रभावित कर रहा है जिनकी प्रतिरोधक क्षमता घट गई है। इससे डरने के बजाए एहतियात बरतने की जरूरत है। व्हाइट फंगस (एस्पर गिलोसिस) ब्लैक फंगस जितना खतरनाक नहीं है।
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सवाल-व्हाइट फंगस से क्या मौत हो सकती है?
जवाब -व्हाइट फंगस में मृत्यु का खतरा बहुत कम होता है जबकि ब्लैक फंगस में 80 प्रतिशत तक होता है। संक्रमित व्यक्ति को पहले से घातक बीमारी हो या वेंटिलेटर पर हो, ज्यादा स्टेराइड लेने वालों के लिए भी यह घातक हो सकता है।
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सवाल-किन लोगों को इससे सबसे ज्यादा खतरा बना रहता है?
जवाब -नवजात में इसके होने का जोखिम ज्यादा है। यह आइसोलेशन के कारण बुजुर्गों में भी देखा गया है। यह नियमित सफाई नहीं रखने तथा कपड़े आदि नहीं बदलने पर भी प्रभावित कर सकता है। डायबिटीज और कैंसर के मरीजों को भी जल्द गिरफ्त में ले लेता है।
सवाल-किस तरह के लक्षणों में गौर करना चाहिए?
जवाब - व्हाइट फंगस के संक्रमण में शरीर, जीभ या मुंह में सफेद चकत्ते पड़ जाते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई दे तो बिना देर किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करानी चाहिए। ध्यान रहे अपनी मर्जी से दवा नहीं लेनी चाहिए।