संवाद न्यूज एजेंसी
अमीनगर सराय। मुजफ्फरनगर से आए कृषि वैज्ञानिक ने शनिवार को जिला गन्ना अधिकारी डॉ. अनिल भारती के साथ सिंघावली अहीर गांव में ईख का निरीक्षक कर किसानों को कीट व उनसे बचाव के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि समय पर उपचार न करने पर फसल की पैदावार प्रभावित हो जाती है।
सिंघावली अहीर पहंचे मुजफ्फरनगर के गन्ना शोध केंद्र के कीट रोग विशेषज्ञ नीलम कुरील ने गन्ने में होने वाले रोगों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गन्ने की फसल में चोटी बेधक व कंडुवा रोग का ज्यादा प्रकोप रहता है। कंडुवा रोग लगने से पौधे को जड़ से उखाड़कर फेंक देना चाहिए। चोटी बेधक कीट होने पर क्लोरेंटलीनपोल कीटनाशक को 150 मिलीलीटर प्रति एकड़ की दर से 400 लीटर पानी में डालकर स्प्रे करने से कीट समाप्त हो जाता है। चूसक कीटों से बचाव के इडिगा क्लोरपीड 17.8 प्रतिशत को 375 मिलीलीटर को 625 लीटर पानी में डालकर स्प्रे करने से कीट रोग खत्म हो जाता है। इस मौके पर किनौनी मिल के सहायक महाप्रबंधक महकार सिंह, गन्ना महाप्रबंधक परोपकार सिंह, सचिव अनिल यादव, अवधेश कुमार, किसान श्रीपाल, तहसीन, राजेश, विजयपाल, सुरेशपाल, ओमकार, जयवीर आदि मौजूद रहे।