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चीन की चोरी और सीनाजोरी का मुंहतोड़ जवाब देगी भारतीय सेना

Tue, 16 Jun 2020 11:24 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jun 2020 11:24 PM IST
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Indian Army will give a befitting reply to China's piracy and desertion
ढिकौली गांव में चीन के साथ हुए युद्ध के बारे में जानकारी देते पूर्व कैप्टन राजसिंह - फोटो : BAGHPAT
चीन की चोरी और सीनाजोरी का मुंहतोड़ जवाब देगी भारतीय सेना
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बागपत। मेजर जनरल सेवानिवृत्त बीएस पंवार ने कहा कि चीन के सैनिकों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा का उल्लंघन किया, जिस पर भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया है। कोरोना संक्रमण के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन घिरा हुआ है। आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है। ऐसे में वह बौखलाहट में है। दरबूक में जो सड़क भारत बना रहा है, वह देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। चीन इसी से घबराया हुआ है।
ककड़ीपुर गांव निवासी बीएस पंवार 1986 से 1989 तक लद्दाख के कारू क्षेत्र में तैनात रहे हैं। वह बताते हैं कि चीनी सैनिकों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पार कर अतिक्रमण किया, जिसका भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया है। गलवां घाटी क्षेत्र में मार्ग बन जाने से देश की स्थिति मजबूत होगी। वह दरबूक तक इस मार्ग पर गए हैं। हकीकत यह है कि चीन इस वक्त चोरी और सीनाजोरी पर उतारू हैं। लेकिन भारतीय सेना ने कड़ा जवाब दिया है। चीन अच्छे तरीके से जानता है कि पहाड़ के युद्ध में भारतीय सेना दुनिया में पहले नंबर पर है।
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गीदड़ भभकी दे रहा चीन
बागपत। ढिकौली गांव निवासी सेवानिवृत्त कैप्टन राज सिंह ने बताया कि चीन के साथ हुए युद्ध में उन्होंने भाग लिया था। वह उस वक्त गोवा में तैनात थे और ऑपरेशन गोवा में भी शामिल थे। भारत के पास उस वक्त सीमित संसाधन थे, लेकिन भारतीय सेना सबसे बहादुर है। चीन की सेना का डटकर मुकाबला किया गया था। वर्तमान में भारतीय सेना की ताकत का पूरी दुनिया के पास जवाब नहीं है। चीन गीदड़ भभकी दिखा रहा है। नियंत्रण रेखा के आगे आकर उसके सैनिक क्यों बैठे हैं। भारतीय सेना अपने सीमा क्षेत्र की रक्षा करेगी और की भी है।
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चीन के साथ युद्ध में शहीद हुए थे सात सैनिक
बागपत। साल 1962 में चीन के साथ हुए युद्ध में जिले के सात सैनिकों ने शहादत दी थी। रणबांकुरे आखिरी सांस रहने तक वतन के लिए लड़ते रहे। सिग्नल रेजीमेंट के जिवाना गांव निवासी रामधन, राजपूत रेजीमेंट के बली गांव निवासी हरलाल, बुडैढ़ा के राधेश्याम, गढ़ी कलंजरी के भारत सिंह, कुमाऊं रेजीमेंट के बालैनी निवासी रामफल, आर्म्ड कोर के सैदपुर निवासी मांगेलाल, ग्रेनेडियर्स के काठा निवासी दयानंद ने देश के लिए शहादत दी थी।
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