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Baghpat News: लाक्षागृह पर विश्व कल्याणार्थ चतुर्वेद पारायण महायज्ञ का शुभारंभ
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-श्री महानन्द संस्कृत विद्यालय गुरुकुल में रविवार को शुरू हुआ महायज्ञ
फोटो संख्या 6
बिनौली। बरनावा के महाभारत कालीन ऐतिहासिक लाक्षागृह टीले स्थित श्री महानन्द संस्कृत विद्यालय गुरुकुल में रविवार को 8 दिवसीय 65वें विश्व कल्याणार्थ ब्रह्मपारायण चतुर्वेद पारायण महायज्ञ का शुभारम्भ हुआ।
प्रातःकाल महायज्ञ का शुभारंभ इंजीनियर चौधरी रामबीर सिंह सिरसली ने ओम पताका का ध्वजा आरोहण कर किया। इस अवसर पर यज्ञ के ब्रह्मा पद से वेदोपदेश देते हुए आचार्य गुरुवचन शास्त्री ने कहा कि यज्ञ के स्वाहाकर से ही राष्ट्र का कल्याण हो सकता है। वैदिक विचारधारा को आत्मसात करके ही मानव जीवन सफल होगा है। यज्ञ संसार का सर्वोत्तम कर्म है। हमारी संस्कृति का मूल वेद ही है। प्रधानाचार्य आचार्य अरविंद कुमार शास्त्री ने कहा कि ब्रह्मलीन कृष्णदत्त जी महाराज का दिव्य ज्ञान हम सबके लिए प्रेरणाप्रद है। दिव्य आत्मा की प्रेरणा व प्रभाव से यहां लगातार स्वाहाकर का उदघोष हो रहा है। आचार्य देवेंद्र शास्त्री, रोहित शास्त्री ने भी वेदोपदेश दिए। ब्रह्मचारी कपिल शास्त्री, मोहित शास्त्री, वाशु शास्त्री निशांत, दिव्यांश ने सस्वर वेदपाठ किया। यज्ञ में अनंगपाल, सुभाष चौहान, अशोक चौहान, महेंद्र सिंह, बालकृष्ण त्यागी, फकीर चंद त्यागी, अरुण लता त्यागी, इंद्रेश त्यागी यज्ञमान रहे। बीएसएनल के पूर्व जीएम चन्द्रहास, डॉ. अनिल चौहान, अध्यक्ष यशोधर्मा, मंत्री राजपाल त्यागी, जयकृष्ण शास्त्री, गंगा शरण, रविदत्त, सोमदत्त भारद्वाज, सौदान शास्त्री, विवेक फौजी, मास्टर संजीव कुमार, राहुल त्यागी, उदयवीर विजय भाई सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियां दी।
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बिनौली। बरनावा के महाभारत कालीन ऐतिहासिक लाक्षागृह टीले स्थित श्री महानन्द संस्कृत विद्यालय गुरुकुल में रविवार को 8 दिवसीय 65वें विश्व कल्याणार्थ ब्रह्मपारायण चतुर्वेद पारायण महायज्ञ का शुभारम्भ हुआ।
प्रातःकाल महायज्ञ का शुभारंभ इंजीनियर चौधरी रामबीर सिंह सिरसली ने ओम पताका का ध्वजा आरोहण कर किया। इस अवसर पर यज्ञ के ब्रह्मा पद से वेदोपदेश देते हुए आचार्य गुरुवचन शास्त्री ने कहा कि यज्ञ के स्वाहाकर से ही राष्ट्र का कल्याण हो सकता है। वैदिक विचारधारा को आत्मसात करके ही मानव जीवन सफल होगा है। यज्ञ संसार का सर्वोत्तम कर्म है। हमारी संस्कृति का मूल वेद ही है। प्रधानाचार्य आचार्य अरविंद कुमार शास्त्री ने कहा कि ब्रह्मलीन कृष्णदत्त जी महाराज का दिव्य ज्ञान हम सबके लिए प्रेरणाप्रद है। दिव्य आत्मा की प्रेरणा व प्रभाव से यहां लगातार स्वाहाकर का उदघोष हो रहा है। आचार्य देवेंद्र शास्त्री, रोहित शास्त्री ने भी वेदोपदेश दिए। ब्रह्मचारी कपिल शास्त्री, मोहित शास्त्री, वाशु शास्त्री निशांत, दिव्यांश ने सस्वर वेदपाठ किया। यज्ञ में अनंगपाल, सुभाष चौहान, अशोक चौहान, महेंद्र सिंह, बालकृष्ण त्यागी, फकीर चंद त्यागी, अरुण लता त्यागी, इंद्रेश त्यागी यज्ञमान रहे। बीएसएनल के पूर्व जीएम चन्द्रहास, डॉ. अनिल चौहान, अध्यक्ष यशोधर्मा, मंत्री राजपाल त्यागी, जयकृष्ण शास्त्री, गंगा शरण, रविदत्त, सोमदत्त भारद्वाज, सौदान शास्त्री, विवेक फौजी, मास्टर संजीव कुमार, राहुल त्यागी, उदयवीर विजय भाई सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियां दी।
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