फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Baghpat News: In two years, 250 children left home after being upset by step-parents' scolding.

UP: 250 बच्चों की ऐसी कहानियां, सुनकर हर कोई हैरान, घर छोड़ने की वजह ने अफसरों को भी चौंकाया

Wed, 13 Jul 2022 07:50 PM IST
मेरठ ब्यूरो मुकेश पंवार, संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
मुकेश पंवार, संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Wed, 13 Jul 2022 07:50 PM IST
सार

बच्चों द्वारा घर छोड़ने के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। बच्चों द्वारा घर छोड़ने की वजह जानकर अधिकारी भी हैरान रह गए।

विज्ञापन
Baghpat News: In two years, 250 children left home after being upset by step-parents' scolding.
फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala

विस्तार

सौतेले माता-पिता की सख्ती, उनकी डांट फटकार बच्चे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं और वह घर छोड़कर भाग रहे हैं। दो साल के भीतर करीब 250 बच्चों ने घर छोड़ा हैं। इनमें कुछ तो घर से बहुत दूर निकल गए। जम्मू-कश्मीर व नेपाल तक से बागपत से लापता हुए बच्चे मिले हैं। इनमें 65 बच्चों को विशेष सेल्टर होम में रखा गया है। बाकी को उनके परिजनों को सौंप दिया गया।

विज्ञापन


जम्मू-कश्मीर से जिस बालक को बरामद किया गया, उसकी उम्र 11 साल हैं। उसकी सौतेली मां उसके साथ मारपीट करती थी, ठीक से व्यवहार नहीं करती थी। बरामद होने के बाद उसे घर भेजना चाहा तो उसने इंकार कर दिया। बाद में बच्चे को शेल्टर होम भेज दिया गया। इस तरह का यह पहला केस नहीं है। बाल कल्याण समिति के रिकॉर्ड में इस तरह के 250 केस दर्ज हैं। इनमें 65 ऐसे विशेष भी बच्चे हैं, जो बोल पाते हैं और न सुन पाते हैं।
विज्ञापन


केस नंबर - एक
मुख्यालय के पास के गांव का एक बच्चा दो माह पूर्व घर से चला गया। पुलिस ने बाल कल्याण समिति के साथ बच्चे की तलाश की, बच्चा नेपाल में मिला। बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने बच्चे से बातचीत की तो पता चला कि वह न बोल सकता है और न सुन सकता है। उसने इशारे से बताया कि उसका सौतेला पिता अक्सर शराब पीकर उसके साथ मारपीट करता है। सिगरेट पीकर उसके मुंह पर धुआं छोड़ता था और हर समय डांटता रहता था। फिलहाल बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने उसे पीलीभीत स्थित स्पेशल शेल्टर होम पर छोड़ दिया। वहां पर बच्चा काफी खुश है।
विज्ञापन
विज्ञापन


केस नंबर - दो
छपरौली क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला दस वर्षीय एक बच्चा भी पिछले माह घर से लापता हो गया था। तलाश किया तो बच्चा हरिद्वार में मिला। बच्चा दिव्यांग है। बच्चे ने बताया कि बीमारी के चलते कई साल पहले मां का निधन हो गया था। उसके पिता ने दूसरी शादी कर ली। बच्चे ने बताया कि उसकी सौतेली मां उसकी दिव्यांगता का मजाक उड़ाती थी। बाल कल्याण समिति ने बच्चे को लखनऊ में स्थित स्पेशल शेल्टर होम में छोड़ दिया है।

यह भी पढ़ें: PHOTOS: आखिर कब गिरफ्तार होगा याकूब, पुलिस ने कुर्क की पांच करोड़ की संपत्ति, कोठी में छिपे थे कई बड़े राज

ये बोली बाल कल्याण समिति की सदस्य
बाल कल्याण समिति की सदस्य रेखा रानी चौहान ने बताया कि पिछले दो साल में घर से भागने वाले 13 से 17 साल की उम्र के बच्चों की तादाद दोगुनी हो गई है। चिंताजनक यह है कि इनमें 65 फीसदी से ज्यादा लड़कियां हैं। ज्यादातर बच्चे अपने सौतेले मां-बाप से प्रताड़ित व आहत थे। कई के मन में यह बात घर कर गई थी कि यदि उनके मां-बाप होते तो उनसे कितना प्यार करते, सौतेले मां-बाप उनसे प्यार नहीं करते। बताया कि पिछले दो साल में पुलिस और समिति ने लगभग 250 से अधिक बच्चे जम्मू-कश्मीर, नेपाल, हरिद्वार, नोएडा, गुड़गांव, दिल्ली आदि जगहों से बरामद किए हैं।

ये बोली मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष
दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज की मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. अंशु अग्रवाल के अनुसार ऐसे घरों में बच्चों को खुशनुमा माहौल नहीं मिल पाता, जिस कारण बच्चे घर में परेशान हो जाते हैं। माता-पिता को चाहिए कि 14-17 की उम्र में बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार रखें। उनकी दिनचर्या के बारे में बात करें, अपनी बताएं। उनकी बातों पर गुस्सा करने के बजाए प्यार से समझाकर हल निकालें। मोबाइल गेम बिल्कुल बंद करने के बजाय कम खेलने को कहें। बच्चों को अच्छे संस्कार जरूर सिखाएं।

ये बोले सीओ
सीओ युवराज सिंह का कहना है कि दो साल में सैकड़ों ऐसे बच्चों को पुलिस बरामद कर चुकी हैं, जो घर में अपनी सौतेली मां या अपने सौतेले पिता के व्यवहार से नाखुश थे। मिलने के बाद बच्चों को बाल कल्याण समिति को सौंप दिया जाता है। उसके बाद बाल कल्याण समिति के सदस्य बच्चों की काउंसिलिंग कर उनके परिजनों के पास भेज देते हैं या फिर शेल्टर होम। मां-पिता को बच्चों से अच्छा व्यवहार करना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed