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बीमार है स्वास्थ्य विभाग, कैसे हो इलाज 

Sun, 25 Dec 2016 12:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Sun, 25 Dec 2016 12:17 AM IST
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Ill health, how to treat
जिला महिला अस्पताल - फोटो : amar ujala
बागपत। आम जन को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए बनाए गए अस्पताल खुद ही बीमार हैं। मेडिकल और नॉन मेडिकल स्टाफ की कमी के कारण लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। पिछले एक साल में देहात के स्वास्थ्य केंद्रों में हंगामे के हालात रहे। ग्रामीण कहते हैं कि डॉक्टर सुबह न समय पर आते हैं और न ही शाम को निर्धारित समय तक बैठते हैं। अधिकांश दवा बाजार से खरीदनी पड़ती है, जो दवा अस्पताल से मिलती हैं वह बेअसर है। शिकायतों का सिलसिला सीएमओ से लेकर  डीएम और लखनऊ तक गूंजा। अनदेखी के हालात का सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि सीएचसी के बाहर अल्ट्रासाउंड सेंटर पर  छापेमारी हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की। रोजाना यहां से अफसर गुजरते रहे, लेकिन किसी को अल्ट्रासाउंड केंद्र पर चल रहे कारनामों की भनक नहीं लगी।  
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साल 2017 की सात उम्मीदें :
 जिले में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति।
 जिला महिला अस्पताल की शुरूआत।
 ट्रामा सेंटर और बर्न यूनिट का संचालन।
 फैजपुर निनाना में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र।
 टीकरी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र।
 महिला मेडिकल अफसरों की संख्या बढ़ेगा?
 स्वास्थ्य विभाग का लिंगानुपात में सुधार का लक्ष्य।

यह है स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति
बागपत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या 21, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या सात, उपकेंद्रों की संख्या 200 हैं। इनके अलावा जिला अस्पताल हैं, लेकिन महिला अस्पताल अभी शुरू नहीं हुआ है। इसका लोगों को इंतजार है।
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अस्पताल हैं, विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं
जिले में बाल रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ तक नहीं है। महिला रोग विशेषज्ञों की संख्या सिर्फ दो है। महिला मेडिकल अफसर संख्या के अनुरूप नहीं है। सर्जनों की संख्या सिर्फ दो है। स्टाफ नर्स भी पदों के अनुरूप नहीं है। 
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मारपीट के बाद खोलनी पड़ा चेकपोस्ट
स्वास्थ्य केंद्रों के स्टाफ के साथ देहात के अलावा जिला अस्पताल में भी आए दिन मारपीट के मामले सामने आते रहते हैं। हालात यह है कि जिला अस्पताल में पुलिस चेक पोस्ट खोलना पड़ा। कई बार डॉक्टर हड़ताल कर चुके हैं।

क्या-क्या हुआ इस साल
बागपत में वर्ष 2016 में अरबन हेल्थ मिशन की शुरूआत हो गई। बड़ौत और बागपत में इससे लोगों को लाभ हुआ। दवा आपूर्ति में पिछले सालों की अपेक्षा सुधार हुआ। क्वालिटी एंटीयोरेंस टीम का गठन किया गया, जिसमें तीन सदस्य शामिल है। सीएमओ डॉ आरके मिश्रा कहते हैं कि कई अस्पतालों के भवन बनकर तैयार है, यह जल्द ही हैंडओवर हो जाएंगे।

सरकार ने खजाना खोला, बेहतर हुई स्वास्थ्य सेवाएं
बागपत के चेयरमैन एवं सपा जिलाध्यक्ष राजूद्दीन एडवोकेट ने कहा सरकार ने लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए खजाना खोल रखा है। एंबुलेंस से लेकर प्रोत्साहन राशि तक दी जा रही है। यूपी का सर्वोत्तम महिला अस्पताल बागपत में है। स्टाफ की जरूर कमी है, पार्टी के स्तर से सीएम अखिलेश यादव को पत्र लिखा जाएगा ताकि आमजन को लाभ हो।

जिला पंचायत सदस्य एवं रालोद जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रदीप सिंह ने कहा गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल है। गंभीर हादसों के वक्त लोगों को दिल्ली और मेरठ का रुख करना पड़ता है, जो स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध है, उनका भी बेहतर क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। गांव में स्वास्थ्य सेवाएं बढ़नी चाहिए। मरीज प्राइवेट डॉक्टरों के यहां महंगी फीस चुका रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्रों पर दवा की क्वालिटी में सुधार होगा, डॉक्टर रहेंगे तो लोगों का भरोसा जमेगा। हालात यह है कि कई स्वास्थ्य केंद्र फार्मेसिस्ट के भरोसे चल रहे हैं।


सीएमओ डॉ आरके मिश्रा ने स्वीकार किया जनपद के अस्पतालों में स्टाफ की कमी है, लेकिन जितना स्टाफ है, वह बेहतर कार्य कर रहा है। डॉक्टरों की कमी के विषय में शासन को पत्र लिखा है, अभी तक यह मांग पूरी नहीं हुई। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को भी चिट्ठी भेजी गई। जो संसाधन उपलब्ध हैं, उनसे ही बेहतर से बेहतर सेवाएं देने का प्रयास किया जा रहा है।
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