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पहली किश्त आने पर मकान बनाने को नींव भरवाई, अब डेढ़ साल से पड़ोसी बने सहारा

Fri, 12 Nov 2021 12:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 12 Nov 2021 12:06 AM IST
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If the house of dreams is not made, then the neighbors become the support
बागपत की माता कालोनी में पहली किस्त आने के बाद निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास योजना से बना अधूरा ? - फोटो : BAGHPAT
बागपत। मकान की चाहत में लोगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत आवेदन किया था। जिससे उनको छत नसीब हो सके। इसी के चलते वे भंवर में फंस गए हैं। उनकी पहली किस्त जारी हुई परंतु दूसरी का इंतजार है। जिसके चलते उनके मकान अधूरे पड़े हैं। ऐसे में किसी के पड़ोसी सहारा बने तो तो कोई किराये के मकान में रहने को मजबूर है।
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प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी वर्ष 2017 में शुरू हुई। इसके बाद से डूडा में 10 हजार 513 लोगों ने योजना के तहत आवेदन किया। जिनमें आठ हजार 252 पात्र मिले। इसमेंये पात्र भी परेशानी में फंस गए हैं। पहली किस्त आठ हजार 181 लोगों को मिली है। वहीं, दूसरी किस्त सात हजार 145 व तीसरी तीन हजार 738 को प्राप्त हुई। इस तरह करीब साढ़े चार हजार पात्रों को तीसरी किस्त का इंतजार है।
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पिछले महीने चार हजार 622 नए आवेदन
डूडा में पिछले महीने चार हजार 622 आवेदन योजना के तहत नए आए हैं। इन्हें मंजूरी मिलनी बाकी है। वहीं, डूडा के अधिकारियों ने बताया कि उनके यहां अधिकतर आवेदन पति-पत्नी का करना होता है। इनमें से एक का निरस्त हो जाता है। पिता-पुत्र व भाइयों में विवाद तथा पारिवारिक झगड़े भी आवेदन निरस्ती के कारण होते हैं।
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केस एक
समस्या जस की तस
बागपत की माता कॉलोनी के सुरेश का मकान जर्जर था। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत दो साल पहले आवेदन किया था। आवेदन मंजूर होने पर जर्जर मकान तुड़वा दिया। अब पड़ोसी के घर में रह रहे हैं। उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही मकान बन जाएगा। पहली किस्त से नींव भरवा दी। अब डेढ़ साल से दूसरी किस्त का इंतजार है। कई बार डूडा कार्यालय के चक्कर काट चुके है परंतु समस्या जस की तस है।
केस दो
भारी पड़ रहा मकान का किराया
बागपत में पुस्ते के समीप माता कॉलोनी निवासी छोटी पत्नी सचिन किसी जानकार के यहां रहती थी। उन्होंने भूखंड पर मकान बनवाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत दो साल पहले आवेदन किया था। इन्होंने पहली किस्त मिलने पर मकान निर्माण शुरू कराया। अब दूसरी किस्त नहीं मिली है। जिससे मजदूरी करके जितने रुपये मिलते हैं, उनमें से काफी सारे किराये के मकान में चले जाते हैं।

यहां से सभी की फाइल भेजी हुई हैं। धीरे-धीरे सभी की किस्त पहुंच रही हैं। यदि किसी की कोई समस्या है तो वह कार्यालय में बता सकता है। जिससे उसका समाधान किया जा सके।-रजनी पुंडीर, परियोजना अधिकारी डूडा

बागपत की माता कालोनी में पहली किस्त आने के बाद निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास योजना से बना अधूरा ?

बागपत की माता कालोनी में पहली किस्त आने के बाद निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास योजना से बना अधूरा ?- फोटो : BAGHPAT

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