{"_id":"6519d9e2f67959646a08c507","slug":"ibrahimpur-majra-ashrafabad-road-turned-into-potholes-baghpat-news-c-28-1-bag1001-5796-2023-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: गड्ढों में तब्दील हो गया इब्राहिमपुर माजरा-अशरफाबाद थल मार्ग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: गड्ढों में तब्दील हो गया इब्राहिमपुर माजरा-अशरफाबाद थल मार्ग
विज्ञापन
रमाला। इब्राहिमपुर माजरा से अशरफाबाद थल तक का संपर्क मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जिससे आवागमन करने में राहगीर हादसों का शिकार हो रहे है। ग्रामीणों ने अधिकारियों से जल्द मार्ग का निर्माण कराने की मांग की।
इब्राहिमपुर माजरा गांव से अशरफाबाद थल जाने वाले मार्ग से गांगनौली, कंडेरा, कासिमपुर खेड़ी समेत कई गांवों के ग्रामीण आवागमन करते है और चीनी मिल चलने पर किसान गन्ना भी इसी मार्ग से लेकर जाते है। जिसका निर्माण 15 साल पहले गन्ना विभाग ने कराया था, जो कई सालों से जर्जर हाल में है। अब चीनी मिल चलने का समय नजदीक आ गया है तो ग्रामीणों को भी गन्ना चीनी मिलों तक पहुंचाने की चिंता सताने लगी है। किसान ओमप्रकाश, दिनेश कुमार, बिजेंद्र, जुल्ला आदि का कहना है कि जर्जर रास्ते पर पहले भी कई ट्रक पलट चुके है। जिससे हादसा होने का डर सताता रहता है। उन्होंने जल्द मार्ग का निर्माण कराने की मांग की।
किसानों को उठानी पड़ेगी परेशानी
चीनी मिले शुरू होने वाली है, जो छह महीने चलाई जाएगी। ऐसे में किसानों को गन्ना पहुंचने में जर्जर मार्गों से गुजरना पड़ेगा। किसानों की परेशानी का समाधान कराया जाए। दिनेश कुमार
विज्ञापन
बरसात में बदलना पड़ता है रास्ता
पंद्रह साल पहले बना मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है। बारिश होने के बाद इस मार्ग पर जलभराव हो जाता है। गड्ढो में वाहन गिर जाते है, जिस कारण रास्ता बदलकर कई किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ता है। ओमप्रकाश।
वर्जन-
टीम को भेजकर मार्ग की स्थिति दिखवाई जाएगी। कई मार्गों के निर्माण कराने की प्रक्रिया चल रही है, जल्द ही मार्ग का निर्माण करा दिया जाएगा। -अतुल कुमार, अधिशासी अभियंता।
विज्ञापन
इब्राहिमपुर माजरा गांव से अशरफाबाद थल जाने वाले मार्ग से गांगनौली, कंडेरा, कासिमपुर खेड़ी समेत कई गांवों के ग्रामीण आवागमन करते है और चीनी मिल चलने पर किसान गन्ना भी इसी मार्ग से लेकर जाते है। जिसका निर्माण 15 साल पहले गन्ना विभाग ने कराया था, जो कई सालों से जर्जर हाल में है। अब चीनी मिल चलने का समय नजदीक आ गया है तो ग्रामीणों को भी गन्ना चीनी मिलों तक पहुंचाने की चिंता सताने लगी है। किसान ओमप्रकाश, दिनेश कुमार, बिजेंद्र, जुल्ला आदि का कहना है कि जर्जर रास्ते पर पहले भी कई ट्रक पलट चुके है। जिससे हादसा होने का डर सताता रहता है। उन्होंने जल्द मार्ग का निर्माण कराने की मांग की।
विज्ञापन
किसानों को उठानी पड़ेगी परेशानी
चीनी मिले शुरू होने वाली है, जो छह महीने चलाई जाएगी। ऐसे में किसानों को गन्ना पहुंचने में जर्जर मार्गों से गुजरना पड़ेगा। किसानों की परेशानी का समाधान कराया जाए। दिनेश कुमार
विज्ञापन
बरसात में बदलना पड़ता है रास्ता
पंद्रह साल पहले बना मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है। बारिश होने के बाद इस मार्ग पर जलभराव हो जाता है। गड्ढो में वाहन गिर जाते है, जिस कारण रास्ता बदलकर कई किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ता है। ओमप्रकाश।
वर्जन-
टीम को भेजकर मार्ग की स्थिति दिखवाई जाएगी। कई मार्गों के निर्माण कराने की प्रक्रिया चल रही है, जल्द ही मार्ग का निर्माण करा दिया जाएगा। -अतुल कुमार, अधिशासी अभियंता।