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शुगर मिल कालोनी में कटवाए सैंकड़ों पेड़, वन विभाग कराएगा जांच
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बागपत शुगर मिल में कटे पेड़ में निकली टहनी
- फोटो : BAGHPAT
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बागपत। बागपत शुगर मिल परिसर और उसके आवासीय परिसर में सैकड़ों हरे पेड़ कटवा दिए गए है। मिल अधिकारियों पर इन हरे पेड़ों को वन विभाग की अनुमति के बिना कटवाने का आरोप लगा है। इसकी शिकायत सहकारी चीनी मिल के प्रबंध निदेशक के साथ ही वन विभाग में की गई है। इस पर वन विभाग के अधिकारियों ने जांच कराने की बात कही है।
नया गांव हमीदाबाद की प्रधान अंजली चौधरी, सनी, विशेष गोपी ने सहकारी चीनी मिल बागपत के प्रबंध निदेशक और वन विभाग में शिकायत दर्ज कराई है। इसमें कहा गया है कि बागपत शुगर मिल परिसर व आवासीय परिसर में सैकड़ों हरे पड़े खड़े थे। आरोप है कि उनको कुछ दिन पहले ही कटवा दिया गया है। जबकि वह 20-30 वर्ष पुराने पेड़ थे और उनको कटवाने का कोई जरूरी कारण भी नहीं था। जिन पेड़ों को कटवाया गया है, उनमें शीशम, पीपल, नीम, जामुन, सागौन, पिलखन, गुल्लर आदि शामिल है। आरोप है कि हरे पेड़ों का कटवाकर बड़ा घपला किया गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने इसमें जांच कराने की बात कही है।
पेड़ हरे होने के कारण जड़ों से दोबारा टहनी निकलने लगी
शुगर मिल के अधिकारी दावा कर रहे है कि वह सूखे हुए पेड़ थे और इसलिए ही उनको कटवाया गया है। लेकिन जिन पेड़ों को कटवाया गया है, उनकी जड़ें अभी तक जमीन में मौजूद है और उनमें टहनियां दोबारा से निकलनी शुरू हो गई है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर पेड़ सूखे होते तो उनमें से टहनी दोबारा नहीं निकल सकती थी।
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इस तरह से हरे पेड़ नहीं कटवाए जा सकते है। इतनी संख्या में पेड़ कटवाना पूरी तरह से गलत है। इसके लिए हमारे कार्यालय से कोई अनुमति नही ली गई है। हमारे कार्यालय में मिली शिकायत के आधार पर जांच कराई जाएगी। - हेमंत कुमार सेठ, जिला वन अधिकारी
जिन पेड़ों को कटवाया गया है, वह सूख चुके थे। उनको बॉयलर में इस्तेमाल करने के लिए कटवाया गया था। मिल परिसर में कोई गलत कार्य नहीं किया गया है। - आरके जैन, जीएम बागपत शुगर मिल
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नया गांव हमीदाबाद की प्रधान अंजली चौधरी, सनी, विशेष गोपी ने सहकारी चीनी मिल बागपत के प्रबंध निदेशक और वन विभाग में शिकायत दर्ज कराई है। इसमें कहा गया है कि बागपत शुगर मिल परिसर व आवासीय परिसर में सैकड़ों हरे पड़े खड़े थे। आरोप है कि उनको कुछ दिन पहले ही कटवा दिया गया है। जबकि वह 20-30 वर्ष पुराने पेड़ थे और उनको कटवाने का कोई जरूरी कारण भी नहीं था। जिन पेड़ों को कटवाया गया है, उनमें शीशम, पीपल, नीम, जामुन, सागौन, पिलखन, गुल्लर आदि शामिल है। आरोप है कि हरे पेड़ों का कटवाकर बड़ा घपला किया गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने इसमें जांच कराने की बात कही है।
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पेड़ हरे होने के कारण जड़ों से दोबारा टहनी निकलने लगी
शुगर मिल के अधिकारी दावा कर रहे है कि वह सूखे हुए पेड़ थे और इसलिए ही उनको कटवाया गया है। लेकिन जिन पेड़ों को कटवाया गया है, उनकी जड़ें अभी तक जमीन में मौजूद है और उनमें टहनियां दोबारा से निकलनी शुरू हो गई है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर पेड़ सूखे होते तो उनमें से टहनी दोबारा नहीं निकल सकती थी।
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इस तरह से हरे पेड़ नहीं कटवाए जा सकते है। इतनी संख्या में पेड़ कटवाना पूरी तरह से गलत है। इसके लिए हमारे कार्यालय से कोई अनुमति नही ली गई है। हमारे कार्यालय में मिली शिकायत के आधार पर जांच कराई जाएगी। - हेमंत कुमार सेठ, जिला वन अधिकारी
जिन पेड़ों को कटवाया गया है, वह सूख चुके थे। उनको बॉयलर में इस्तेमाल करने के लिए कटवाया गया था। मिल परिसर में कोई गलत कार्य नहीं किया गया है। - आरके जैन, जीएम बागपत शुगर मिल