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आय, जाति प्रमाण पत्र की वजह से दशमोत्तर छात्रवृति के आवेदन से वंचित रहे गए सैकड़ो छात्र
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आय, जाति एवं मूल निवासी प्रमाण-पत्र की वजह से दशमोत्तर छात्रवृत्ति के आवेदन से वंचित सैकड़ों छात्र
प्रमाण-पत्र आवेदन तहसीलों में अटकने से नहीं कर पाए आवेदन
सैकड़ों छात्र इस बार छात्रवृत्ति से रह जाएंगे वंचित
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। आय, जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र न बनने से सैकड़ों छात्र-छात्राएं दशमोत्तर छात्रवृत्ति के आवेदन करने से वंचित रहे गए। सोमवार को इसका अंतिम दिन था।
दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत आवेदन करने के लिए शासन द्वारा सात नवंबर को अंतिम तिथि घोषित की हुई। इसके बाद छात्र-छात्राओं की ओर से भरे गए आवेदनों का मिलान कर विद्यालयों द्वारा ऑनलाइन अग्रसारित करने की अंतिम तिथि 15 नवंबर निर्धारित है। इस तिथि के बाद वेबसाइट बंद हो जाएगी। वहीं, शासन की ओर से समय सीमा बढ़ाया जाना संभव नहीं होगा।
वर्तमान सत्र में शासन की ओर से दिसंबर 2022 में ही छात्रवृत्ति वितरण कराने का निर्णय किया गया है। सरकारी कार्यशैली छात्रों के लिए मुसीबत बन गई है। वहीं, तहसीलों से प्रमाणपत्र समय से जारी नहीं होने से छात्र परेशान हैं। वहीं, बड़ौत तहसील में पिछले दो माह से तहसीलदार की नियुक्ति नहीं है। यहां के तहसीलदार हर्ष चावला का स्थानांतरण होने के बाद बागपत के तहसीलदार को ही अतिरिक्त चार्ज प्रमाणपत्र बनाने के लिए दिया गया है।
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छात्रों द्वारा प्रमाण-पत्र आवेदन करने के बाद उन पर डिजिटल सिग्नेचर बागपत तहसीलदार द्वारा किए जा रहे हैं। आय व जाति प्रमाण पत्र आवेदन करने वाले छात्र सौरभ, दीपक, मनोज, सुधीर, अंकित, मोहित, सुरेश का कहना है कि उनके प्रमाण पत्र तहसीलदार के फोल्डर में अटके पड़े हैं। हस्ताक्षर न होने से प्रमाण-पत्र समय पर नहीं मिल पाए। जिस कारण छात्रवृत्ति के लिए आवेदन नहीं कर सके। इस संबंध में एसडीएम सुभाष सिंह का कहना है कि प्रमाण-पत्र बनाए जा रहे हैं। इसी क्रम से प्रमाण-पत्र जारी होते हैं।
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प्रमाण-पत्र आवेदन तहसीलों में अटकने से नहीं कर पाए आवेदन
सैकड़ों छात्र इस बार छात्रवृत्ति से रह जाएंगे वंचित
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। आय, जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र न बनने से सैकड़ों छात्र-छात्राएं दशमोत्तर छात्रवृत्ति के आवेदन करने से वंचित रहे गए। सोमवार को इसका अंतिम दिन था।
दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत आवेदन करने के लिए शासन द्वारा सात नवंबर को अंतिम तिथि घोषित की हुई। इसके बाद छात्र-छात्राओं की ओर से भरे गए आवेदनों का मिलान कर विद्यालयों द्वारा ऑनलाइन अग्रसारित करने की अंतिम तिथि 15 नवंबर निर्धारित है। इस तिथि के बाद वेबसाइट बंद हो जाएगी। वहीं, शासन की ओर से समय सीमा बढ़ाया जाना संभव नहीं होगा।
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वर्तमान सत्र में शासन की ओर से दिसंबर 2022 में ही छात्रवृत्ति वितरण कराने का निर्णय किया गया है। सरकारी कार्यशैली छात्रों के लिए मुसीबत बन गई है। वहीं, तहसीलों से प्रमाणपत्र समय से जारी नहीं होने से छात्र परेशान हैं। वहीं, बड़ौत तहसील में पिछले दो माह से तहसीलदार की नियुक्ति नहीं है। यहां के तहसीलदार हर्ष चावला का स्थानांतरण होने के बाद बागपत के तहसीलदार को ही अतिरिक्त चार्ज प्रमाणपत्र बनाने के लिए दिया गया है।
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छात्रों द्वारा प्रमाण-पत्र आवेदन करने के बाद उन पर डिजिटल सिग्नेचर बागपत तहसीलदार द्वारा किए जा रहे हैं। आय व जाति प्रमाण पत्र आवेदन करने वाले छात्र सौरभ, दीपक, मनोज, सुधीर, अंकित, मोहित, सुरेश का कहना है कि उनके प्रमाण पत्र तहसीलदार के फोल्डर में अटके पड़े हैं। हस्ताक्षर न होने से प्रमाण-पत्र समय पर नहीं मिल पाए। जिस कारण छात्रवृत्ति के लिए आवेदन नहीं कर सके। इस संबंध में एसडीएम सुभाष सिंह का कहना है कि प्रमाण-पत्र बनाए जा रहे हैं। इसी क्रम से प्रमाण-पत्र जारी होते हैं।