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मेडिकल स्टोर पर कैसे पहुंची सरकारी दवा, जांच शुरू

Fri, 28 Aug 2020 11:30 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2020 11:30 PM IST
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How government medicine reached medical store, investigation started
- ड्रग इंस्पेक्टर ने बृहस्पतिवार को रमाला में मेडिकल स्टोर मारा था छापा
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- माला-डी की 200 गोली और ऑक्सीटोसिन की 1900 एमएल दवा हुई थी बरामद
संवाद न्यूज एजेंसी
रमाला (बागपत)। असारा गांव के मेडिकल स्टोर पर बृहस्पतिवार को छापे के दौरान मिली माला-डी की 200 गोली और ऑक्सीटोसिन की 1900 एमएल दवा के मामले में जांच शुरू हो गई है। बड़ौत, बागपत के अलावा शामली और मेरठ के मेडिकल स्टोर संचालक भी विभाग के रडार पर है।
ड्रग्स इंस्पेक्टर वैभव बब्बर ने बताया कि बृहस्पतिवार को असारा गांव के मेडिकल स्टोर पर छापा मारा गया था। स्टोर संचालक बिना लाइसेंस से दवाइयों की बिक्री करते हुए मिला था। जांच के दौरान स्टोर में सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली माला डी की गोलियों के सात पत्ते यानि दो सौ गोलियां बरामद हुई है। काफी मात्रा में बिना वैधता की दवाइयां भी मिली थी। करीब 88 हजार रुपये की दवाइयों के स्टॉक को सीज कर दिया गया था। स्टोर संचालक शौकीन पुत्र जाकिर अली के खिलाफ रमाला थाने पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। सरकारी दवाइयां स्टोर पर कैसे पहुंची, इसकी पड़ताल शुरू कर दी गई है। उधर, थाना प्रभारी रमेश सिह सिद्धू का कहना है कि मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।
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तीन जिलों से सप्लाई ले रहा था संचालक
रमाला। ड्रग्स इंस्पेक्टर वैभव बब्बर ने बताया कि पूछताछ के दौरान स्टोर संचालक ने बड़ौत, बागपत के अलावा शामली व मेरठ से दवाइयों की सप्लाई लेना स्वीकार किया है। उसके द्वारा बताए गए स्टोर संचालकों की जांच की जाएगी।
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दवा का सैंपल भी लिया
रमाला। ड्रग्स इंस्पेक्टर ने बताया कि मेडिकल स्टोर से एक एंटीबायोटिक दवा का सैंपल लिया गया है, जिसे लखनऊ प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। साथ ही, पूरे मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया है।

सरकारी अस्पतालों में माला डी नि:शुल्क मिलती है। ऐसे में किसी ने गलत तरीके से दवाइयां लेकर मेडिकल स्टोर पर दी होगी, इसके बावजूद जांच की जा रही है। - डॉ आरके टंडन, सीएमओ।
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