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तीन दिन में नहीं बनते मकान, नियम नहीं बदला तो आंदोलन

Thu, 24 Dec 2020 11:38 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 24 Dec 2020 11:38 PM IST
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Houses are not built in three days, if the rules do not change the movement
मेरठ-बागपत हाईवे में अधिग्रहण की प्रक्रिया पर जताई नाराजगी
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बोले, कस्बे के नागरिक सड़क पर उतरने को हो जाएंगे मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
अग्रवाल मंडी टटीरी। नागरिकों ने मेरठ-बागपत हाईवे में अधिग्रहण की प्रक्रिया पर नाराजगी जताई है। नागरिकों का कहना है कि पहले 13 मीटर पर निशानदेही की गई थी, अब दो मीटर और बढ़ाकर 15 मीटर कर दिया है। प्रशासन ने तीन दिन में अतिक्रमण हटवाने की चेतावनी दी है। तीन में मकान तोड़कर अन्य व्यवस्था करना मुश्किल है।
कस्बा निवासी अतुल गुप्ता का कहना है कि पूर्व में निर्माण कंपनी ने 13 मीटर पर निशानदेही की थी। बुधवार को प्रशासन न 15 मीटर भूमि छोड़ने की मुनादी कराई गई है, जोकि गलत है।
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कस्बे की पूर्व चेयरमैन शकुंतला शर्मा के पति समाजसेवी प्रेमशंकर शर्मा का कहना है कि कोरोना संक्रमण काल में सभी के धंधे ठप पड़े है। मकान तोड़कर बनाना बहुत मुश्किल है। नाला निर्माण से पूर्व पाइप लाइन, बिजली के खंभे की व्यवस्था कराने की मांग की।
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डॉ सुनील अग्रवाल ने कहा कि मकान टूटने पर नगर के लोग सड़क पर आ जाएंगे। प्रशासन को नागरिकों की समस्या को देखते हुए 11 मीटर पर निशानदेही करने की मांग की। नागरिक तीन दिन में कैसे निर्माण कर सकते हैं।

समाजसेवी निसार अहमद का कहना है कि शासन प्रशासन को जनता की आवाज सुननी चाहिए। प्रशासन को जनता के बीच में आकर उनकी समस्या का समाधान करना चाहिए।
हाईवे के लिए जमीन ले ली गई, अब मुआवजा दिलवा दो
बागपत। अग्रवाल मंडी टटीरी के किसानों ने डीएम शकुंतला गौतम को दिए ज्ञापन में मेरठ-बागपत मार्ग के चौड़ीकरण का मुआवजा दिलवाने की मांग की। किसानों का कहना था कि मेरठ-बागपत मार्ग पर उनकी कृषि की भूमि है। प्रदेश सरकार ने चकबंदी के दौरान सड़क के मध्य से 39 फीट छोड़कर किसानों को भू-स्वामी नियुक्त किया था। मेरठ-बागपत हाईवे के निर्माण के लिए सड़क के बीच से 43 फीट पर निशानदेही की गई है। सड़क निर्माण कंपनी की ओर से किसानों की चार फीट की भूमि पर जबरदस्ती कार्य कार्य किया जा रहा है। 22 जुलाई को एएचएआई के अधिकारियों को भी समस्या का समाधान कराने की मांग की थी। आरोप है कि विरोध करने पर किसानों को सरकारी काम में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी रही है। उन्होंने अधिग्रहण की जा रही भूमि का मुआवजा दिलवाने की मांग की। हिम्मत सिंह, संजय कुमार, सौरभ जाटव, राकेश कुमार, नसीम मौजूद रहे।
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