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खामियों पर बंद कराया हॉस्पिटल, सड़क पर छोड़ दिए मरीज

Sun, 06 Sep 2020 11:18 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 06 Sep 2020 11:18 PM IST
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Hospital closed on flaws, patients left on the road
बगापत बड़ौत में मेट्रो हास्पिटल एवं ट्रामा सेन्टर को बंद कराने से पहले मरीजों को बाहर निकालते पु - फोटो : BARAUT
- स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट पर रविवार को पुलिस ने बंद कराया मेट्रो हॉस्पिटल
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- डीएम शकुंतला गौतम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने की थी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
बड़ौत (बागपत)। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने रविवार को मेट्रो हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर को बंद करा दिया। लाइसेंस भी निरस्त कर दिया गया है। इलाज कराने आए मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट करने के बजाए पुलिस ने अस्पताल से बाहर निकाल दिया। लॉकडाउन में अधिकतर अस्पताल बंद थे, जिस कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। मरीजों का कहना था कि पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को पहले उनके उपचार का प्रबंध करना चाहिए था।
रविवार को एसएसआई धुरेंद्र सिंह के नेतृत्व पर बड़ौत कोतवाली के सिपाही मोनू शर्मा और नंद किशोर दिल्ली-सहारनपुर हाइवे स्थित मेट्रो हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर पहुंचे। सीएमओ डॉ आरके टंडन के आदेश का हवाला देते हुए अस्पताल प्रबंधन को बताया कि उनके यहां खामियां मिली है। अस्पताल को बंद करने के लिए लिखा गया है। इस दौरान अस्पताल में तकरीबन 10 से 15 मरीजों को बाहर निकाला गया। यहां पर तीन मरीज भर्ती भी थे, जिनकी बाद में छुट्टी की गई। मरीजों का कहना था कि पहले उनके उपचार का दूसरी जगह प्रबंध होना चाहिए था। लॉकडाउन में अधिकतर अस्पताल बंद थे, जिस कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी।
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आरोप: डॉक्टर की डिग्री पर हॉस्पिटल के मैनेजर ने किया था ऑपरेशन
बड़ौत। सिलाना गांव के अरुण ने मेट्रो हॉस्पिटल में अपनी पत्नी डोली का ऑपरेशन कराया था। इस दौरान उसकी पत्नी की हालत बिगड़ गई थी। उसे चंडीगढ़ में भर्ती कराया था, जहां उसकी बमुश्किल जान बच सकी थी। अरुण ने डीएम शकुंतला गौतम से शिकायत की। डीएम के निर्देश पर सीएमओ डॉ आरके टंडन ने जांच कराई। एसीएमओ डॉ दीपा सिंह के नेतृत्व में टीम ने मेट्रो हॉस्पिटल पहुंचकर जांच की। जांच में पता चला कि डोली को जून माह में बड़ौत स्थित मेट्रो हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। आपरेशन के बाद बच्चे को जन्म दिया। बाद में दोबारा महिला डोली का आपरेशन किया गया। स्वास्थ्य विभाग से शिकायत की गई थी कि आपरेशन किसी चिकित्सक ने नहीं किया था, बल्कि हॉस्पिटल के मैनेजर विपिन चौहान ने किया था। विपिन चौहान एमए अर्थशास्त्र से है। जबकि हास्पिटल बिजनौर में रह रहे चिकित्सक डा बजेंद्र बालियान व उनकी पत्नी विनीता के नाम से पंजीकृत था, दोनों चिकित्सक यहां पर उपचार नहीं करते। एसीएमओ डा दीपा सिंह की रिपोर्ट के बाद सीएमओ ने अस्पताल का पंजीकरण निरस्त कर दिया और कोतवाली पुलिस को अस्पताल बंद कराने के निर्देश दिए थे।
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सख्त कार्रवाई होगी, चल रही जांच
मेट्रो हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर के प्रकरण की जांच चल रही है। अस्पताल संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - डॉ आरके टंडन, सीएमओ।
हॉस्टिपल के खिलाफ रची गई साजिश
मेट्रो हास्पिटल के मैनेजर विपिन चौहान ने साजिश के तहत अस्पताल को बंद कराने का आरोप लगाया। आरोप लगाया कि सीएमओ कार्यालय पर तैनात एक कर्मचारी के इशारे पर अनावश्यक दबाव बनाने के लिए यह कार्रवाई की गई है। बताया कि न्याय के लिए डीएम व सीएमओ से भी मिले। गलत तरीके से अस्पताल का पंजीकरण निरस्त किया गया है। आवश्यकता पड़ी तो कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा। जिस तरह के आरोप लगाए गए हैं, वह सब निराधार हैं।
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