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Baghpat News: घरों में गैस खत्म होने से चूल्हा ठंडा, उपकरण निरीक्षण के नाम पर जेब गर्म
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बड़ौत। गैस सिलिंडर लेने के लिए लोग जूझ रहे हैं। वहीं गैस खत्म होने से घरों में समय पर चूल्हा तक नहीं जल पा रहा है, लेकिन इसी बीच गैस एजेंसी की ओर से उपभोक्ताओं को एक और झटका दिया जा रहा है। घरेलू उपकरणों के अनिवार्य निरीक्षण और हॉटप्लेट की सफाई के नाम पर उपभोक्ताओं से शुल्क वसूला जा रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जिले में जहां लोग गैस सिलिंडर के लिए परेशान हो रहे हैं, वहीं बड़ौत में संचालित गैस एजेंसी के कर्मचारी लोगों के घर पहुंचकर निरीक्षण बीमा पर्ची थमा रहे हैं। उपभोक्ता सुमन, प्रदीप, अनिल, देव का कहना है कि जब उनकी पहली जरूरत गैस सिलिंडर है, तब एजेंसी की ओर से अतिरिक्त शुल्क की पर्ची लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एजेंसी कर्मचारी घर-घर पहुंचकर गैस चूल्हे और अन्य उपकरणों का निरीक्षण करने की बात कह रहे हैं।
इसके बाद उपभोक्ताओं को सेवा शुल्क का 200 रुपये का बिल थमा दिया जाता है, जिस पर 18 प्रतिशत जीएसटी भी जोड़ा जा रहा है। कई उपभोक्ताओं को अन्य शुल्क तक के बिल थमाएं जा रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि एक तरफ गैस सिलिंडर समय पर नहीं मिल पा रहा है और कई-कई दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर निरीक्षण व सफाई के नाम पर रुपये वसूले जा रहे हैं। आरोप है कि बिना निरीक्षण पर्ची के गैस देने में टालमटोल की जा रही है, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
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वर्जन--
सरकार के नियमों के तहत लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर प्रत्येक पांच साल के अंदर एलपीजी कनेक्शन की जांच कराना अनिवार्य है। इसमें गैस चूल्हा, रेगुलेटर और पाइप की जांच की जाती है ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। इसके लिए निर्धारित शुल्क लिया जाता है और एजेंसी के अधिकृत मैकेनिक ही जांच करते हैं। गैस एजेंसी संचालकों से भी बात की जाएगी कि वर्तमान में पहले उपभोक्ताओं को गैस की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करें। हालात सामान्य होने के बाद ही निरीक्षण की प्रक्रिया कराई जाए। -राजेश कुमार, आपूर्ति निरीक्षक बड़ौत।
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जिले में जहां लोग गैस सिलिंडर के लिए परेशान हो रहे हैं, वहीं बड़ौत में संचालित गैस एजेंसी के कर्मचारी लोगों के घर पहुंचकर निरीक्षण बीमा पर्ची थमा रहे हैं। उपभोक्ता सुमन, प्रदीप, अनिल, देव का कहना है कि जब उनकी पहली जरूरत गैस सिलिंडर है, तब एजेंसी की ओर से अतिरिक्त शुल्क की पर्ची लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एजेंसी कर्मचारी घर-घर पहुंचकर गैस चूल्हे और अन्य उपकरणों का निरीक्षण करने की बात कह रहे हैं।
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इसके बाद उपभोक्ताओं को सेवा शुल्क का 200 रुपये का बिल थमा दिया जाता है, जिस पर 18 प्रतिशत जीएसटी भी जोड़ा जा रहा है। कई उपभोक्ताओं को अन्य शुल्क तक के बिल थमाएं जा रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि एक तरफ गैस सिलिंडर समय पर नहीं मिल पा रहा है और कई-कई दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर निरीक्षण व सफाई के नाम पर रुपये वसूले जा रहे हैं। आरोप है कि बिना निरीक्षण पर्ची के गैस देने में टालमटोल की जा रही है, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
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सरकार के नियमों के तहत लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर प्रत्येक पांच साल के अंदर एलपीजी कनेक्शन की जांच कराना अनिवार्य है। इसमें गैस चूल्हा, रेगुलेटर और पाइप की जांच की जाती है ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। इसके लिए निर्धारित शुल्क लिया जाता है और एजेंसी के अधिकृत मैकेनिक ही जांच करते हैं। गैस एजेंसी संचालकों से भी बात की जाएगी कि वर्तमान में पहले उपभोक्ताओं को गैस की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करें। हालात सामान्य होने के बाद ही निरीक्षण की प्रक्रिया कराई जाए। -राजेश कुमार, आपूर्ति निरीक्षक बड़ौत।