{"_id":"604cf92d8ebc3e5921586ee2","slug":"high-court-s-eyes-set-on-hearing-baghpat-news-mrt529678055","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी निगाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी निगाह
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की बाबत संभावित प्रत्याशियों की निगाह अब हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिक गई हैं। हाईकोर्ट द्वारा आरक्षण पर रोक लगाने के बाद वे फिर से गुणा-भाग में लग गए हैं। वहीं, चौपालों पर आरक्षण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तीन मार्च को आरक्षण की अनंतिम सूची जारी की गई थी। चार से आठ मार्च तक आपत्तियां मांगी गई थीं। 12 मार्च तक आपत्तियों का निस्तारण तथा 13 मार्च को अंतिम सूची का प्रकाशन निर्धारित किया गया था। जिले में 163 आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। इनमें से 105 आपत्ति ग्राम प्रधान पद के लिए थीं। 12 मार्च को हाईकोर्ट ने आरक्षण प्रक्रिया पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। इस पर 15 मार्च को सुनवाई तय की गई है। हाईकोर्ट के आरक्षण पर रोक लगाने के बाद संभावित प्रत्याशी की निगाहें 15 मार्च की सुनवाई पर टिकी है। गांवों में लगने वाली चौपालों में आरक्षण को लेकर चर्चा तेज हो गई है। संभावित प्रत्याशी जोड़-तोड़ में जुट गए हैं। उन्हें आरक्षण में राहत मिलने की उम्मीद लगी है।
फिर से जगी आस
पंचायत चुनाव में दावेदारों के अरमानों पर आरक्षण जारी होते ही पानी फिर गया था। अब आरक्षण प्रक्रिया पर हाईकोर्ट की रोक से उन्हें आस जगी है। कुछ लोग उम्मीद जता रहे हैं कि इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश से उनकी सीट पर आरक्षण में फेरबदल हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तीन मार्च को आरक्षण की अनंतिम सूची जारी की गई थी। चार से आठ मार्च तक आपत्तियां मांगी गई थीं। 12 मार्च तक आपत्तियों का निस्तारण तथा 13 मार्च को अंतिम सूची का प्रकाशन निर्धारित किया गया था। जिले में 163 आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। इनमें से 105 आपत्ति ग्राम प्रधान पद के लिए थीं। 12 मार्च को हाईकोर्ट ने आरक्षण प्रक्रिया पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। इस पर 15 मार्च को सुनवाई तय की गई है। हाईकोर्ट के आरक्षण पर रोक लगाने के बाद संभावित प्रत्याशी की निगाहें 15 मार्च की सुनवाई पर टिकी है। गांवों में लगने वाली चौपालों में आरक्षण को लेकर चर्चा तेज हो गई है। संभावित प्रत्याशी जोड़-तोड़ में जुट गए हैं। उन्हें आरक्षण में राहत मिलने की उम्मीद लगी है।
विज्ञापन
फिर से जगी आस
पंचायत चुनाव में दावेदारों के अरमानों पर आरक्षण जारी होते ही पानी फिर गया था। अब आरक्षण प्रक्रिया पर हाईकोर्ट की रोक से उन्हें आस जगी है। कुछ लोग उम्मीद जता रहे हैं कि इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश से उनकी सीट पर आरक्षण में फेरबदल हो सकता है।
विज्ञापन