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Baghpat News: नसबंदी के बाद भी हो गए बच्चे, अब मुआवजा मिलने की जगी उम्मीद
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बागपत। सरकारी अस्पतालों में नसबंदी कराने के बाद भी महिलाओं के बच्चे हो गए और अब छह साल बाद उन्हें मुआवजा मिलने की उम्मीद जगी है। जिले में 40 महिलाओं को जल्द ही नसंबंदी फेल होने के बाद उनके खाते में 60-60 हजार रुपये भेजे जाएंगे और उन्हें अब सीएमओ कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा नसबंदी कराने के लिए महिलाओं व पुरुषों को जागरूक किया जाता है। स्वास्थ्य केंद्रों पर शिविर भी लगाकर नसबंदी की जाती है लेकिन जिले में 40 महिलाओं की नसबंदी फेल हो गई और नसबंदी के बाद उनके बच्चे भी हो गए। इसकी शिकायत सीएमओ कार्यालय में की गई। शिकायत मिलने के बाद जांच कराई गई तो मामला सही मिला। महिलाएं छह साल से 60-60 हजार रुपये के मुआवजा के लिए सीएमओ कार्यालय के चक्कर लगा रही थीं, लेकिन उन्हें मुआवजा तक नहीं मिल रहा था। इससे वे काफी परेशानी थीं। महिलाओं की समस्या को देखते हुए उनको मुआवजा के लिए शासन को पत्र लिखा गया था। अब छह साल का इंतजार खत्म हो गया और महिलाओं को मुआवजा देने के लिए जल्द ही उनके खाते में 60-60 हजार रुपये भेजे जाएंगे ताकि उन्हें परेशानी न हो।
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नसबंदी फेल होने पर मिलता है 60 हजार रुपये का मुआवजा
यदि किसी महिला या पुरुष की नसबंदी हो जाती है तो उन्हें शासन से 60 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाता है। इसके लिए पहले जांच कराई जाती है। इनमें सबसे अधिक महिलाएं बागपत क्षेत्र की हैं। इसके अलावा खेकड़ा, पिलाना व बड़ौत ब्लॉक की भी महिलाएं शामिल हैं।
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वर्जन
- नसबंदी फेल होने पर महिलाओं के खाते में 60-60 हजार रुपये भेज दिया गया है। अभी जो महिलाएं रह गई हैं, उनके खाते में जल्द धनराशि भेज दी जाएगी। -डॉ. यशवीर सिंह, डिप्टी सीएमओ
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा नसबंदी कराने के लिए महिलाओं व पुरुषों को जागरूक किया जाता है। स्वास्थ्य केंद्रों पर शिविर भी लगाकर नसबंदी की जाती है लेकिन जिले में 40 महिलाओं की नसबंदी फेल हो गई और नसबंदी के बाद उनके बच्चे भी हो गए। इसकी शिकायत सीएमओ कार्यालय में की गई। शिकायत मिलने के बाद जांच कराई गई तो मामला सही मिला। महिलाएं छह साल से 60-60 हजार रुपये के मुआवजा के लिए सीएमओ कार्यालय के चक्कर लगा रही थीं, लेकिन उन्हें मुआवजा तक नहीं मिल रहा था। इससे वे काफी परेशानी थीं। महिलाओं की समस्या को देखते हुए उनको मुआवजा के लिए शासन को पत्र लिखा गया था। अब छह साल का इंतजार खत्म हो गया और महिलाओं को मुआवजा देने के लिए जल्द ही उनके खाते में 60-60 हजार रुपये भेजे जाएंगे ताकि उन्हें परेशानी न हो।
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नसबंदी फेल होने पर मिलता है 60 हजार रुपये का मुआवजा
यदि किसी महिला या पुरुष की नसबंदी हो जाती है तो उन्हें शासन से 60 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाता है। इसके लिए पहले जांच कराई जाती है। इनमें सबसे अधिक महिलाएं बागपत क्षेत्र की हैं। इसके अलावा खेकड़ा, पिलाना व बड़ौत ब्लॉक की भी महिलाएं शामिल हैं।
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वर्जन
- नसबंदी फेल होने पर महिलाओं के खाते में 60-60 हजार रुपये भेज दिया गया है। अभी जो महिलाएं रह गई हैं, उनके खाते में जल्द धनराशि भेज दी जाएगी। -डॉ. यशवीर सिंह, डिप्टी सीएमओ