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सेहत पर भारी मिलावट का धंधा
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Mon, 26 Sep 2016 01:38 AM IST
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बड़ौत। वर्तमान समय में विश्वास करने का जमाना ही नहीं रहा, जहां देखो वहां धोखा नजर आ रहा है। कुछ लोग अधिक मुनाफा कमाने के लिए लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने से नहीं चूक रहे हैं।
क्षेत्र में बिकने वाला दूध मिलावटी, घी मिलावटी, मावा मिलावटी, यहां तक कोल्ड ड्रिंक्स भी हैं मिलावटी। क्षेत्र में सक्रिय समाजसेवी संगठन भी चुपचाप मिलावट के खेल को देख रहे हैं। कुछ लोगों के शिकायत करने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय अधिकारी चुप्पी साधे हैं।
वर्तमान समय में क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की नाक तले मुनाफाखोर लोगों के स्वास्थ्य के साथ इस कदर खिलवाड़ कर रहे हैं कि लोगों को बाजार में अधिकांश चीजें मिलावटी ही परोसी जा रही हैं। आलम यह है कि वर्तमान समय में बाजार में दूध, घी, मावा से लेकर कोल्ड ड्रिंक्स तक मिलावटी मौजूद है।
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लोगों के शिकायत करने के बाद स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय अधिकारी कुछ सक्रिय जरूर होते हैं और लोगों के यहां छापा मारते हैं और कुछ नमूने भी लेते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने आज तक किसी के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की है। इससे लोगों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति आक्रोश है।
सूत्रों के अनुसार क्षेत्र में मिलावटी घी और मावा तैयार करने के लिए बड़ौत, पलड़ी, पलड़ा, दोघट, मिलाना, झूंड़पुर, दाहा, धनौरा, बिनौली, गुराना, कोताना, ढ़िकाना, बड़ौली, मलकपुर, सिनौली, फतेहपुर पुट्ठी, छपरौली, हेवा, इदरीशपुर, रमाला आदि स्थानों पर घड़ल्ले से भट्ठियां फल फूल रही है।
कुछ लोगों के शिकायत करने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग इन पर अंकुश लगाने में अभी तक पूरी तरह से नाकामयाब रहा है। इसके अलावा सरसों का तेल, देसी घी तैयार करने के कई केंद्र अकेले बड़ौत नगर में भी खुले हैं, लेकिन पता होते हुए भी स्वास्थ्य विभाग इन पर भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
नगर के चिकित्सक डॉ. अनिल जैन, प्रदीप जैन, संजय जैन आदि ने बताया मिलावटी सामान खाने से मनुष्य के शरीर भयंकर बीमारी हो सकती है। उन्होंने बताया मिलावटी दूध से पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलते हैं। उन्होंने नकली घी और मावा के खाने से आंतों के रोग होते हैं। उन्होंने बताया नकली तेल से ड्राप्सी का खतरा बढ़ता है।
उन्होंने बताया अन्य पदार्थों से पथरी, फेफड़ों में इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन करने से कभी कभी लीवर और दिमागी दिक्कतें भी होती हैं। उधर, फूड इंस्पेक्टर आरके सिंह ने कहा खाद्य पदार्थों में मिलावट कर लोगों के जीवन से खिलवाड़ करने नहीं दिया जाएगा।
समय समय पर विभाग मिलावट करने वालों के खिलाफ अभियान चलता है। त्योहारों को ध्यान में रख कर शीघ्र ही मिलावट करने वालों के खिलाफ अभियान शुरू किया जाएगा।
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क्षेत्र में बिकने वाला दूध मिलावटी, घी मिलावटी, मावा मिलावटी, यहां तक कोल्ड ड्रिंक्स भी हैं मिलावटी। क्षेत्र में सक्रिय समाजसेवी संगठन भी चुपचाप मिलावट के खेल को देख रहे हैं। कुछ लोगों के शिकायत करने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय अधिकारी चुप्पी साधे हैं।
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वर्तमान समय में क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की नाक तले मुनाफाखोर लोगों के स्वास्थ्य के साथ इस कदर खिलवाड़ कर रहे हैं कि लोगों को बाजार में अधिकांश चीजें मिलावटी ही परोसी जा रही हैं। आलम यह है कि वर्तमान समय में बाजार में दूध, घी, मावा से लेकर कोल्ड ड्रिंक्स तक मिलावटी मौजूद है।
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लोगों के शिकायत करने के बाद स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय अधिकारी कुछ सक्रिय जरूर होते हैं और लोगों के यहां छापा मारते हैं और कुछ नमूने भी लेते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने आज तक किसी के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की है। इससे लोगों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति आक्रोश है।
सूत्रों के अनुसार क्षेत्र में मिलावटी घी और मावा तैयार करने के लिए बड़ौत, पलड़ी, पलड़ा, दोघट, मिलाना, झूंड़पुर, दाहा, धनौरा, बिनौली, गुराना, कोताना, ढ़िकाना, बड़ौली, मलकपुर, सिनौली, फतेहपुर पुट्ठी, छपरौली, हेवा, इदरीशपुर, रमाला आदि स्थानों पर घड़ल्ले से भट्ठियां फल फूल रही है।
कुछ लोगों के शिकायत करने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग इन पर अंकुश लगाने में अभी तक पूरी तरह से नाकामयाब रहा है। इसके अलावा सरसों का तेल, देसी घी तैयार करने के कई केंद्र अकेले बड़ौत नगर में भी खुले हैं, लेकिन पता होते हुए भी स्वास्थ्य विभाग इन पर भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
नगर के चिकित्सक डॉ. अनिल जैन, प्रदीप जैन, संजय जैन आदि ने बताया मिलावटी सामान खाने से मनुष्य के शरीर भयंकर बीमारी हो सकती है। उन्होंने बताया मिलावटी दूध से पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलते हैं। उन्होंने नकली घी और मावा के खाने से आंतों के रोग होते हैं। उन्होंने बताया नकली तेल से ड्राप्सी का खतरा बढ़ता है।
उन्होंने बताया अन्य पदार्थों से पथरी, फेफड़ों में इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन करने से कभी कभी लीवर और दिमागी दिक्कतें भी होती हैं। उधर, फूड इंस्पेक्टर आरके सिंह ने कहा खाद्य पदार्थों में मिलावट कर लोगों के जीवन से खिलवाड़ करने नहीं दिया जाएगा।
समय समय पर विभाग मिलावट करने वालों के खिलाफ अभियान चलता है। त्योहारों को ध्यान में रख कर शीघ्र ही मिलावट करने वालों के खिलाफ अभियान शुरू किया जाएगा।