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आमने-सामने आए माया और मोदी के सिपहसालार
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Sun, 24 Jul 2016 02:02 AM IST
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कलक्ट्रेट में भाजपा नेताओं के सामने नारेबाजी करते बसपा कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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बागपत। भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह की बसपा सुप्रीमो मायावती पर टिप्पणी के बाद सूबे की राजधानी में मचे सियासी भूचाल के झटके शनिवार को बागपत तक महसूस किए गए।
अलग-अलग मुद्दों पर कलक्ट्रेट में ज्ञापन देने पहुंचे भाजपा और बसपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। भाजपाइयों ने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती और बसपा महासचिव नसीमुद्दीन के खिलाफ नारेबाजी की, जबकि बसपाइयों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य को निशाने पर लिया। चौकसी के लिए पुलिस तैनात कर दी गई। काफी देर तक हंगामे की स्थिति रही। इसके बाद पहले भाजपा और फिर बसपा नेता डीएम को ज्ञापन सौंपकर रवाना हुए।
शनिवार को भाजपा जिलाध्यक्ष संजय खोखर के नेतृत्व में कार्यकर्ता बेटी के सम्मान में बीजेपी मैदान में अभियान में ज्ञापन देने पहुंचे थे। भाजपा कार्यकर्ता नारेबाजी कर रहे थे, इस बीच बसपा के बड़ौत विधायक लोकेश दीक्षित के नेतृत्व में मीतली हादसे में कार्रवाई की मांग को लेकर कार्यकर्ता पहुंच गए। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच यहां नारेबाजी शुरू हो गई। माहौल गरमाने लगा। हंगामे की स्थिति बनते ही पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई।
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भाजपा ने बसपा सुप्रीमो मायावती और महासचिव नसीमुद्दीन के खिलाफ नारेबाजी की, जबकि बसपा कार्यकर्ताओं ने भी प्रधानमंत्री समेत अन्य नेताओं पर निशाना साधा। लोकेश दीक्षित ने बसपा कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर शांत किया, जबकि भाजपा जिलाध्यक्ष संजय खोखर ने भी कार्यकर्ताओं को शांत कराया। इस बीच डीएम ह्दय शंकर तिवारी पहुंचे। पहले भाजपा और फिर बसपा कार्यकर्ताओं ने डीएम का अपना-अपना मांगपत्र दिया। इसके बाद दोनों दलों के कार्यकर्ता रवाना हो गए।
q धारा 144 के बावजूद हुई नारेबाजी
कांवड़ यात्रा के मद्देनजर जनपद में धारा 144 लगी है। इसके बाद यहां खूब नारेबाजी हुई। हालांकि केवल ज्ञापन देने की बात प्रशासन से कही गई थी, लेकिन कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए।
q क्या थी भाजपा की मांग
भाजपा कार्यकर्ताओं ने बसपा सुप्रीमो मायावती और नसीमुद्दीन सिद्दीकी को गिरफ्तार करने की मांग की गई। जिलाध्यक्ष संजय खोखर ने कहा बसपा सुप्रीमो सस्ती लोकप्रियता हासिल करना चाहती है। भाजपा ने हमेशा महिलाओं का सम्मान किया है। कार्यकर्ताओं ने अमर्यादित बयान की निंदा कर कठोर कार्रवाई की मांग की। डीएम ह्दय शंकर तिवारी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें प्रवीण, अजय चौहान, गजेंद्र, उदयवीर सिंह, शीतल प्रसाद, राजेश चौहान, रामकिशन, सचिन शर्मा, नाजिम, राम कुमार, सुखवीर सिंह, डॉक्टर आत्माराम तोमर, वीर सिंह आदि रहे।
मैने शांत कराए कार्यकर्ता: दीक्षित
बसपा विधायक लोकेश दीक्षित ने कहा उन्होंने कार्यकर्ताओं को शांत कराया। पहले भाजपाइयों ने नारेबाजी की। बसपाई अनुशासन में थे। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के प्रति किसी भी गलत हरकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बसपाई अनुशासन भंग नहीं करते।
बसपाइयों ने शुरू की नारेबाजी : खोखर
भाजपा के जिलाध्यक्ष संजय खोखर ने कहा कलक्ट्रेट में पहले भाजपा कार्यकर्ता पहुंचे थे। जैसे ही बसपा कार्यकर्ता आए, उन्होंने कारों से उतरकर नारेबाजी शुरू कर दी। यह गलत था। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर ही प्रदर्शन करने पहुंचे थे
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अलग-अलग मुद्दों पर कलक्ट्रेट में ज्ञापन देने पहुंचे भाजपा और बसपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। भाजपाइयों ने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती और बसपा महासचिव नसीमुद्दीन के खिलाफ नारेबाजी की, जबकि बसपाइयों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य को निशाने पर लिया। चौकसी के लिए पुलिस तैनात कर दी गई। काफी देर तक हंगामे की स्थिति रही। इसके बाद पहले भाजपा और फिर बसपा नेता डीएम को ज्ञापन सौंपकर रवाना हुए।
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शनिवार को भाजपा जिलाध्यक्ष संजय खोखर के नेतृत्व में कार्यकर्ता बेटी के सम्मान में बीजेपी मैदान में अभियान में ज्ञापन देने पहुंचे थे। भाजपा कार्यकर्ता नारेबाजी कर रहे थे, इस बीच बसपा के बड़ौत विधायक लोकेश दीक्षित के नेतृत्व में मीतली हादसे में कार्रवाई की मांग को लेकर कार्यकर्ता पहुंच गए। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच यहां नारेबाजी शुरू हो गई। माहौल गरमाने लगा। हंगामे की स्थिति बनते ही पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई।
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भाजपा ने बसपा सुप्रीमो मायावती और महासचिव नसीमुद्दीन के खिलाफ नारेबाजी की, जबकि बसपा कार्यकर्ताओं ने भी प्रधानमंत्री समेत अन्य नेताओं पर निशाना साधा। लोकेश दीक्षित ने बसपा कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर शांत किया, जबकि भाजपा जिलाध्यक्ष संजय खोखर ने भी कार्यकर्ताओं को शांत कराया। इस बीच डीएम ह्दय शंकर तिवारी पहुंचे। पहले भाजपा और फिर बसपा कार्यकर्ताओं ने डीएम का अपना-अपना मांगपत्र दिया। इसके बाद दोनों दलों के कार्यकर्ता रवाना हो गए।
q धारा 144 के बावजूद हुई नारेबाजी
कांवड़ यात्रा के मद्देनजर जनपद में धारा 144 लगी है। इसके बाद यहां खूब नारेबाजी हुई। हालांकि केवल ज्ञापन देने की बात प्रशासन से कही गई थी, लेकिन कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए।
q क्या थी भाजपा की मांग
भाजपा कार्यकर्ताओं ने बसपा सुप्रीमो मायावती और नसीमुद्दीन सिद्दीकी को गिरफ्तार करने की मांग की गई। जिलाध्यक्ष संजय खोखर ने कहा बसपा सुप्रीमो सस्ती लोकप्रियता हासिल करना चाहती है। भाजपा ने हमेशा महिलाओं का सम्मान किया है। कार्यकर्ताओं ने अमर्यादित बयान की निंदा कर कठोर कार्रवाई की मांग की। डीएम ह्दय शंकर तिवारी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें प्रवीण, अजय चौहान, गजेंद्र, उदयवीर सिंह, शीतल प्रसाद, राजेश चौहान, रामकिशन, सचिन शर्मा, नाजिम, राम कुमार, सुखवीर सिंह, डॉक्टर आत्माराम तोमर, वीर सिंह आदि रहे।
मैने शांत कराए कार्यकर्ता: दीक्षित
बसपा विधायक लोकेश दीक्षित ने कहा उन्होंने कार्यकर्ताओं को शांत कराया। पहले भाजपाइयों ने नारेबाजी की। बसपाई अनुशासन में थे। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के प्रति किसी भी गलत हरकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बसपाई अनुशासन भंग नहीं करते।
बसपाइयों ने शुरू की नारेबाजी : खोखर
भाजपा के जिलाध्यक्ष संजय खोखर ने कहा कलक्ट्रेट में पहले भाजपा कार्यकर्ता पहुंचे थे। जैसे ही बसपा कार्यकर्ता आए, उन्होंने कारों से उतरकर नारेबाजी शुरू कर दी। यह गलत था। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर ही प्रदर्शन करने पहुंचे थे