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गरीब मायूस और बिजनेसमैन की जेब में गोल्डन कार्ड

Fri, 27 Sep 2019 12:48 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 27 Sep 2019 12:48 AM IST
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Golden card in poor pocket and businessman's pocket
गरीब मायूस और बिजनेसमैन की जेब में गोल्डन कार्ड
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बागपत। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना में पात्रता की सूची तैयार करने में रोजाना नए-नए खेल उजागर हो रहे हैं। आर्थिक तौर पर कमजोर लोग मायूस हैं, जबकि करोड़पति लोगों को योजना का लाभ दिया गया है। बड़ौत नगरपालिका के वार्ड पांच के सभासद जीत सिंह कश्यप ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर अपने वार्ड की स्थिति से अवगत कराया है। कश्यप का कहना है कि उनके वार्ड में डॉक्टर, बिजनेसमैन, शिक्षक जैसे लोगों के गोल्डन कार्ड बना दिए गए हैं, जबकि जरूरतमंद और बेघर लोगों को सर्वे से बाहर रखा गया है। वार्ड की जनसंख्या करीब 47 सौ है, लेकिन यहां सिर्फ 136 कार्ड ही बनाए गए हैं। आरोप है कि इनमें से करीब एक सौ कार्ड अपात्र लोगों के बना दिए गए हैं। जरूरतमंद भटक रहे हैं और जिन लोगों को जरूरत नहीं है, वह गोल्डन कार्ड बनवाकर अपने घर बैठे हुए हैं।
गोल्डन कार्ड बनवाने मेें भी झमेला
प्लास्टिक कार्ड जिनके घर पहुंच गया है, अब उन्हें गोल्डन कार्ड बनवाने में भी झमेला उठाना पड़ रहा है। कभी सर्वर खराब, कभी मशीन खराब होने से रोजाना लोगों को अस्पतालों में लगने वाली लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है।
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यहां मिलता है आयुष्मान में इलाज
सरकारी अस्पतालों में सीएचसी बागपत, बड़ौत, बिनौली और जिला अस्पताल में इलाज मिलता है, जबकि प्राइवेट अस्पतालों में आस्था हॉस्पिटल बड़ौत, जीवन ज्योति, मेडिसिटी बड़ौत, देवभूमि बालैनी, सर्वोदय अग्रवाल मंडी टटीरी में मरीजों का उपचार किया जाता है।
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केस-1 : बावली गांव की राजकुमारी का कहना है कि उन्हें कार्ड की जरूरत है, लेकिन अभी तक योजना का लाभ नहीं मिला।
केस-2 : बागपत की राकेश देवी का कहना है कि सर्वे में नाम नोट कराया था, लेकिन उनका कार्ड नहीं बनाया गया।
केस-3 : बरवाला गांव की पूजा का कहना है कि योजना में उन्हें शामिल किया जाना चाहिए। उन्हें गोल्डन कार्ड की जरूरत है।
केस-4 : तुगाना गांव के राहुल का कहना है कि परिवार को जरूरत है, लेकिन अभी तक उनका गोल्डन कार्ड नहीं बना हैं।
केस-5 : बड़ौत के पंकज कुमार का कहना है कि योजना का लाभ पात्रों को मिलना चाहिए और जो अपात्र हैं, उन्हें बाहर किया जाना चाहिए।
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