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व्यापारियों को बाजार खोलने के लिए मिलें रियायत
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बागपत। कोरोना वायरस के मरीज मिलने के बाद नगर के बाजार बंद हैं। व्यापारी वर्ग को परेशानियां झेलनी पड़ रही है। व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन को व्यापारियों की समस्या का समाधान कराने के लिए बाजार खोलने की अनुमति देनी चाहिए।
व्यापारी सीताराम का कहना है कि पहले लॉकडाउन और अब मुगलपुरा मोहल्ले में कोरोना वायरस की महामारी फैलने से प्रशासन ने शहर के बाजारों को बंद कर दिया है। बाजार बंद होने से व्यापारी वर्ग भुखमरी की कगार पर है।
कपड़ा व्यापारी सुनील सिंह खुराना का कहना है कि उनके यहां दस लोग काम करते है। दुकान बंद होने से कर्मचारियों की सैलरी और घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।
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जयपाल का कहना है कि व्यापार बंद है और घर के खर्च बराबर चल रहे है। बिजली, पानी के बिल, मकान के किराए और बैंक के कर्ज में कोई रियायत नहीं मिल रही है। व्यापार बंद होने के कारण व्यापारी वर्ग कर्ज में डूब रहा है।
आलोक जैन का कहना है कि लॉकडाउन और बाजार बंद होने से सबसे अधिक नुकसान व्यापारी वर्ग का हुआ है। आमदनी खत्म हो गई और खर्च बढ़ गए है। दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारियों की सैलरी निकालना मुश्किल हो रहा है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रशासन को व्यापारियों की समस्या का समाधान करने के लिए दिन में कुछ समय के लिए बाजार खोलने की रियायत देनी चाहिए।
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व्यापारी सीताराम का कहना है कि पहले लॉकडाउन और अब मुगलपुरा मोहल्ले में कोरोना वायरस की महामारी फैलने से प्रशासन ने शहर के बाजारों को बंद कर दिया है। बाजार बंद होने से व्यापारी वर्ग भुखमरी की कगार पर है।
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कपड़ा व्यापारी सुनील सिंह खुराना का कहना है कि उनके यहां दस लोग काम करते है। दुकान बंद होने से कर्मचारियों की सैलरी और घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।
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जयपाल का कहना है कि व्यापार बंद है और घर के खर्च बराबर चल रहे है। बिजली, पानी के बिल, मकान के किराए और बैंक के कर्ज में कोई रियायत नहीं मिल रही है। व्यापार बंद होने के कारण व्यापारी वर्ग कर्ज में डूब रहा है।
आलोक जैन का कहना है कि लॉकडाउन और बाजार बंद होने से सबसे अधिक नुकसान व्यापारी वर्ग का हुआ है। आमदनी खत्म हो गई और खर्च बढ़ गए है। दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारियों की सैलरी निकालना मुश्किल हो रहा है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रशासन को व्यापारियों की समस्या का समाधान करने के लिए दिन में कुछ समय के लिए बाजार खोलने की रियायत देनी चाहिए।