फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Ganapathi will not sit in pandals for the first time after 70 years

70 साल बाद पहली बार पंडालों में नहीं विराजेंगे गणपति

Fri, 21 Aug 2020 03:09 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 21 Aug 2020 03:09 PM IST
विज्ञापन
Ganapathi will not sit in pandals for the first time after 70 years
बड़ौत में गत वर्ष गणेश विशर्जन से पूर्व पांडाल में भजन- कीर्तन करते श्रद्घालुओं का दृश्य। - फोटो : BARAUT
-कोरोना संक्रमण के चलते नहीं होंगे गणेश चतुर्थी कार्यक्रम
विज्ञापन

-नहीं निकाली जाएगी विर्सजन शोभा यात्रा, श्रद्घालु मायूस
बड़ौत। कोरोना संक्रमण के कारण 70 साल में पहली बार जिले के पंडालों में गणपति बप्पा नहीं विराजेंगे। गणेश चतुर्थी पर हर जगह गणपति बप्पा मोरया की गूंज रहती है। वहीं भक्ति का सैलाब देखने को मिलता है। लेकिन इस बार गणपति घरों में ही विराजेंगे और उनके भजनों की धुन सुनाई देगी।
गणेश चतुर्थी 22 अगस्त को है। इसको लेकर नगर सहित देहात क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर तकरीबन चार दर्जन से अधिक पंडाल सजाए जाते हैं। जहां मेले जैसा आयोजन होता है। पंडालों में जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित भंडारा व रात के समय जगराते का आयोजन होता है, लेकिन यह इस बार कोरोना संक्रमण के चलते नहीं होगा। इस बार भक्त घरों में गणेश की स्थापना कर पूजा अर्चना करेंगे।
विज्ञापन

महाराष्ट्र महोत्सव से मिली प्रेरणा
श्री गणेश ग्रुप युवा समिति के अध्यक्ष दीपक शर्मा का कहना है उन्हें गणेश महोत्सव की प्रेरणा महाराष्ट्र में होने वाले महोत्सव से मिली थी। उन्होंने बताया टीवी पर देखकर मन में विचार आया और फिर अन्य लोगों के साथ मंत्रणा की। इसके बाद कार्यक्रम का आयोजन होने लगा, लेकिन इस बार श्रद्धालुओं में मायूसी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

घरों में करेंगे पूजा-अर्चना
रोहताश शर्मा व जगदीश शर्मा का कहना है कि इस बार कोरोना महामारी के चलते कार्यक्रम नहीं होंगे। घरों में ही गणेश जी विराजे जाएंगे। तकरीबन 70 सालों से गणेश चतुर्थी पर नगर मेें अलग-अलग जगहों पर गणेश जी की मूर्ति स्थापित कर 10 दिनों तक पूजा करते आ रहे हैं और 11वें दिन डीजे की थाप पर विसर्जन किया करते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा।
इन जगहों पर होती थी मूर्ति स्थापना---
नगर में श्री विश्वकर्मा मंदिर पटटी मेहर, घटटा बाजार, कश्यप चौपाल, बावली रोड, नेहरू रोड, कांशीराम कालोनी दिल्ली रेाड, नवयुग कालोनी कोताना रोड व गुराना रोड सहित अन्य जगहों पर पंडाल लगाकर गणेश जी की पूजा-अर्चना व सांस्कृतिक कार्यक्रम होते थे।

वर्जन
बड़ौत। एसडीएम दुर्गेश मिश्र कहा कि कोविड-19 को लेकर शासन के निर्देश का पालन किया जाएगा। किसी तरह के आयोजन नहीं होंगे, लोग केवल घरों में रहकर ही पूजा करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed