{"_id":"5a7df0fb4f1c1ba32a8b69de","slug":"four-suspected-teachers-caught-at-binauli-center","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिनौली केंद्र पर चार संदिग्ध शिक्षक पकड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिनौली केंद्र पर चार संदिग्ध शिक्षक पकड़े
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sat, 10 Feb 2018 12:35 AM IST
विज्ञापन
बागपत यमुना इंटर काॅलेज में परीक्षा के बाद आपस चर्चा करती छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी बोर्ड परीक्षा में अव्यवस्थाओं की कलई खुलकर सामने आ गई। वृहद समाज इंटर कॉलेज छपरौली पर पकड़े गए संदिग्ध केंद्र निरीक्षक जांच में फर्जी निकले। संयुक्त शिक्षा निदेशक दिव्यकांत शुक्ल ने डीआईओएस को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। उधर, शुक्रवार को बिनौली के परीक्षा केंद्र पर भी चार संदिग्ध शिक्षक मिले हैं। डीआईओएस ने बताया कि इनकी जांच चल रही है।
बता दें कि बृहस्पतिवार को द्वितीय पाली में इंटरमीडिएट के सामान्य हिंदी विषय की परीक्षा हुई थी। जेडी मेरठ दिव्यकांत शुक्ल, बीएसए योगराज सिंह और अन्य अधिकारियों की टीम ने छपरौली के वृहद समाज इंटर कॉलेज पर छापा मारा।
यहां पर चेकिंग के दौरान तीन कक्ष निरीक्षक ऐसे मिले, जो किसी स्कूल में शिक्षक ही नहीं थे। शुक्रवार को संयुक्त शिक्षा निदेशक दिव्यकांत शुक्ल ने केंद्र व्यवस्थापक और डीआईओएस से मामले की जानकारी ली।
विज्ञापन
कक्ष निरीक्षक बनाए गए शिक्षक अंकित दीक्षित, रोहित तोमर और मोहित वत्स रहे। इन तीनों शिक्षकों की जांच की तो वह फर्जी निकले। जेडी का कहना है कि यह जांच कराई जा रही है कि किसकी संस्तुति से तीनों को कक्ष निरीक्षक बनाया गया।
डीआईओएस ने बताया कि तीनों किसी कोचिंग सेंटर से जुड़े हैं। उधर, शुक्रवार को बिनौली के परीक्षा केंद्र पर जेडी ने जांच की तो यहां भी चार संदिग्ध शिक्षक मिले हैं। डीआईओएस ने कहा कि अभी इनकी जांच चल रही है।
विज्ञापन
बता दें कि बृहस्पतिवार को द्वितीय पाली में इंटरमीडिएट के सामान्य हिंदी विषय की परीक्षा हुई थी। जेडी मेरठ दिव्यकांत शुक्ल, बीएसए योगराज सिंह और अन्य अधिकारियों की टीम ने छपरौली के वृहद समाज इंटर कॉलेज पर छापा मारा।
विज्ञापन
यहां पर चेकिंग के दौरान तीन कक्ष निरीक्षक ऐसे मिले, जो किसी स्कूल में शिक्षक ही नहीं थे। शुक्रवार को संयुक्त शिक्षा निदेशक दिव्यकांत शुक्ल ने केंद्र व्यवस्थापक और डीआईओएस से मामले की जानकारी ली।
विज्ञापन
कक्ष निरीक्षक बनाए गए शिक्षक अंकित दीक्षित, रोहित तोमर और मोहित वत्स रहे। इन तीनों शिक्षकों की जांच की तो वह फर्जी निकले। जेडी का कहना है कि यह जांच कराई जा रही है कि किसकी संस्तुति से तीनों को कक्ष निरीक्षक बनाया गया।
डीआईओएस ने बताया कि तीनों किसी कोचिंग सेंटर से जुड़े हैं। उधर, शुक्रवार को बिनौली के परीक्षा केंद्र पर जेडी ने जांच की तो यहां भी चार संदिग्ध शिक्षक मिले हैं। डीआईओएस ने कहा कि अभी इनकी जांच चल रही है।