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नौरोजपुर में डेंगू के चार संदिग्ध मरीज मिले
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sun, 06 Aug 2017 01:13 AM IST
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नौरोजपुर में शिविर में लोगों के स्वास्थ्य की जांच करते चिकित्सक।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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डेंगू के पांच केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग आखिरकार हरकत में आ गया। शनिवार को नौरोजपुर गुर्जर गांव में कैंप लगाकर मरीजों का मरीजों का उपचार किया । चिकित्सकों के मुताबिक कैंप में 117 मरीजों की जांच की। इनमें से 12 मरीजों की मलेरिया और चार मरीजों की डेंगू की जांच के लिए खून के नमूने लिए गए हैं।
डेंगू के प्रकोप को अमर उजाला ने शनिवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। इससे स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने टीम के साथ नौजपुर गुर्जर गांव में कैंप लगाया। कैंप में मरीजों की भीड़ लगी रही।
मरीजों का चिकित्सकों ने उपचार किया। डॉ. यशवीर सिंह ने कहा कैंप में 117 रोगियों की जांच कर निशुल्क दवा दी। अधिकांश मरीज खांसी, बुखार, एलर्जी से पीड़ित हैं। बुखार से ग्रस्त 12 मरीजों की मलेरिया और चार मरीजों की डेंगू की जांच के लिए नमूने लिए गए।
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बाद में डागर बस्ती में 135 मकानों का भ्रमण किया। ग्रामवासियों को मलेरिया एवं डेंगू बुखार की जानकारी दी और बचाव के उपाय बताए। इसमें डॉ. विकास प्रकाश, डॉ. श्रवण गोस्वामी, फार्मेसिस्ट मनोज कुमार, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक (महिला) शारदा शर्मा, स्वास्थ्य कार्यकर्ता पूनम तोमर, आशा और आंगनबाड़ी मौजूद रही।
फ्लू को लेकर अलर्ट, टीम गठित
बागपत। स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रणनीति तैयार की। सीएमओ डॉ. सुषमा चंदा ने बताया स्वाइन फ्लू के उपचार के लिए किट, मास्क, दवा उपलब्ध है। एसीएमओ डॉ. नीरज त्यागी और जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में एक रेपिड रिस्पांस टीम का गठन किया है। इसमें फिजिशियन, पैथोलॉजिस्ट, एक बाल रोग विशेषज्ञ, एक पशु चिकित्सक तैनात किए हैं।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
बागपत। चिकित्सकों के मुताबिक स्वाइन फ्लू के लक्षण सामान्य जुकाम जैसे ही होते हैं। इसमें 100 डिग्री तक बुखार आता है। भूख कम लगती है। नाक से पानी आता है और सांस में तकलीफ होती है। कुछ मरीजों के गले में जलन उल्टी के अलावा डायरिया हो जाता है। स्वाइन फ्लू से ग्रस्त मरीजों को इनमें से कम से कम तीन लक्षण जरूर मिलते हैं।
ऐसे करें बचाव
बागपत। छीकते समय टिश्यू पेपर नाक पर रखे। भीड़ वाले स्थानों से बचे। हाथों को साबुन से साफ करते रहे। जुकाम होने पर घर से बाहर व दूसरों के नजदीक न जाए। यदि बुखार हो तो ठीक होने के लिए 24 घंटे बाद तक घर पर ही रहे। पानी लगातार पीते रहे।
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डेंगू के प्रकोप को अमर उजाला ने शनिवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। इससे स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने टीम के साथ नौजपुर गुर्जर गांव में कैंप लगाया। कैंप में मरीजों की भीड़ लगी रही।
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मरीजों का चिकित्सकों ने उपचार किया। डॉ. यशवीर सिंह ने कहा कैंप में 117 रोगियों की जांच कर निशुल्क दवा दी। अधिकांश मरीज खांसी, बुखार, एलर्जी से पीड़ित हैं। बुखार से ग्रस्त 12 मरीजों की मलेरिया और चार मरीजों की डेंगू की जांच के लिए नमूने लिए गए।
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बाद में डागर बस्ती में 135 मकानों का भ्रमण किया। ग्रामवासियों को मलेरिया एवं डेंगू बुखार की जानकारी दी और बचाव के उपाय बताए। इसमें डॉ. विकास प्रकाश, डॉ. श्रवण गोस्वामी, फार्मेसिस्ट मनोज कुमार, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक (महिला) शारदा शर्मा, स्वास्थ्य कार्यकर्ता पूनम तोमर, आशा और आंगनबाड़ी मौजूद रही।
फ्लू को लेकर अलर्ट, टीम गठित
बागपत। स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रणनीति तैयार की। सीएमओ डॉ. सुषमा चंदा ने बताया स्वाइन फ्लू के उपचार के लिए किट, मास्क, दवा उपलब्ध है। एसीएमओ डॉ. नीरज त्यागी और जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में एक रेपिड रिस्पांस टीम का गठन किया है। इसमें फिजिशियन, पैथोलॉजिस्ट, एक बाल रोग विशेषज्ञ, एक पशु चिकित्सक तैनात किए हैं।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
बागपत। चिकित्सकों के मुताबिक स्वाइन फ्लू के लक्षण सामान्य जुकाम जैसे ही होते हैं। इसमें 100 डिग्री तक बुखार आता है। भूख कम लगती है। नाक से पानी आता है और सांस में तकलीफ होती है। कुछ मरीजों के गले में जलन उल्टी के अलावा डायरिया हो जाता है। स्वाइन फ्लू से ग्रस्त मरीजों को इनमें से कम से कम तीन लक्षण जरूर मिलते हैं।
ऐसे करें बचाव
बागपत। छीकते समय टिश्यू पेपर नाक पर रखे। भीड़ वाले स्थानों से बचे। हाथों को साबुन से साफ करते रहे। जुकाम होने पर घर से बाहर व दूसरों के नजदीक न जाए। यदि बुखार हो तो ठीक होने के लिए 24 घंटे बाद तक घर पर ही रहे। पानी लगातार पीते रहे।