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बुखार से होमगार्ड व दो महिलाओं सहित पांच की मौत
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चांदीनगर/बिनौली। जिले में जानलेवा बुखार से शनिवार को रटौल निवासी एक महिला और पिचौकरा निवासी होमगार्ड व एक वृद्ध महिला की मौत हो गई। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से गांवों में कैंप लगाकर जांच कराने की मांग की है।
रटौल गांव में जानलेवा बुखार से शुक्रवार देर रात शहनाज (40) पत्नी साबिर की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि महिला पिछले चार दिनों से बुखार से पीड़ित थी। शनिवार को गांव में ही नजीबा (26) व लियाकत (60) की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गयी। परिजनों ने बताया कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। गांव में बुखार से लगातार हो रही मौत से ग्रामीण भयभीत हैं।
उधर पिचौकरा निवासी होमगार्ड धर्मेंद्र (40) पुत्र प्रकाश की बुखार से मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि धमेंद्र पिछले छह दिनों से बुखार में था। जिला अस्पताल से उसे शुक्रवार को छुट्टी मिली थी। देर शाम अचानक तबीयत बिगड़ने से उसकी मौत हो गयी। इसके अलावा शनिवार सुबह फरहाना (59) पत्नी हाजी फारुख की भी मौत हो गयी। यहां बुखार से कई मौत हो चुकी हैं।
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निरपुड़ा गांव में बुखार से हालात बिगड़े
दोघट। चौगामा क्षेत्र में भी जानलेवा बुखार कहर बरपा रहा है। कई गांवों में बड़ी संख्या में लोग बुखार से पीड़ित हैं। चौगामा क्षेत्र के चौधरी कृषिपाल राणा ने बताया कि निरपुड़ा गांव की हालत सबसे ज्यादा खराब है। जिला प्रशासन को पूरे गांव में सैनिटाइजेशन कराना चाहिए। गांव में प्रतिदिन करीब तीन-चार लोगों की मृत्यु हो रही है।
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रटौल गांव में जानलेवा बुखार से शुक्रवार देर रात शहनाज (40) पत्नी साबिर की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि महिला पिछले चार दिनों से बुखार से पीड़ित थी। शनिवार को गांव में ही नजीबा (26) व लियाकत (60) की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गयी। परिजनों ने बताया कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। गांव में बुखार से लगातार हो रही मौत से ग्रामीण भयभीत हैं।
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उधर पिचौकरा निवासी होमगार्ड धर्मेंद्र (40) पुत्र प्रकाश की बुखार से मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि धमेंद्र पिछले छह दिनों से बुखार में था। जिला अस्पताल से उसे शुक्रवार को छुट्टी मिली थी। देर शाम अचानक तबीयत बिगड़ने से उसकी मौत हो गयी। इसके अलावा शनिवार सुबह फरहाना (59) पत्नी हाजी फारुख की भी मौत हो गयी। यहां बुखार से कई मौत हो चुकी हैं।
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निरपुड़ा गांव में बुखार से हालात बिगड़े
दोघट। चौगामा क्षेत्र में भी जानलेवा बुखार कहर बरपा रहा है। कई गांवों में बड़ी संख्या में लोग बुखार से पीड़ित हैं। चौगामा क्षेत्र के चौधरी कृषिपाल राणा ने बताया कि निरपुड़ा गांव की हालत सबसे ज्यादा खराब है। जिला प्रशासन को पूरे गांव में सैनिटाइजेशन कराना चाहिए। गांव में प्रतिदिन करीब तीन-चार लोगों की मृत्यु हो रही है।