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पिता ने किडनी देकर बचाई बेटे की जान
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Mon, 21 Aug 2017 01:35 AM IST
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दो साल से बीमार चल रहे युवक को उसके पिता ने जीवन दान दे दिया। उसने बेटे को अपनी एक किडनी दी है। दो सप्ताह पहले किडनी का प्रत्यारोपण दिल्ली के एम्स में हुआ है।
जनपद में खून के रिश्ते कलंकित हो रहे हैं। कहीं पिता अपने बेटे की जान का दुश्मन बना हुआ है तो कहीं बेटा जान लेने से पीछे नहीं है। इस तरह के एक के बाद एक मामले सामने आते रहते हैं। वहीं इन पवित्र रिश्ते को निभाने वाले भी पीछे नहीं है। फैजपुर-निनाना गांव के किसान चौधरी आनंद पाल का बेटा अंकुर पिछले दो साल से बीमार चल रहा है।
उसका दिल्ली के ऑल इंडिया मेडिकल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (एम्स) में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने उसकी दोनों किडनी खराब घोषित कर दी । इसके लिए एक किडनी का प्रत्यारोपण की सलाह दी । चौधरी आनंद पाल अपने बेटे को अपनी किडनी देेने को तैयार हुए।
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दो सप्ताह पहले एम्स में उनकी किडनी का प्रत्यारोपण हुआ। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद युवक अंकुर अपने घर पर आ गया। परिवार के लोग उसकी अच्छी तरह से देखभाल कर रहे हैं। उधर, आनंद पाल ने अपने बेटे की जान बचाने में मदद की, हर कोई उनकी प्रशंसा कर रहा है।
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जनपद में खून के रिश्ते कलंकित हो रहे हैं। कहीं पिता अपने बेटे की जान का दुश्मन बना हुआ है तो कहीं बेटा जान लेने से पीछे नहीं है। इस तरह के एक के बाद एक मामले सामने आते रहते हैं। वहीं इन पवित्र रिश्ते को निभाने वाले भी पीछे नहीं है। फैजपुर-निनाना गांव के किसान चौधरी आनंद पाल का बेटा अंकुर पिछले दो साल से बीमार चल रहा है।
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उसका दिल्ली के ऑल इंडिया मेडिकल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (एम्स) में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने उसकी दोनों किडनी खराब घोषित कर दी । इसके लिए एक किडनी का प्रत्यारोपण की सलाह दी । चौधरी आनंद पाल अपने बेटे को अपनी किडनी देेने को तैयार हुए।
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दो सप्ताह पहले एम्स में उनकी किडनी का प्रत्यारोपण हुआ। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद युवक अंकुर अपने घर पर आ गया। परिवार के लोग उसकी अच्छी तरह से देखभाल कर रहे हैं। उधर, आनंद पाल ने अपने बेटे की जान बचाने में मदद की, हर कोई उनकी प्रशंसा कर रहा है।