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Baghpat News: किसानों के वाहन गड्ढों में अटक रहे, सड़क निर्माण के प्रस्ताव शासन में लटक रहे
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बागपत। जिले में गन्ना विभाग की सड़कों की हालत खराब हैं। जहां चीनी मिल चलने के बाद खेतों से गन्ना लेकर जा रहे किसानों के ट्रैक्टर-ट्राली का पहिया पिछले कई सालों से सड़कों के गड्ढों में अटक रहा है। इसके बावजूद सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव शासन में लटका पड़ा है। गन्ना विभाग की सड़कों के निर्माण के लिए शासन से मंजूरी का इंतजार है।
जिले में गन्ना विभाग की 31 सड़कें हैं, जिनका निर्माण कई साल पहले कराया गया था। जो अब पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिस कारण आवागमन करने वाले किसानों और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने 31 सड़कों के निर्माण के लिए 22.12 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा, लेकिन अभी तक इसे मंजूरी नहीं मिल सकी है। उधर चीनी मिलों में गन्ना पहुंचा रहे किसानों को भी इन मार्गाें से गुजरने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर शासन स्तर से प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिलने से इस सीजन में भी सड़कों के निर्माण की उम्मीद कम ही है।
इन मार्गों की हालत खराब
लोनिवि के अफसरों ने मलकपुर-छपरौली रोड़ से पूर्वी खास की पटरी, शबगा कोताना रोड़ से आदलाबाद खेड़ा, सिरसली से बड़ौत-बिनौली रोड़, ईदरीशपुर से भगवानपुर मार्ग, असारा से कृष्णा नदी की तरफ, इब्राहिमपुर माजरा से अशरफाबाद थल का द्वितीय भाग, अशरफाबाद थल-जिवानी से कंडेरा मार्ग, किरठल बाईपास मार्ग, रमाला-टांडा मार्ग से हेवामीरपुर, गूंगाखेड़ी से कंडेरा, कंडेरा से बामनौली, सलावतपुर खेड़ी से बसी रजवाहे की पटरी, कैडवा पटरी से गांवड़ी मार्ग, आरिफपुर खेड़ी से बडावद मार्ग, नांगल से गांगनौली का तृतीय भाग, रमाला-टांडा से किरठल, रमाला टांडा से सोंटी प्रथम भाग, पदड़ा से बसौद द्वितीय भाग, चिरचिटा से इंटर कालेज कमाला जूड हजूराबाद गढ़ी मार्ग, डौला से अमरपुर गढ़ी मार्ग, चिरचिटा लोनिवि रोड से हिंडन नदी की तरफ, बड़ौत-बुढाना से मांगरौली, बड़ौत कोताना मार्ग से ढिकाना, बोहला-लुहारी मार्ग से ढिकाना मार्ग, मलकपुर-छपरौली से पश्चिमी खास की पटरी, शबगा से बाछौड़ मार्ग, लुहारा से चांदनहेड़ी का प्रस्ताव बनाकर भेजा था।
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सात किलोमीटर के सफर में लगते हैं 45 मिनट
किरठल गांव से रमाला चीनी मिल करीब सात किलोमीटर दूर है। अब मिल चलने के बाद इसी रास्ते से गन्ना लेकर जाना पड़ता है। रास्ता खराब होने पर सात किमी के सफर में 45 मिनट से ज्यादा समय लगता है। - अनिल कुमार, किरठल
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जर्जर मार्गों पर रेंगते हैं वाहन
बामनौली से कंडेरा गांव जाने वाली सड़क गन्ना विभाग की है, जो पिछले कई साल से जर्जर है। इस मार्ग से गन्ना लेकर जाने वाले किसानों के ट्रैक्टर ट्राली गड्ढो में रेंगते हुए नजर आते हैं और हादसे भी होते रहते हैं।- पुष्पेंद्र कुमार, कंडेरा।
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जल्द कराया जाए सड़कों का निर्माण
डेढ़ महीने पहले शुगर मिल का संचालन शुरू हो गया था। चीनी मिल में जाने वाला रास्ता पिछले कई साल से जर्जर हालत में है। जिस कारण परेशानी उठानी पड़ रही है। सड़कों का जल्द निर्माण कराया जाए। - सतपाल, बाघू
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गड्ढों से बचने के लिए करना पड़ता है लंबा सफर
गांव से गन्ना लेकर चीनी मिल जाने वाला रास्ता गड्ढों में तब्दील है। गड्ढों से बचने के लिए किसानों को लंबा सफर करना पड़ता है और खर्चा भी ज्यादा होता है। - बबलू सिंह, बाछौड़।
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वर्जन
गन्ना विभाग की 31 सड़कों के निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। जिसमें अभी तक मंजूरी नहीं मिल पाई है। मंजूरी मिलते ही सड़कों के निर्माण पर काम शुरू करा दिया जाएगा। - अतुल कुमार, अधिशासी अभियंता, लोनिवि।
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जिले में गन्ना विभाग की 31 सड़कें हैं, जिनका निर्माण कई साल पहले कराया गया था। जो अब पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिस कारण आवागमन करने वाले किसानों और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने 31 सड़कों के निर्माण के लिए 22.12 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा, लेकिन अभी तक इसे मंजूरी नहीं मिल सकी है। उधर चीनी मिलों में गन्ना पहुंचा रहे किसानों को भी इन मार्गाें से गुजरने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर शासन स्तर से प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिलने से इस सीजन में भी सड़कों के निर्माण की उम्मीद कम ही है।
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इन मार्गों की हालत खराब
लोनिवि के अफसरों ने मलकपुर-छपरौली रोड़ से पूर्वी खास की पटरी, शबगा कोताना रोड़ से आदलाबाद खेड़ा, सिरसली से बड़ौत-बिनौली रोड़, ईदरीशपुर से भगवानपुर मार्ग, असारा से कृष्णा नदी की तरफ, इब्राहिमपुर माजरा से अशरफाबाद थल का द्वितीय भाग, अशरफाबाद थल-जिवानी से कंडेरा मार्ग, किरठल बाईपास मार्ग, रमाला-टांडा मार्ग से हेवामीरपुर, गूंगाखेड़ी से कंडेरा, कंडेरा से बामनौली, सलावतपुर खेड़ी से बसी रजवाहे की पटरी, कैडवा पटरी से गांवड़ी मार्ग, आरिफपुर खेड़ी से बडावद मार्ग, नांगल से गांगनौली का तृतीय भाग, रमाला-टांडा से किरठल, रमाला टांडा से सोंटी प्रथम भाग, पदड़ा से बसौद द्वितीय भाग, चिरचिटा से इंटर कालेज कमाला जूड हजूराबाद गढ़ी मार्ग, डौला से अमरपुर गढ़ी मार्ग, चिरचिटा लोनिवि रोड से हिंडन नदी की तरफ, बड़ौत-बुढाना से मांगरौली, बड़ौत कोताना मार्ग से ढिकाना, बोहला-लुहारी मार्ग से ढिकाना मार्ग, मलकपुर-छपरौली से पश्चिमी खास की पटरी, शबगा से बाछौड़ मार्ग, लुहारा से चांदनहेड़ी का प्रस्ताव बनाकर भेजा था।
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सात किलोमीटर के सफर में लगते हैं 45 मिनट
किरठल गांव से रमाला चीनी मिल करीब सात किलोमीटर दूर है। अब मिल चलने के बाद इसी रास्ते से गन्ना लेकर जाना पड़ता है। रास्ता खराब होने पर सात किमी के सफर में 45 मिनट से ज्यादा समय लगता है। - अनिल कुमार, किरठल
जर्जर मार्गों पर रेंगते हैं वाहन
बामनौली से कंडेरा गांव जाने वाली सड़क गन्ना विभाग की है, जो पिछले कई साल से जर्जर है। इस मार्ग से गन्ना लेकर जाने वाले किसानों के ट्रैक्टर ट्राली गड्ढो में रेंगते हुए नजर आते हैं और हादसे भी होते रहते हैं।- पुष्पेंद्र कुमार, कंडेरा।
जल्द कराया जाए सड़कों का निर्माण
डेढ़ महीने पहले शुगर मिल का संचालन शुरू हो गया था। चीनी मिल में जाने वाला रास्ता पिछले कई साल से जर्जर हालत में है। जिस कारण परेशानी उठानी पड़ रही है। सड़कों का जल्द निर्माण कराया जाए। - सतपाल, बाघू
गड्ढों से बचने के लिए करना पड़ता है लंबा सफर
गांव से गन्ना लेकर चीनी मिल जाने वाला रास्ता गड्ढों में तब्दील है। गड्ढों से बचने के लिए किसानों को लंबा सफर करना पड़ता है और खर्चा भी ज्यादा होता है। - बबलू सिंह, बाछौड़।
वर्जन
गन्ना विभाग की 31 सड़कों के निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। जिसमें अभी तक मंजूरी नहीं मिल पाई है। मंजूरी मिलते ही सड़कों के निर्माण पर काम शुरू करा दिया जाएगा। - अतुल कुमार, अधिशासी अभियंता, लोनिवि।