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यूरिया के संकट से किसान परेशान
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रमाला। क्षेत्र में यूरिया का संकट खत्म नहीं हो पा रहा है। सहकारी समितियों और अधिकतर निजी दुकानों पर यूरिया उपलब्ध नहीं होने से किसान परेशान हैं। किसानों ने कृषि अधिकारी से खाद की किल्लत दूर करने की मांग की है।
क्षेत्र में कासिमपुर खेड़ी, किशनपुर बराल, बिजरौल, रमाला, किरठल आदि करीब आठ सहकारी समितियों तथा 50 निजी दुकानों में से 40 पर यूरिया उपलब्ध नहीं हैं। ज्यादा दिक्कत सहकारी समितियों पर है। क्षेत्र में ज्यादा किसान सहकारी समितियों से यूरिया खरीदते हैं। भाकियू के संजीव तोमर, सहकारी चीनी मिल रमाला के पूर्व उपसभापति रवींद्र मुखिया, किरठल निवासी सुधीर प्रमुख ने बताया कि यूरिया नहीं मिलने से गन्ने और चारा की फसल प्रभावित हो सकती है। किसानों को कई-कई दिन यूरिया का इंतजार करना पड़ रहा है। दो दिन की लगातार बारिश के बाद किसानों को फसलों के लिए यूरिया खाद की काफी किल्लत हो रही है। कुछ निजी दुकानदार खाद की कालाबाजारी करने से बाज नहीं आ रहे है। प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। यदि जल्द ही यूरिया की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो किसानों की फसल खराब हो जाएगी। संवाद
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क्षेत्र में कासिमपुर खेड़ी, किशनपुर बराल, बिजरौल, रमाला, किरठल आदि करीब आठ सहकारी समितियों तथा 50 निजी दुकानों में से 40 पर यूरिया उपलब्ध नहीं हैं। ज्यादा दिक्कत सहकारी समितियों पर है। क्षेत्र में ज्यादा किसान सहकारी समितियों से यूरिया खरीदते हैं। भाकियू के संजीव तोमर, सहकारी चीनी मिल रमाला के पूर्व उपसभापति रवींद्र मुखिया, किरठल निवासी सुधीर प्रमुख ने बताया कि यूरिया नहीं मिलने से गन्ने और चारा की फसल प्रभावित हो सकती है। किसानों को कई-कई दिन यूरिया का इंतजार करना पड़ रहा है। दो दिन की लगातार बारिश के बाद किसानों को फसलों के लिए यूरिया खाद की काफी किल्लत हो रही है। कुछ निजी दुकानदार खाद की कालाबाजारी करने से बाज नहीं आ रहे है। प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। यदि जल्द ही यूरिया की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो किसानों की फसल खराब हो जाएगी। संवाद
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