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Baghpat News: पंचायत में किसानों ने आवाज की बुंलद

Thu, 21 Sep 2023 05:35 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 21 Sep 2023 05:35 PM IST
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Farmers raised their voice in Panchayat
-प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया, ज्ञापन सौंपा
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फोटो संख्या 2
बड़ौत। बकाया गन्ना भुगतान, बढ़ी विद्युत दरें वापस लेने, निराश्रित गोवंशों का स्थायी समाधान व ट्यूबवेलों के काटे जा रहे कनेक्शन के विरोध सहित विभिन्न मांगाें को लेकर बृहस्पतिवार को तहसील में किसानों की पंचायत हुई। इसमें बार-बार प्रशासन को समस्याओं से अवगत कराए जाने के बाद भी मांग पूरी न होने पर नाराजगी जताई गई। हालांकि पंचायत की सूचना पर किसानों के बीच पहुंचे तहसीलदार को किसानों ने ज्ञापन सौंपकर 15 दिन का समय दिया। चेतावनी दी कि यदि 15 दिन के अंदर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो इस बार पंचायत कर आंदोलन का बिगुल बजा दिया जाएगा। इसका जिम्मेदार खुद प्रशासन होगा।

थांबेदार चौधरी ब्रजपाल सिंह की अध्यक्षता व किसान नेता विक्रम सिंह आर्य के संचालन में पंचायत हुई। पंचायत में छपरौली, लूंब, तुगाना, किरठल, रमाला, बावली, बरवाला, मलकपुर, जौनमाना, ढिकाना, लुहारी, बिराल, कासिमपुर खेड़ी, वाजिदपुर, गुराना, बड़का सहित कई गांवों के किसान पहुंचे। पंचायत में विक्रम आर्य ने कहा कि इस समय चीनी का भाव अंतराष्ट्रीय बाजारों में अच्छा है और चीनी की डिमांड बढ़ रही है, बावजूद इसके किसानों को बकाया गन्ना का भुगतान नहीं दिलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री ने ट्यूबवेलों के बिल माफ करते हुए फ्री बिजली देने की घोषणा की थी। वहीं दूसरी ओर बिजली विभाग किसानों के नलकूपों व घरेलू कनेक्शन काटकर उनका उत्पीड़न कर रहे हैं, यह बर्दास्त नहीं किया जाएगा। पंचायत को सम्बोधित करते हुए रालोद नेता विश्वास चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान विरोधी नीतियों पर काम कर रही है। जब तक किसान एकजुट नहीं होगा, तब तक किसानों का ऐसे ही शोषण होता रहेगा। किसानों को एकजुट होकर प्रदेश सरकार के खिलाफ आवाज बुंलद करनी चाहिए, तभी उनकी मांगें पूरी होंगी, अन्यथा नहीं। थांबेदार ब्रजपाल चौधरी ने कहा कि 15 अक्टूबर तक सत्र 2022-23 का सम्पूर्ण भुगतान कराया जाए। साथ ही 1 अप्रैल से ट्यूबवेलों की फ्री बिजली करने की घोषणा को लागू किया जाए। इसके अलावा निराश्रित गोवशों को गोशाला में भेजा जाए ताकि किसानों की फसल बर्बाद होने से बच सके। इस दौरान तहसीलदार अमर सिंह वर्मा पंचायत में पहुंचे, जहां पर किसानों ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर 15 दिन का अल्टीमेटम दिया। इसके बाद आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी। पंचायत में चौबीस खाप चौधरी सुभाष सिंह, अशोक लुहारी, प्रमोद, सत्यवीर, राजवीर, भोपाल आदि शामिल रहे।
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