{"_id":"62a7818dbd1d2a4eee6da278","slug":"farmers-announced-not-to-allow-meters-to-be-installed-on-tube-wells-baghpat-news-mrt5927560138","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat: हम मर जाएंगे, लेकिन ट्यूबवेलों पर मीटर नहीं लगवाएंगे, डीएम और किसानों के बीच खूब हुई खींचतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat: हम मर जाएंगे, लेकिन ट्यूबवेलों पर मीटर नहीं लगवाएंगे, डीएम और किसानों के बीच खूब हुई खींचतान
Mon, 13 Jun 2022 11:57 PM IST
मेरठ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jun 2022 11:57 PM IST
सार
किसानों ने प्रस्ताव रखा कि वे ऊर्जा निगम को गन्ना पर्ची दे देंगे, जिससे वह सीधे शुगर मिल से बिल का बकाया वसूल कर लें। किसानों ने डीएम के सामने समस्या उठाई कि ऊर्जा निगम के कर्मचारी गांवों में छापा मारते हैं। वे छापा मारकर लोगों से अवैध वसूली करते हैं और इसमें ऊर्जा निगम कर्मियों के साथ ही विजिलेंस कर्मी होते हैं।
विज्ञापन
बागपत कलक्ट्रेट में एडीएम के सामने हंगामा करते रालोद कार्यकर्ता व किसान
- फोटो : BAGHPAT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बागपत में कलक्ट्रेट सभागार में सोमवार को डीएम राजकमल यादव व एडीएम अमित कुमार के साथ किसानों की बैठक हुई। जहां किसानों ने साफ कर दिया कि मर जाएंगे परंतु किसी भी हालत में ट्यूबवेलों पर मीटर नहीं लगवाएंगे। डीएम ने उन्हें समझाया कि मीटर लगने से कोई नुकसान या अतिरिक्त भार नहीं पडे़गा। इसके बावजूद किसान जिद पर अड़े रहे। इसको लेकर काफी खींचतान हुई।
किसानों ने डीएम के सामने कई समस्याएं रखीं। उनसे कहा कि विद्युत बिल जमा नहीं होने पर घरेलू बिजली कनेक्शन काटे जा रहे हैं। जब गन्ना मूल्य भुगतान नहीं हुआ तो बिल कहां से जमा करें। किसानों ने कहा कि जब तक बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होगा, तब तक बिजली का बिल जमा नहीं करेंगे तथा कनेक्शन भी नहीं कटने देंगे। किसानों ने प्रस्ताव रखा कि वे ऊर्जा निगम को गन्ना पर्ची दे देंगे, जिससे वह सीधे शुगर मिल से बिल का बकाया वसूल कर लें।
इस पर एसई रणविजय सिंह ने कहा कि ऐसा हो सकता है, लेकिन एकमुश्त योजना के तहत ब्याज की छूट मिलने की समस्या होगी। इस तरह किसानों व अधिकारियों के बीच इसको लेकर सहमति नहीं बन सकी। इस दौरान रालोद के राष्ट्रीय सचिव सुखबीर सिंह गठीना, पूर्व जिलाध्यक्ष जगपाल तेवतिया, यशपाल सिंह, किसान नेता मुनेश बरवाला, सुरेश राणा, संजू चौधरी, गौरव तोमर, राजू तोमर सिरसली, नरेश तोमर, बच्चू राणा, विनोद तोमर, जितेंद्र धामा, सुभाष नैन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
मलकपुर मिल से 15 करोड़ भुगतान कराया
किसानों ने गन्ना मूल्य भुगतान की समस्या उठाई तो जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार ने कहा कि सोमवार को मलकपुर शुगर मिल से किसानों का 15 करोड़ रुपये का भुगतान करा दिया है। इसके अतिरिक्त 20 जून तक अन्य 25 करोड़ रुपये का भुगतान कराया जाएगा। अगले महीने करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये भुगतान कराने का प्रयास किया जाएगा। जिस पर किसानों ने कहा कि जब तक गन्ना मूल्य भुगतान उनके खातों में नहीं पहुंचता है, तब तक उन्हें विश्वास नहीं होगा।
ऊर्जा निगम पर छापा मारकर अवैध वसूली का आरोप
किसानों ने डीएम के सामने समस्या उठाई कि ऊर्जा निगम के कर्मचारी गांवों में छापा मारते हैं। उनके साथ गांव के संविदा कर्मी भी शामिल होते हैं। वे छापा मारकर लोगों से अवैध वसूली करते हैं और इसमें ऊर्जा निगम कर्मियों के साथ ही विजिलेंस कर्मी होते हैं। इनकी पूरी वसूली गांव के संविदा कर्मी कराते हैं। इस पर डीएम राजकमल यादव ने कहा कि ऐसे संविदा कर्मियों की ड्यूटी अन्य गांवों में लगाई जाएगी। जिससे वे गांव में राजनीति नहीं कर सकें।
डीएम की पानी बचाने की अपील
डीएम राजकमल यादव ने नहरों में पानी नहीं आने के साथ भू-जल स्तर काफी गिरने पर कहा कि इसके लिए हम खुद जिम्मेदार हैं। हर घर में सबमर्सिबल लगवा दिया है। उसे चलाकर छोड़ दिया जाता है। पानी की बर्बादी रोककर जल संरक्षण करना होगा। इसके लिए लोगों को जागरूक करने की अपील की गई। इसके साथ ही लावारिस पशुओं की समस्या पर कहा कि गोशालाएं बनाई जा रही हैं।
विज्ञापन
किसानों ने डीएम के सामने कई समस्याएं रखीं। उनसे कहा कि विद्युत बिल जमा नहीं होने पर घरेलू बिजली कनेक्शन काटे जा रहे हैं। जब गन्ना मूल्य भुगतान नहीं हुआ तो बिल कहां से जमा करें। किसानों ने कहा कि जब तक बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होगा, तब तक बिजली का बिल जमा नहीं करेंगे तथा कनेक्शन भी नहीं कटने देंगे। किसानों ने प्रस्ताव रखा कि वे ऊर्जा निगम को गन्ना पर्ची दे देंगे, जिससे वह सीधे शुगर मिल से बिल का बकाया वसूल कर लें।
विज्ञापन
इस पर एसई रणविजय सिंह ने कहा कि ऐसा हो सकता है, लेकिन एकमुश्त योजना के तहत ब्याज की छूट मिलने की समस्या होगी। इस तरह किसानों व अधिकारियों के बीच इसको लेकर सहमति नहीं बन सकी। इस दौरान रालोद के राष्ट्रीय सचिव सुखबीर सिंह गठीना, पूर्व जिलाध्यक्ष जगपाल तेवतिया, यशपाल सिंह, किसान नेता मुनेश बरवाला, सुरेश राणा, संजू चौधरी, गौरव तोमर, राजू तोमर सिरसली, नरेश तोमर, बच्चू राणा, विनोद तोमर, जितेंद्र धामा, सुभाष नैन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
मलकपुर मिल से 15 करोड़ भुगतान कराया
किसानों ने गन्ना मूल्य भुगतान की समस्या उठाई तो जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार ने कहा कि सोमवार को मलकपुर शुगर मिल से किसानों का 15 करोड़ रुपये का भुगतान करा दिया है। इसके अतिरिक्त 20 जून तक अन्य 25 करोड़ रुपये का भुगतान कराया जाएगा। अगले महीने करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये भुगतान कराने का प्रयास किया जाएगा। जिस पर किसानों ने कहा कि जब तक गन्ना मूल्य भुगतान उनके खातों में नहीं पहुंचता है, तब तक उन्हें विश्वास नहीं होगा।
ऊर्जा निगम पर छापा मारकर अवैध वसूली का आरोप
किसानों ने डीएम के सामने समस्या उठाई कि ऊर्जा निगम के कर्मचारी गांवों में छापा मारते हैं। उनके साथ गांव के संविदा कर्मी भी शामिल होते हैं। वे छापा मारकर लोगों से अवैध वसूली करते हैं और इसमें ऊर्जा निगम कर्मियों के साथ ही विजिलेंस कर्मी होते हैं। इनकी पूरी वसूली गांव के संविदा कर्मी कराते हैं। इस पर डीएम राजकमल यादव ने कहा कि ऐसे संविदा कर्मियों की ड्यूटी अन्य गांवों में लगाई जाएगी। जिससे वे गांव में राजनीति नहीं कर सकें।
डीएम की पानी बचाने की अपील
डीएम राजकमल यादव ने नहरों में पानी नहीं आने के साथ भू-जल स्तर काफी गिरने पर कहा कि इसके लिए हम खुद जिम्मेदार हैं। हर घर में सबमर्सिबल लगवा दिया है। उसे चलाकर छोड़ दिया जाता है। पानी की बर्बादी रोककर जल संरक्षण करना होगा। इसके लिए लोगों को जागरूक करने की अपील की गई। इसके साथ ही लावारिस पशुओं की समस्या पर कहा कि गोशालाएं बनाई जा रही हैं।

बागपत कलक्ट्रेट सभागार में एडीएम से समस्या रखते किसान नेता- फोटो : BAGHPAT