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इलाज न मिलने से किसान की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, बिनौली
Updated Wed, 06 Dec 2017 01:48 AM IST
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दादरी गांव के एक किसान की मंगलवार की शाम आर्थिक तंगी के चलते बीमारी का इलाज न होने पर मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने बताया मलकपुर चीनी मिल पर उनका लाखों रुपये गन्ना भुगतान बकाया है। भुगतान नहीं होने के कारण किसान का इलाज नहीं कराया जा सका।
मृतक किसान श्रीचंद पुत्र शादीराम उम्र 68 वर्ष दादरी गांव का रहने वाला है। वह पिछले तीन-चार माह से आंत में संक्रमण होने के कारण बीमार चल रहा था। परिजनों ने स्थानीय चिकित्सकों को दिखाया तो उन्होंने कई तरह के टेस्ट बताए, लेकिन इलाज के लिए पर्याप्त धनराशि न होने के कारण पीड़ित किसान को परिजन न तो बड़ौत चिकित्सक के यहां पर ले जा सके और न ही मेरठ या दिल्ली।
समय पर इलाज न मिलने के कारण मंगलवार को पीड़ित किसान ने दम तोड़ दिया। इससे परिजनों मेें कोहराम मच गया। मृतक के भतीजे रामबीर ने बताया कि उनका पिछलेे वर्ष का गन्ना मूल्य भुगतान तीन लाख से अधिक मलकपुर शुगर मिल पर है।
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कई बार मिल, प्रशासनिक अधिकारियों सहित समिति के अधिकारियों को मजबूरी बताई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने मिल प्रबंधन और प्रशासन को भुगतान न मिलने के लिए दोषी ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की। डीएम भवानी सिंह खंगारौत का कहना है कि मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।
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मृतक किसान श्रीचंद पुत्र शादीराम उम्र 68 वर्ष दादरी गांव का रहने वाला है। वह पिछले तीन-चार माह से आंत में संक्रमण होने के कारण बीमार चल रहा था। परिजनों ने स्थानीय चिकित्सकों को दिखाया तो उन्होंने कई तरह के टेस्ट बताए, लेकिन इलाज के लिए पर्याप्त धनराशि न होने के कारण पीड़ित किसान को परिजन न तो बड़ौत चिकित्सक के यहां पर ले जा सके और न ही मेरठ या दिल्ली।
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समय पर इलाज न मिलने के कारण मंगलवार को पीड़ित किसान ने दम तोड़ दिया। इससे परिजनों मेें कोहराम मच गया। मृतक के भतीजे रामबीर ने बताया कि उनका पिछलेे वर्ष का गन्ना मूल्य भुगतान तीन लाख से अधिक मलकपुर शुगर मिल पर है।
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कई बार मिल, प्रशासनिक अधिकारियों सहित समिति के अधिकारियों को मजबूरी बताई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने मिल प्रबंधन और प्रशासन को भुगतान न मिलने के लिए दोषी ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की। डीएम भवानी सिंह खंगारौत का कहना है कि मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।