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Baghpat News: हर कोई करता है फैसले का सम्मान, हमेशा भाईचारा रहेगा कायम

Thu, 08 Feb 2024 02:09 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Updated Thu, 08 Feb 2024 02:09 AM IST
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Everyone respects the decision, brotherhood will always remain.
बरनावा गांव में लाक्षाग्रह टीले पर चर्चा करते हिन्दू समाज के लोग। संवाद।
बिनौली (बागपत)। बरनावा के महाभारत कालीन लाक्षागृह को लेकर 53 वर्ष बाद हिंदुओं के पक्ष में फैसला आने के बाद वहां हर तरफ इसकी ही चर्चा हो रही है। गांव में हिंदू पक्ष के लोग टीले का विकास व सुंदरीकरण कराने की बात कहते हैं तो मुस्लिम पक्ष के लोग गांव में हमेशा आपसी प्रेम भाईचारा, शांति व्यवस्था कायम रखने की बात करते हैं।
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बरनावा में जयनंद के घेरे में बैठकर लाक्षागृह टीले न्यायालय के फैसले को लेकर चर्चा करते हुए नरेंद्र त्यागी कहते हैं कि यह महाभारत कालीन ऐतिहासिक धरोहर लाक्षागृह ही है। मुस्लिम पक्ष के लोग इसे मजार गलत बता रहे थे। न्यायालय ने मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज कर लाक्षागृह होने का फैसला बिल्कुल सही सुनाया है। ओमी भगतजी कहते हैं कि कृष्णदत्त महाराज ने यहां लाक्षागृह होने की लड़ाई शुरू की।
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उन्होंने अपने ब्रह्मलीन प्रवचनों में भी यहां लाक्षागृह होने का वर्णन किया। बालकिशोर त्यागी ने कोर्ट के फैसले को हिंदुओं की आस्था की जीत बताया। तभी रामबीर शर्मा ने कहा कि विवाद के चलते टीला जीर्णशीर्ण हालत में है। अब टीले का विकास होना चाहिए। विद्यालय की गांधी धाम समिति के पदाधिकारियों को यहां बच्चों के लिए संस्कृत शिक्षा के साथ तकनीकी शिक्षा को बढ़ाने के लिए कार्य करना चाहिए। अंगद त्यागी, जयनंद ने भी कोर्ट के फैसले पर खुशी जताई है।
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वहीं गांव में दाहा-बरनावा मार्ग पर बैठे मुस्लिम पक्ष के पूर्व प्रधान जरीफ कुरैशी ने कहा कि विवाद नया हो या पुराना, उसका फैसला होना चाहिए। कोर्ट के फैसले का सम्मान है। अनीश कुरैशी ने कहा कि बरनावा हिंदू-मुस्लिम आपसी प्रेम भाईचारे की मिसाल से जाना जाता है। यहां हिंदू मुस्लिम समाज के लोग एक दूसरे के त्योहारों में शरीक होकर प्रेम भाव से मनाते हैं। यह प्रेम, भाईचारा कायम रहेगा।

बाबू चौधरी ने कहा कि यहां हिंदू, मुस्लिम, जैन सभी भाई-भाई हैं। बरनावा की कांवड़ सेवा समिति में भी मुस्लिम लोग कांवड़ियों की सेवा करते हैं। बरनावा हिंदू-मुस्लिम कौमी एकता की मिसाल देश में प्रसिद्ध होगी। मुखिया लईक अहमद, जब्बो, भुरू कुरैशी, आजाद पठान, जावेद चौधरी ने कोर्ट के फैसले का स्वागत सम्मान कर गांव में अमन चैन की दुआ की।
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