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सरकार से पैसा लेकर भी बेटियों के हाथ पीले नहीं करा सके अफसर
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- शादी के लिए मिलने वाली अनुदान राशि का 58 लाख रुपया बचा, 291 बेटियों को मिल सकता था लाभ
- सामूहिक विवाह योजना के 16 लाख 83 हजार भी नहीं हुए खर्च, 33 जोड़ों की शादियां करा सकते थे अफसर
- गरीब परिवारों को योजना की जानकारी नहीं होने के कारण बच गया रुपया, जन प्रतिनिधियों तक का सहारा नहीं लिया
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बजट का रोना रोने वाले सरकारी विभागों को जब आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को योजना का लाभ देने के लिए सरकार से पैसा मिल जाता है तो अधिकारी उसे दबाकर बैठ जाते हैं। बागपत जनपद में शादी अनुदान योजना और सामूहिक विवाह योजना में अफसरों की कुछ ऐसी ही कार्यप्रणाली सामने आई है। इन योजनाओं में सरकार से करोड़ों का बजट मिलने के बाद भी अधिकारियों ने बेटियों के हाथ पीले नहीं कराए। अब लाखों रुपये का बजट बच गया है, जिसे सरकार को वापस देना पड़ेगा।
सरकार की शादी अनुदान योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बेटी की शादी में बीस हजार रुपये दिए जाते है। इसके साथ ही सामूहिक विवाह योजना में शादी कराकर 36 हजार रुपये और अन्य सामान दिया जाता है। समाज कल्याण विभाग को शादी अनुदान योजना में अनुसूचित जाति के लिए वित्त वर्ष 2021-22 में 80 लाख रुपये मिले, जिनमें से केवल 43 लाख 80 हजार रुपये ही बेटियों को अनुदान के रूप में दिए गए। इस तरह 36 लाख 20 हजार रुपये बच गए। शादी अनुदान योजना में सामान्य वर्ग के लिए 40 लाख रुपये मिले, जिनमें से 18 लाख रुपये ही अनुदान के रूप में दिए गए। 22 लाख रुपये बच गए। इस तरह दोनाें वर्गों के लिए शादी अनुदान योजना में 58 लाख 20 हजार रुपया बचा है। एक बेटी की शादी में बीस हजार रुपये दिए जाते है, जिसके आधार पर 291 बेटियों को लाभ दिया जा सकता था। उधर, सामूहिक विवाह योजना के तहत एक करोड़ 48 लाख 92 हजार रुपये मिले थे और 325 शादियां कराने का लक्ष्य था। मगर, 292 शादियां ही अधिकारी करा सके और 16 लाख 83 रुपये बच गए। अब यह रुपये किसी कार्य के नहीं है, बल्कि यह रुपया सरकार के पास वापस जाएगा।
शादी अनुदान योजना व सामूहिक विवाह योजना के बारे में कोई जानकारी किसी प्रतिनिधि या प्रधान को नहीं दी गई। अगर इस योजना के बारे में बताया जाता तो आर्थिक रूप से कमजोर काफी परिवार है, जिनको इस योजना का लाभ दिलाया जा सकता था। अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही योजनाओं का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। - प्रीति, प्रधान फैजपुर निनाना
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किस कारण से रुपये खर्च नहीं हो सके है, इसका पता कराया जाएगा। इसके साथ ही आगे से इस तरह नहीं हो सके, उसके लिए अधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा लोगों को योजनाओं का लाभ देने के निर्देश दिए जाएंगे। - राजकमल यादव, डीएम
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- सामूहिक विवाह योजना के 16 लाख 83 हजार भी नहीं हुए खर्च, 33 जोड़ों की शादियां करा सकते थे अफसर
- गरीब परिवारों को योजना की जानकारी नहीं होने के कारण बच गया रुपया, जन प्रतिनिधियों तक का सहारा नहीं लिया
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बजट का रोना रोने वाले सरकारी विभागों को जब आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को योजना का लाभ देने के लिए सरकार से पैसा मिल जाता है तो अधिकारी उसे दबाकर बैठ जाते हैं। बागपत जनपद में शादी अनुदान योजना और सामूहिक विवाह योजना में अफसरों की कुछ ऐसी ही कार्यप्रणाली सामने आई है। इन योजनाओं में सरकार से करोड़ों का बजट मिलने के बाद भी अधिकारियों ने बेटियों के हाथ पीले नहीं कराए। अब लाखों रुपये का बजट बच गया है, जिसे सरकार को वापस देना पड़ेगा।
सरकार की शादी अनुदान योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बेटी की शादी में बीस हजार रुपये दिए जाते है। इसके साथ ही सामूहिक विवाह योजना में शादी कराकर 36 हजार रुपये और अन्य सामान दिया जाता है। समाज कल्याण विभाग को शादी अनुदान योजना में अनुसूचित जाति के लिए वित्त वर्ष 2021-22 में 80 लाख रुपये मिले, जिनमें से केवल 43 लाख 80 हजार रुपये ही बेटियों को अनुदान के रूप में दिए गए। इस तरह 36 लाख 20 हजार रुपये बच गए। शादी अनुदान योजना में सामान्य वर्ग के लिए 40 लाख रुपये मिले, जिनमें से 18 लाख रुपये ही अनुदान के रूप में दिए गए। 22 लाख रुपये बच गए। इस तरह दोनाें वर्गों के लिए शादी अनुदान योजना में 58 लाख 20 हजार रुपया बचा है। एक बेटी की शादी में बीस हजार रुपये दिए जाते है, जिसके आधार पर 291 बेटियों को लाभ दिया जा सकता था। उधर, सामूहिक विवाह योजना के तहत एक करोड़ 48 लाख 92 हजार रुपये मिले थे और 325 शादियां कराने का लक्ष्य था। मगर, 292 शादियां ही अधिकारी करा सके और 16 लाख 83 रुपये बच गए। अब यह रुपये किसी कार्य के नहीं है, बल्कि यह रुपया सरकार के पास वापस जाएगा।
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शादी अनुदान योजना व सामूहिक विवाह योजना के बारे में कोई जानकारी किसी प्रतिनिधि या प्रधान को नहीं दी गई। अगर इस योजना के बारे में बताया जाता तो आर्थिक रूप से कमजोर काफी परिवार है, जिनको इस योजना का लाभ दिलाया जा सकता था। अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही योजनाओं का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। - प्रीति, प्रधान फैजपुर निनाना
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किस कारण से रुपये खर्च नहीं हो सके है, इसका पता कराया जाएगा। इसके साथ ही आगे से इस तरह नहीं हो सके, उसके लिए अधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा लोगों को योजनाओं का लाभ देने के निर्देश दिए जाएंगे। - राजकमल यादव, डीएम