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बीटेक पर भारी पड़ रही आईटीआई
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बीटेक पर भारी पड़ रही आईटीआई
बागपत। रोजगार के घटते अवसर के साथ इंजीनियरिंग कॉलेजों पर संकट के बादल हैं। पिछले कुछ साल में जिले में चार कॉलेजों ने बीटेक की पढ़ाई बंद कर दी है। यही वजह है कि पिछले पांच साल में तेजी से इंजीनियरिंग को लेकर युवाओं का रुझान कम होता जा रहा है। इसके उलट आईटीआई का क्रेज बरकरार है। जिले में आईटीआई की आठ शिक्षण संस्थाएं हैं। जिनमें सीट भर जाती हैं। राजकीय आईटीआई खेकड़ा में सीटें भर जाती हैं। इसकी वजह यह है कि आईटीआई दसवीं करते ही रोजगार परक कोर्स उपलब्ध कराता है। रोजगार मिलता है। जबकि बीटेक के लिए छात्रों की संख्या घट जाती हैं। सीटें पूरी नहीं होती और रोजगार नहीं मिलने के कारण साल दर साल क्रेज घट रहा है।
पॉलीटेक्निक के आठ कॉलेजों में पढ़ाई
बागपत। इंजीनियरिंग के लिए आईटीआई, पॉलीटेक्निक और बीटेक के कोर्स हैं। आईटीआई के अलावा पॉलीटेक्निक को लेकर भी क्रेज है। जिले में आठ कॉलेज संचालित हैं।
इसलिए खाली रह जाती हैं सीट
बागपत। श्रीकृष्ण कॉलेज बालैनी के प्रबंधक रोहित यादव का कहना है कि सीटें खाली रहने के कारण जिले में बीटेक के कॉलेज बंद हुए हैं। इसकी वजह यह है कि आईटीआई में दसवीं पास छात्र लिए जाते हैं। वहां प्रवेश की चाह रखने वालों की संख्या ज्यादा है और रोजगार के अवसर भी हैं। बीटेक तक आने में छात्रों की संख्या घट जाती है और कॉलेज ज्यादा थे।
दो छात्रों ने बनाया पढ़ाई का एप
बागपत। नगर निवासी आशीष और श्लोक कौशिक ने कोरोना काल में पढ़ाई के लिए एप बनाने का काम किया है। दोनों ने बताया कि वह हर क्षेत्र में अवसरों की कमी नहीं है। उन्होंने गुरु स्कूल के नाम से एप बनाया, जिसे सराहना मिली है।
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बागपत। रोजगार के घटते अवसर के साथ इंजीनियरिंग कॉलेजों पर संकट के बादल हैं। पिछले कुछ साल में जिले में चार कॉलेजों ने बीटेक की पढ़ाई बंद कर दी है। यही वजह है कि पिछले पांच साल में तेजी से इंजीनियरिंग को लेकर युवाओं का रुझान कम होता जा रहा है। इसके उलट आईटीआई का क्रेज बरकरार है। जिले में आईटीआई की आठ शिक्षण संस्थाएं हैं। जिनमें सीट भर जाती हैं। राजकीय आईटीआई खेकड़ा में सीटें भर जाती हैं। इसकी वजह यह है कि आईटीआई दसवीं करते ही रोजगार परक कोर्स उपलब्ध कराता है। रोजगार मिलता है। जबकि बीटेक के लिए छात्रों की संख्या घट जाती हैं। सीटें पूरी नहीं होती और रोजगार नहीं मिलने के कारण साल दर साल क्रेज घट रहा है।
पॉलीटेक्निक के आठ कॉलेजों में पढ़ाई
बागपत। इंजीनियरिंग के लिए आईटीआई, पॉलीटेक्निक और बीटेक के कोर्स हैं। आईटीआई के अलावा पॉलीटेक्निक को लेकर भी क्रेज है। जिले में आठ कॉलेज संचालित हैं।
इसलिए खाली रह जाती हैं सीट
बागपत। श्रीकृष्ण कॉलेज बालैनी के प्रबंधक रोहित यादव का कहना है कि सीटें खाली रहने के कारण जिले में बीटेक के कॉलेज बंद हुए हैं। इसकी वजह यह है कि आईटीआई में दसवीं पास छात्र लिए जाते हैं। वहां प्रवेश की चाह रखने वालों की संख्या ज्यादा है और रोजगार के अवसर भी हैं। बीटेक तक आने में छात्रों की संख्या घट जाती है और कॉलेज ज्यादा थे।
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दो छात्रों ने बनाया पढ़ाई का एप
बागपत। नगर निवासी आशीष और श्लोक कौशिक ने कोरोना काल में पढ़ाई के लिए एप बनाने का काम किया है। दोनों ने बताया कि वह हर क्षेत्र में अवसरों की कमी नहीं है। उन्होंने गुरु स्कूल के नाम से एप बनाया, जिसे सराहना मिली है।
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