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मार्च से दौड़ती नजर आएगी इलेक्ट्रॉनिक ट्रेन
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बागपत के खेकड़ा रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म को हाईलेवल कराते कार्यदायी संस्था के ठेकेदार।
- फोटो : KAHKRA
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खेकड़ा समेत मार्ग के स्टेशनों को हाईलेवल बनाने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा (बागपत)। दिल्ली-सहारनपुर रेलमार्ग पर मार्च 2022 से इलेक्ट्रॉनिक ट्रेन दौड़ती नजर आएगी। इनसे लोगों की सुविधाओं में बढ़ोतरी होने के साथ ही दूरी तय करने में समय की बचत होगी। खेकड़ा समेत मार्ग के स्टेशनों को हाईलेवल बनाने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है।
दिल्ली-शामली-सहारनपुर रेलमार्ग पर इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाने के लिए विद्युतीकरण और सिग्नल कोर का कार्य पूर्ण होने के साथ ही जेनरेटर रूम, बैटरी रूम, सिग्नल आपरेटिंग रूम आदि तैयार हैं। तारों में करंट छोड़ा जा चुका है। कई इलेक्ट्रिक इंजन टपरी तक जाकर वापस दिल्ली जा चुके हैं। अब मार्ग के सभी प्लेटफार्म रेल लेवल से बढ़ाकर हाई लेवल करने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है। ठेकेदार अरुण गोयल ने बताया कि फरवरी के अंत तक टपरी तक सभी स्टेशनों को हाई लेवल करने का फैसला लिया है। मार्च के प्रारंभ से ट्रैक पर इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ती नजर आएंगी।
बागपत, शामली जनपदों के हजारों दैनिक यात्रियों को इलेक्ट्रिक ट्रेन का फायदा होगा। ईएमयू में पायदान नहीं होते और यात्री स्टेशन पर ही उतर सकते हैं। दिल्ली-शामली मार्ग के लोनी, खेकड़ा, बागपत, बड़ौत, कासिमपुर खेड़ी, कांधला, शामली से टपरी तक सभी प्लेटफार्म फरवरी तक उच्च लेवल हो जाएंगे। अब डीजल वाले इंजन चल रहे हैं जो पर्यावरण पर काफी प्रभाव डाल रहे हैं। इलेक्ट्रिक इंजन जुड़ने के बाद ट्रेनों की गति भी तेज होगी। मौजूदा समय में ट्रेनें 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही हैं। इलेक्ट्रिक इंजन जुड़ने के बाद यह 90 से 100 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा (बागपत)। दिल्ली-सहारनपुर रेलमार्ग पर मार्च 2022 से इलेक्ट्रॉनिक ट्रेन दौड़ती नजर आएगी। इनसे लोगों की सुविधाओं में बढ़ोतरी होने के साथ ही दूरी तय करने में समय की बचत होगी। खेकड़ा समेत मार्ग के स्टेशनों को हाईलेवल बनाने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है।
दिल्ली-शामली-सहारनपुर रेलमार्ग पर इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाने के लिए विद्युतीकरण और सिग्नल कोर का कार्य पूर्ण होने के साथ ही जेनरेटर रूम, बैटरी रूम, सिग्नल आपरेटिंग रूम आदि तैयार हैं। तारों में करंट छोड़ा जा चुका है। कई इलेक्ट्रिक इंजन टपरी तक जाकर वापस दिल्ली जा चुके हैं। अब मार्ग के सभी प्लेटफार्म रेल लेवल से बढ़ाकर हाई लेवल करने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है। ठेकेदार अरुण गोयल ने बताया कि फरवरी के अंत तक टपरी तक सभी स्टेशनों को हाई लेवल करने का फैसला लिया है। मार्च के प्रारंभ से ट्रैक पर इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ती नजर आएंगी।
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बागपत, शामली जनपदों के हजारों दैनिक यात्रियों को इलेक्ट्रिक ट्रेन का फायदा होगा। ईएमयू में पायदान नहीं होते और यात्री स्टेशन पर ही उतर सकते हैं। दिल्ली-शामली मार्ग के लोनी, खेकड़ा, बागपत, बड़ौत, कासिमपुर खेड़ी, कांधला, शामली से टपरी तक सभी प्लेटफार्म फरवरी तक उच्च लेवल हो जाएंगे। अब डीजल वाले इंजन चल रहे हैं जो पर्यावरण पर काफी प्रभाव डाल रहे हैं। इलेक्ट्रिक इंजन जुड़ने के बाद ट्रेनों की गति भी तेज होगी। मौजूदा समय में ट्रेनें 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही हैं। इलेक्ट्रिक इंजन जुड़ने के बाद यह 90 से 100 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी।
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