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खेकड़ा रेलवे स्टेशन पर इलेक्ट्रानिक सिग्नल सिस्टम शुरू
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अधिकारियों ने टेस्टिंग भी की
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। खेकड़ा रेलवे स्टेशन को इलेक्ट्रानिक सिग्नल सिस्टम से लैस करने के साथ ही इसकी टेस्टिंग भी की गई। टेस्ट सफल होने के बाद अधिकारियों ने इसकी सूचना जोनल और मंडल अधिकारियों को दी। इस व्यवस्था के शुरू होने से ट्रेनें अब इलेक्ट्रिक सिग्नल पर चलेगी।
दिल्ली सहारनपुर रेल मार्ग का विद्युतीकरण किया जा रहा है। शाहदरा से शामली तक इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाए जाने के लिए बिजली के तार डाले जा चुके है। पुराने सिग्नल सिस्टम को हटाकर यहां पर इलेक्ट्रिक सिग्नल लगाए गए है। स्टेशन अधीक्षक चमन लाल शर्मा ने बताया कि इस तकनीक में सिग्नल के अग्रिम स्टार्टर को पार करते ही एक्सल काउंटर रेड हो जाएगा। रेड रहने तक स्टेशन मास्टर भी ट्रेन को लाइन क्लियर नहीं दे पाएंगे। कोई गड़बड़ी होगी तो वह तुरंत पकड़ में आ जाएगी। इससे ट्रेनों का परिचालन भी सुरक्षित तरीके से होगा। साथ ही क्विक ऑपरेशन के कारण ट्रेन परिचालन में समय की बचत भी होगी।
उन्होंने बताया कि दो से तीन दिन में इस मार्ग के सभी स्टेशनों को इलेक्ट्रानिक सिग्नल सिस्टम से लैस कर दिया जाएगा। इलेक्ट्रानिक सिग्नल सिस्टम संरक्षा और ट्रेन परिचालन के दृष्टिकोण से काफी उपयोगी होता है। इसमें रिले भी कम लगता है और सिग्नलिंग के तरीके से ट्रेन परिचालन होता है।
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खेकड़ा। खेकड़ा रेलवे स्टेशन को इलेक्ट्रानिक सिग्नल सिस्टम से लैस करने के साथ ही इसकी टेस्टिंग भी की गई। टेस्ट सफल होने के बाद अधिकारियों ने इसकी सूचना जोनल और मंडल अधिकारियों को दी। इस व्यवस्था के शुरू होने से ट्रेनें अब इलेक्ट्रिक सिग्नल पर चलेगी।
दिल्ली सहारनपुर रेल मार्ग का विद्युतीकरण किया जा रहा है। शाहदरा से शामली तक इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाए जाने के लिए बिजली के तार डाले जा चुके है। पुराने सिग्नल सिस्टम को हटाकर यहां पर इलेक्ट्रिक सिग्नल लगाए गए है। स्टेशन अधीक्षक चमन लाल शर्मा ने बताया कि इस तकनीक में सिग्नल के अग्रिम स्टार्टर को पार करते ही एक्सल काउंटर रेड हो जाएगा। रेड रहने तक स्टेशन मास्टर भी ट्रेन को लाइन क्लियर नहीं दे पाएंगे। कोई गड़बड़ी होगी तो वह तुरंत पकड़ में आ जाएगी। इससे ट्रेनों का परिचालन भी सुरक्षित तरीके से होगा। साथ ही क्विक ऑपरेशन के कारण ट्रेन परिचालन में समय की बचत भी होगी।
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उन्होंने बताया कि दो से तीन दिन में इस मार्ग के सभी स्टेशनों को इलेक्ट्रानिक सिग्नल सिस्टम से लैस कर दिया जाएगा। इलेक्ट्रानिक सिग्नल सिस्टम संरक्षा और ट्रेन परिचालन के दृष्टिकोण से काफी उपयोगी होता है। इसमें रिले भी कम लगता है और सिग्नलिंग के तरीके से ट्रेन परिचालन होता है।
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