Baghpat News:15 साल बाद स्कूलों में जली बिजली, रोशन चेहरे भी हुए, रंग लाया अमर उजाला का प्रयास
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आज के दौर में भी कोई बिना बिजली के रहता हो। यह सुनकर बड़ा अजीब लगता है। लेकिन सच्चाई यही है कि यहां के कई स्कूलों में बिजली के कनेक्शन ही नहीं थे। अमर उजाला ने मुद्दा उठाया तो अधिकारियों ने संज्ञान लेकर कनेक्शन लगवाने की प्रक्रिया शुरू कराई। जिनमें अब किसी में 15 वर्ष तो कहीं 13 वर्ष बाद बत्ती जली और उसकी रोशनी शिक्षकों व बच्चों के चेहरे पर खुशी के रूप में दिखी।
गौरीपुर जवाहरनगर में गर्मी में बेहाल रहते थे बच्चे
गौरीपुर जवाहरनगर के विद्यालय में वर्ष 2010 में कनेक्शन के लिए आवेदन किया गया। लेकिन वहां मीटर लगाकर छोड़ दिया गया और विद्युत कनेक्शन नहीं लगाया गया। जिससे छात्र-छात्राओं को कक्षा में गर्मी में बैठना पड़ता था और वह पढ़ने की जगह किताबों से हवा करते थे। कंप्यूटर भी बिजली के बिना संदूक में रखे हुए खराब हो गए थे। अब वहां बिजली कनेक्शन लगा है और शिक्षक व छात्र-छात्राएं काफी खुश है।
बली के विद्यालय में कनेक्शन के लिए भटकते रहे शिक्षक
बली गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में वर्ष 2008 में विद्युत कनेक्शन के लिए पत्र भेजा गया था। जहां 15 साल बाद भी कनेक्शन नहीं मिला, जिससे छात्र-छात्राओं का बुरा हाल रहता था। शिक्षा विभाग के अधिकारी भी पत्र आने पर उसे फाइलों में दबाकर बैठ जाते थे। वहां की समस्या को उठाया गया तो अब वहां भी कनेक्शन लग गया।
यहां बिजली व पानी की समस्या दूर हुई
छपरौली कस्बे के प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में बिजली का कनेक्शन नहीं था। छात्रों को कमरे में अंधेरे और गर्मी में पढ़ाई करनी पड़ती थी। बिजली का कनेक्शन न होने से सबमर्सिबल भी ठप था। छात्रों को अपने घर से बोतल में पानी लेकर स्कूल आना पड़ता था या फिर पड़ोस के घरों से पेयजल की व्यवस्था करनी पड़ती थी। वहां भी बिजली कनेक्शन लग गया और बिजली के साथ ही पानी की समस्या भी दूर हुई।
अमर उजाला ने उठाई हमारी समस्या
गौरीपुर जवाहरनगर के स्कूल की प्रधानाध्यापिका मनोज कुमारी नैन ने कहा कि अमर उजाला ने कई बार उनकी समस्या को उठाया। जिससे उस समस्या पर अधिकारियों ने संज्ञान लिया। बिजली कनेक्शन होने से समस्या दूर हो गई है।
स्कूलों में बिजली कनेक्शन की समस्या थी, जिसको दूर कराया गया है। स्कूल में अन्य किसी भी तरह की समस्या है और उसका समाधान नहीं होता है तो सीधे उन्हें बताया जा सकता है। जिससे उस समस्या का समाधान जल्द कराया जाए और बच्चों को कोई परेशानी नहीं हो। - राजकमल यादव, जिलाधिकारी