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Baghpat News: बिजली दे रही झटके, सिंचाई में लग रहे चार घंटे

Sat, 22 Apr 2023 12:25 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Updated Sat, 22 Apr 2023 12:25 AM IST
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Electric shocks, irrigation takes four hours
बागपत/बड़ौत। गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की अघोषित कटौती शुरू हो गई है। इसका सबसे ज्यादा असर नलकूपों के फीडर पर दिख रहा है। जिस खेत की सिंचाई में एक घंटा लगता है, उसमें चार घंटे तक लग रहे हैं। जिससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
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नलकूपों के फीडर के लिए बिजली आपूर्ति का दस घंटे का शेड्यूल है। नलकूपों के लिए सुबह साढ़े सात बजे से शाम के साढ़े पांच बजे तक बिजली आपूर्ति होनी है। मगर पिछले करीब एक सप्ताह से पांच-छह घंटे ही बिजली आपूर्ति हो रही है।
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बिजली आपूर्ति सुबह होती जरूर है, लेकिन उसके बाद दस मिनट से एक घंटे तक के अघोषित कट लग जाते हैं। इससे किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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फसलों की सिंचाई से लेकर बुवाई का समय चल रहा
किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह हो रही है कि इस समय फसलों की बुवाई हो रही है और फसल बुआई के लिए खेत की जुताई को पलेवा करना पड़ रहा है। इसके अलावा जिन फसलों की कुछ दिन पहले बुवाई हुई है, उनमें सिंचाई होनी है।
इसके लिए बिजली की सबसे ज्यादा जरूरत है। लेकिन बिजली के अघोषित कट के कारण कई गुणा समय ज्यादा लग रहा है। अगर किसी खेत की सिंचाई में एक घंटा लगता है और उसकी सिंचाई शुरू की गई तो खेत दूर होने पर पानी पहुंचते ही बिजली का कट लग जाता है।
कुछ देर बाद आपूर्ति होने पर दोबारा पानी खेत तक पहुंचता है या खेत के कुछ हिस्से तक पानी जाता है तो फिर से कट लग जाता है। उसके बाद दोबारा उस हिस्से में पानी जाता है। इस तरह से समस्या बढ़ी है।
हवा चलने की बात कहकर कट कर रहे बिजली
जिस तरह से बिजली आपूर्ति हो रही है, उसकी शिकायत कई बार किसान करते हैं। उनको यह कह दिया जाता है कि हवा चलने के कारण बिजली आपूर्ति बंद की गई है। जबकि अधिकतर ऐसा होता है कि बिजली कट के दौरान हवा भी नहीं चलती है। किसानों का आरोप है कि हवा चलने की बात कहकर अघोषित कट कर दिए जाते हैं। वहीं जब हवा चलती है तो तब कट नहीं लगाया जाता है।
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बिजली के अघोषित कट लगाए जा रहे है, जिससे परेशानी बढ़ गई है। खेत की सिंचाई में सामान्य रूप से बिजली आने पर करीब डेढ़ घंटा लगता है। लेकिन अब पांच से छह घंटे लग रहे है। एक दिन में खेत की सिंचाई हो रही है। सतेंद्र नैन, सरूरपुर
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हमारे यहां सुबह को आपूर्ति की जाती है, लेकिन बीच-बीच में कट लगाए जा रहे हैं। दोपहर तक सबसे ज्यादा कट लगते हैं और 12 बजे से शाम चार बजे तक आपूर्ति बिना कट के होती है। आपूर्ति करीब पांच घंटे हो रही है। जब शिकायत करते हैं तो कहा जाता है कि हवा के कारण कट लगाया गया है। - रणपाल, सिसाना
पिछले दस दिनों से बिजली कटौती बढ़ गई है। बिजली आती है और फिर गुल हो जाती है, जिस कारण खेत की सिंचाई करने में दिक्कतें आ रही है। कई बार तो फाल्ट हो जाने पर तार टूटकर खेतों में पड़ा रहता है, लेकिन सूचना के बाद भी कई-कई घंटे तक तो तार भी नहीं जुड़ता। - सलमान, धनौरा
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अब केवल छह घंटे ही बिजली मिल रही है। बाकी समस्या बताकर कट कर दी जाती है। ज्वार और गन्ने की फसल की बुवाई के लिए खेतों की सिंचाई नहीं हो रही है। विद्युत कटौती से किसान परेशान हैं। - विजय, गुराना

कोट...
नलकूपों के फीडर की बिजली आपूर्ति कई बार हवा चलने पर बंद कर दी जाती है। क्योंकि तार आपस में टकराने पर चिंगारी निकलकर फसल जलने का खतरा रहता है। इसलिए ही बिजली आपूर्ति कम हो गई है। अगर हवा चले बिना ही बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है तो किसान उसकी शिकायत दर्ज कराए। जिसकी जांच कराकर व्यवस्था ठीक कराई जा सके। - रणविजय सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम
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